सावन की पहली एकादशी पर कहां-कहां जलाएं दीपक? यह 5 स्थान बेहद शुभ
सावन महीने की कामिका एकादशी के 5 खास जगहों पर दीपक जलाने से भगवान विष्णु और शिव की कृपा मिलती है। जानें इसका महत्व। ...और पढ़ें

कामिका एकादशी पर जलाएं दीपक (AI-Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन का महीना वैसे तो पूरी तरह से भगवान शिव की भक्ति को समर्पित होता है, लेकिन इसी पवित्र महीने में पड़ने वाली एकादशी का अपना एक अलग और बहुत गहरा महत्व है। सावन महीने के कृष्ण पक्ष में आने वाली पहली एकादशी को 'कामिका एकादशी' कहा जाता है।
इस साल यह शुभ तारीख 9 अगस्त को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कामिका एकादशी के दिन भगवान विष्णु की सच्चे मन से आराधना करने से जीवन के सारे दुख-दर्द दूर हो जाते हैं।
इस दिन शाम के समय कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाना बेहद चमत्कारी माना गया है। अगर आप भी अपने घर में सुख, शांति और बरकत चाहते हैं, तो 9 अगस्त की शाम को इन 5 जगहों पर दीपक जलाना बिल्कुल न भूलें। पढ़ें वह स्थान कौन से हैं और जहां दीपक जलाने का लाभ मिलता है:
1. तुलसी के पौधे के पास
हम सभी जानते हैं कि तुलसी जी भगवान विष्णु को कितनी अधिक प्रिय हैं। बिना तुलसी दल के श्रीहरि का कोई भी भोग पूरा नहीं माना जाता। इसलिए, कामिका एकादशी की शाम को अपने घर के आंगन या बालकनी में रखे तुलसी के पौधे के पास गाय के शुद्ध घी का एक दीपक जरूर जलाएं। माना जाता है कि ऐसा करने से घर की सारी दरिद्रता दूर भाग जाती है और श्रीहरि के साथ मां लक्ष्मी की भी असीम कृपा मिलती है।
2. घर के मुख्य दरवाजे पर
हमारे वास्तु और शास्त्रों में घर के मुख्य द्वार को बहुत पवित्र माना गया है, क्योंकि यहीं से सकारात्मक ऊर्जा अंदर आती है। एकादशी की शाम को अपने घर के मेन गेट के दोनों तरफ एक-एक दीपक जरूर जलाएं। इस छोटे से उपाय से घर की नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) खत्म होती है और खुशहाली का प्रवेश होता है।
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3. घर के मंदिर या पूजा स्थान में
दिनभर की भागदौड़ के बाद शाम को जब आप घर लौटें, तो अपने घर के मंदिर या पूजा स्थान पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के सामने एक दीपक जरूर प्रज्वलित करें। सच्चे मन से जलाई गई यह ज्योत जीवन के सारे कष्टों को दूर करती है और मन को गहरी शांति देती है।

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4. पीपल के पेड़ के नीचे
हिन्दू धर्म में पीपल के पेड़ को देवतुल्य माना गया है और इसमें कई देवी-देवताओं का वास होता है। कामिका एकादशी के दिन शाम ढलने के बाद पास के किसी पीपल के पेड़ के नीचे एक दीपक जलाकर आएं। यह उपाय न सिर्फ आपके रूठे भाग्य को जगाता है, बल्कि इससे आपके पितरों (पूर्वजों) की आत्मा को भी शांति प्राप्त होती है।
5. बिल्वपत्र (बेलपत्र) के पेड़ के पास
वैसे तो एकादशी का व्रत भगवान विष्णु का दिन है, लेकिन क्योंकि यह सावन का महीना है, इसलिए शिव जी को भी प्रसन्न करना जरूरी है। ऐसे में कामिका एकादशी के दिन किसी शिव मंदिर में या फिर बिल्वपत्र के पेड़ के नीचे एक दीया जरूर जलाएं। इससे आपको श्रीहरि और देवों के देव महादेव, दोनों का आशीर्वाद एक साथ मिल जाएगा।
सावन के इस पवित्र महीने में किए गए ये आसान उपाय आपके जीवन में बहुत बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।