कार के डैशबोर्ड पर रख रहे हैं कृष्ण जी की मूर्ति? तो नोट कर लें ये जरूरी नियम
कार के डैशबोर्ड पर भगवान कृष्ण की मूर्ति रखने के सही तरीका और महत्वपूर्ण नियम जान लीजिए? ...और पढ़ें

कार में कृष्ण की मूर्ति कैसे रखें? ((Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। कार में भगवान कृष्ण की मूर्ति रखना अब काफी आम हो चुका है, क्योंकि ऐसा करने के पीछे लोगों का मानना है कि इससे यात्रा के दौरान मन को शांति, सुरक्षा और सुकून की प्राप्ति होती है।
यह केवल डैशबोर्ड पर मूर्ति रखने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसे सम्मानपूर्वक और सावधानीपूर्वक रखना भी काफी जरूरी है, ठीक वैसे ही जैसे ही आप घर में रखें भगवान की मूर्तियों और छवियों के साथ करते हैं। अगर आप भी अपने घर में भगवान कृष्ण की मूर्ति रखने की सोच रहे हैं, तो जानिए इसे सम्मानपूर्वक और सही तरीके से रखने का तरीका?
सही मूर्ति का चयन करना बेहद जरूरी
सबसे पहले ऐसी मूर्तियों को चुनें जो उस जगह के लिए उपयुक्त हो। गाड़ियां अक्सर गर्म हो जाती हैं, हिलती-डुलती हैं और खराब सड़कों पर खड़खड़ाहट करती हैं, इसलिए छोटी और मजबूत मूर्ति चुनना ही सबसे बेहतर विकल्प है।
धातु, पत्थर या लकड़ी की मूर्तियां आमतौर पर टिकाऊ होती हैं। कार की डैशबोर्ड में कृष्ण जी की ऐसी मूर्ति बिल्कुल न रखें जो काफी नाजुक, बड़ी या आसानी से गिरने और टूटने का डर बना रहे, क्योंकि गाड़ी चलाते समय आपका ध्यान आसानी से भटक सकता है।
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मूर्ति को सही जगह पर काफी जरूरी है। कार की डैशबोर्ड पर ऐसी मूर्ति रखें जो सड़क देखने में बाधा नहीं बने। कई लोग मूर्ति को डैशबोर्ड के बीच में रखते हैं, लेकिन अगर इससे सड़क देखने में रुकावट आती है, तो इसे थोड़ा किनारे पर रखना सही रहेगा।
मूर्ति को सीधे डैशबोर्ड पर रखने की बजाए फिसलन रोधी चटाई या मजबूत आधार का इस्तेमाल करें। गाड़ी चलाते समय कोई भी यह नहीं चाहता है कि गाड़ी के किसी भी गड्ढे या ऊबड़-खाबड़ जगह से गुजरते समय मूर्ति इधर-उधर खिसकती रहे।

किन बातों का रखें खास ध्यान
जगह को हमेशा साफ रखें
गाड़ियों पर धूल हमारी सोच से कहीं ज्यादा तेजी से जम जाती है। जैसे आप घर में किसी देवी-देवता के आसपास की जगह को साफ करते हैं, ठीक वैसे ही समय-समय पर डैशबोर्ड को भी हल्के से पोंछ लें।
मूर्ति को ठीक से स्थापित करें
गाड़ी चलाते समय ब्रेक लगाना और अचानक से मुड़ना जैसी चीजें होती रहती हैं। ऐसे में सुनिश्चित करें कि, मूर्ति मजबूती से रखी हो ताकि गाड़ी चलाते समय वह गिर न जाए।
धार्मिक अनुष्ठान कार में करने से बचें।
अगर आप अगरबत्ती या दीया जलाते हैं या कृष्ण भगवान की छोटी-मोटी पूजा करते हैं, तो घर के अंदर ही करें। कार के अंदर कुछ भी जलाना असुरक्षित और अनावश्यक है।
कार में क्या नहीं करें?
मूर्ति को एअरबैग के पास न रखें
कृष्ण जी की मूर्ति को एयर बैग के पास न रखें। अगर गलती से भी एयरबैग खुल जाता है, तो छोटी सी मूर्ति भी जोर से उड़कर चोट पहुंचा सकती है।
ज्यादा सामान न रखें
कार की डैशबोर्ड में एक ही मूर्ति काफी है। डैशबोर्ड को मालाओं, ताबीजों, स्टिकरों और कई मूर्तियों से भरने से बचना चाहिए। इससे डैशबोर्ड अव्यवस्थित दिखने के साथ गाड़ी चलाते समय ध्यान भटक सकता है।
कार में क्षतिग्रस्त मूर्तियों को रखने से बचें
यदि कार में रखी किसी भी मूर्ति में दरार या वह टूट जाती है, तो उसे कार में न छोड़ें। ज्यादातर परंपराओं में क्षतिग्रस्त मूर्तियों को सावाधानीपूर्वक नीचे उतारा जाता है और उन्हें बहते जल में प्रवाहित कर दिया जाता है या सही तरीके से उनका निपटान किया जाता है।
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