Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Kajari Teej पर पूजा के समय करें मां पार्वती के नामों का जप, पूरी होगी मनचाही मुराद

    Updated: Sun, 10 Aug 2025 08:00 PM (IST)

    ज्योतिषियों की मानें तो भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि (Kajari Teej 2025) पर सुकर्मा योग समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इन योग में देवों के देव महादेव और मां पार्वती की पूजा करने से साधक पर महादेव की कृपा बरसेगी। साथ ही सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी।

    Hero Image
    Kajari Teej 2025: कजरी तीज का धार्मिक महत्व

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मंगलवार 12 अगस्त को कजरी तीज का पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया जाएगा। यह पर्व हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि के दिन मनाया जाता है। इस शुभ तिथि पर देवों के देव महादेव और मां पार्वती की पूजा की जाती है। साथ ही शिव-शक्ति के निमित्त व्रत रखा जाता है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    धार्मिक मत है कि कजरी तीज के दिन व्रत रख भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही जीवन में सुखों का आगमन होता है। विवाहित महिलाएं और अविवाहित लड़कियां कजरी तीज का व्रत करती हैं।

    यह भी पढ़ें- Kajari Teej 2025: कजरी तीज की पूजा में जरूर करें ये काम, वैवाहिक जीवन होगा सुखी

    अगर आप भी देवों के देव महादेव और मां पार्वती की कृपा पाना चाहते हैं, तो कजरी तीज के दिन भक्ति भाव से शिव-शक्ति की पूजा करें। साथ ही पूजा के समय मां पार्वती के नामों का जप करें।

    मां पार्वती के 108 नाम

    1. ॐ पार्वतीयै नमः
    2. ॐ महा देव्यै नमः
    3. ॐ जगन्मात्रे नमः
    4. ॐ सरस्वत्यै नमः
    5. ॐ चण्डिकायै नमः
    6. ॐ लोक जनन्यायै नमः
    7. ॐ सर्वदेवादि देवतायै नमः
    8. ॐ शिवदुत्यै नमः
    9. ॐ विशालाक्ष्यै नमः
    10. ॐ चामुण्डायै नमः
    11. ॐ विष्णु सोदर्यै नमः
    12. ॐ चित्कलायै नमः
    13. ॐ चिन्मयाकरायै नमः
    14. ॐ महिषासुर मर्दन्यायै नमः
    15. ॐ कात्यायन्यै नमः
    16. ॐ काला रूपायै नमः
    17. ॐ गौरीयै नमः
    18. ॐ परमायै नमः
    19. ॐ ईशायै नमः
    20. ॐ नागेन्द्र तनयै नमः
    21. ॐ रौद्र्यै नमः
    22. ॐ कालरात्र्यै नमः
    23. ॐ तपस्विन्यै नमः
    24. ॐ गिरिजायै नमः
    25. ॐ मेनकथमजयै नमः
    26. ॐ भवन्यै नमः
    27. ॐ जनस्थानायै नमः
    28. ॐ वीर पथ्न्यायै नमः
    29. ॐ विरुपाक्ष्यै नमः
    30. ॐ वीराराधिथयै नमः
    31. ॐ हेमा भासयै नमः
    32. ॐ सृष्टि रूपायै नमः
    33. ॐ सृष्टि संहार करिण्यै नमः
    34. ॐ मातृकायै नमः
    35. ॐ महागौर्यै नमः
    36. ॐ रामायै नमः
    37. ॐ रामायै नमः
    38. ॐ शुचि स्मितयै नमः
    39. ॐ ब्रह्म स्वरूपिण्यै नमः
    40. ॐ राज्य लक्ष्म्यै नमः
    41. ॐ शिव प्रियायै नमः
    42. ॐ नारायण्यै नमः
    43. ॐ महा शक्तियै नमः
    44. ॐ नवोदयै नमः
    45. ॐ भाग्य दायिन्यै नमः
    46. ॐ अन्नपूर्णायै नमः
    47. ॐ सदानंदायै नमः
    48. ॐ यौवनायै नमः
    49. ॐ मोहिन्यै नमः
    50. ॐ सथ्यै नमः
    51. ॐ ब्रह्मचारिण्यै नमः
    52. ॐ शर्वाण्यै नमः
    53. ॐ देव मात्रे नमः
    54. ॐ त्रिलोचन्यै नमः
    55. ॐ ब्रह्मण्यै नमः
    56. ॐ वैष्णव्यै नमः
    57. ॐ अज्ञान शुद्ध्यै नमः
    58. ॐ ज्ञान गमयै नमः
    59. ॐ नित्यायै नमः
    60. ॐ नित्य स्वरूपिण्यै नमः
    61. ॐ कमलयै नमः
    62. ॐ कमलाकारायै नमः
    63. ॐ रक्तवर्णयै नमः
    64. ॐ कलानिधाय नमः
    65. ॐ मधु प्रियायै नमः
    66. ॐ कल्याण्यै नमः
    67. ॐ करुणायै नमः
    68. ॐ हरवः समायुक्त मुनि मोक्ष परायणै नमः
    69. ॐ धराधारा भवायै नमः
    70. ॐ मुक्तायै नमः
    71. ॐ वर मंत्रायै नमः
    72. ॐ शम्भव्यै नमः
    73. ॐ प्रणवथ्मिकायै नमः
    74. ॐ श्री महागौर्यै नमः
    75. ॐ रामजानयै नमः
    76. ॐ यौवनाकारायै नमः
    77. ॐ परमेष प्रियायै नमः
    78. ॐ परायै नमः
    79. ॐ पुष्पिन्यै नमः
    80. ॐ पुष्प कारायै नमः
    81. ॐ पुरुषार्थ प्रदायिन्यै नमः
    82. ॐ महा रूपायै नमः
    83. ॐ महा रौद्र्यै नमः
    84. ॐ कामाक्ष्यै नमः
    85. ॐ वामदेव्यै नमः
    86. ॐ वरदायै नमः
    87. ॐ वर यंत्रायै नमः
    88. ॐ काराप्रदायै नमः
    89. ॐ कल्याण्यै नमः
    90. ॐ वाग्भव्यै नमः
    91. ॐ देव्यै नमः
    92. ॐ क्लीं कारिण्यै नमः
    93. ॐ संविधेय नमः
    94. ॐ ईश्वर्यै नमः
    95. ॐ ह्रींकारं बीजायै नमः
    96. ॐ भय नाशिन्यै नमः
    97. ॐ वाग्देव्यै नमः
    98. ॐ वचनायै नमः
    99. ॐ वाराह्यै नमः
    100. ॐ विश्व तोशिन्यै नमः
    101. ॐ वर्धनेयै नमः
    102. ॐ विशालाक्ष्यै नमः
    103. ॐ कुल संपत् प्रदायिन्यै नमः
    104. ॐ अरथ धुकच्छेद्र दक्षायै नमः
    105. ॐ अम्बायै नमः
    106. ॐ निखिला योगिन्यै नमः
    107. ॐ सदापुरा स्थायिन्यै नमः
    108. ॐ तरोर्मुला तलंगथयै नमः

    यह भी पढ़ें- Kajari Teej 2025: कजरी तीज पर इन चीजों से करें भगवान शिव का अभिषेक, मिलेगा मनचाहा वरदान

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।