बड़ा मंगल 2026: तरक्की में आ रही बाधाओं को दूर करेंगे ये अचूक उपाय, बरसेगी बजरंगबली की कृपा
ज्येष्ठ महीने के दूसरे बड़े मंगल पर हनुमान जी की पूजा का विधान है। ...और पढ़ें

रुके हुए काम होंगे पूरे और दूर होगा हर संकट। Ai Generated Image
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्येष्ठ महीने के मंगलवार, जिन्हें हम बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहते हैं। ये आस्था और शक्ति के मिलन का प्रतीक हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान पूजा-पाठ करने वालों पर हनुमान जी की खास कृपा रहती है। अगर आपके काम बनते-बनते बिगड़ रहे हैं या करियर में स्थिरता नहीं आ रही है, तो दूसरा बड़े मंगल के दिन आप यहां दिए के खास उपाय आजमा सकते हैं, जो इस प्रकार हैं -

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करें ये खास उपाय
पीपल के पत्तों का गुप्त उपाय
अगर करियर में रुकावट आ रही है, तो दूसरे बड़े मंगल पर 11 पीपल के पत्ते लें। उन्हें गंगाजल से धोकर उन पर अष्टगंध या चंदन से 'श्री राम' लिखें। इन पत्तों की माला बनाकर हनुमान जी को अर्पित करें। ध्यान रखें कि कोई भी पत्ता कटा-फटा न हो। यह उपाय आपके मार्ग की हर बाधा को हटाने की शक्ति रखता है।
मीठा पान
नौकरी में प्रमोशन या नए अवसर के लिए हनुमान जी को एक मीठा पान अर्पित करें। इसमें कत्था, गुलकंद, सौंफ और इलायची डलवाएं, लेकिन चूना और सुपारी न रखें। इसे चढ़ाने से साधक को मनचाही सफलता मिलती है।
सिंदूर का लेपन और चमेली का तेल
दूसरे बड़े मंगल पर हनुमान जी को चमेली के तेल में मिला हुआ सिंदूर चढ़ाएं। इसके बाद उनके दाहिने पैर के सिंदूर से अपने माथे पर तिलक लगाएं। यह आपके आत्मविश्वास में वृद्धि करता है, जो करियर में सफलता के लिए जरूरी है।
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नारियल वारें
अगर नजर दोष की वजह से आपके काम रुक रहे हैं, तो एक पानी वाला नारियल लेकर उसे अपने सिर से 7 बार वारकर हनुमान जी के चरणों में फोड़ दें और अपने अच्छे करियर की प्रार्थना करें।
मंत्र जाप
पूजन के समय 'ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्ट' मंत्र का जाप करें। यह मंत्र न केवल शत्रुओं का नाश करता है, बल्कि आपके कार्यक्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है।
भंडारा और सेवा का फल
बड़े मंगल पर प्याऊ लगवाना और चने-हलवे का प्रसाद बांटना चाहिए। जब आप दूसरों की सेवा करते हैं, तो संकटमोचन खुद आपके संकटों को हर लेते हैं।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्नमाध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
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