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    सावन में महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, नहीं मिलेगा पूजा का फल

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 06:00 PM (IST)

    सावन में महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते समय कुछ गलतियों से बचना चाहिए ताकि पूजा का पूर्ण फल मिल सके। गलत उच्चारण, बिना स्नान और एकाग्रता के बिना जाप क ...और पढ़ें

    सावन में महामृत्युंजय मंत्र जाप के नियम इन गलतियों से बचें और पाएं शिव कृपा (Picture Credit: AI Generated)

    सावन में महामृत्युंजय मंत्र जाप के नियम इन गलतियों से बचें और पाएं शिव कृपा (Picture Credit: AI Generated)

    HighLights

    1. मंत्र का गलत उच्चारण करने से बचें, सही विधि सीखें।

    2. बिना स्नान किए मंत्र जाप न करें, शुद्धता रखें।

    3. एकाग्र मन से आसन पर बैठकर ही जाप करें।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए समर्पित होता है। इस दौरान मंदिरों में शिव भक्तों की भीड़ होती है और श्रद्धालु शिवलिंग को जला चढ़ाने के साथ उन्हें प्रसन्न करने के लिए कई तरह के शुभ काम करते हैं।

    इस दौरान कुछ मंत्रों का जाप करना भी अत्यंत फलदायी माना जाता है, इनमें से एक है महामृत्युंजय मंत्र। ऐसी मान्यता है कि इस मंत्र का श्रद्धा से जाप करने से भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है और जीवन में खुशहाली बनी रहती है। इस मंत्र का जाप हमेशा नियम के साथ ही करना चाहिए अन्यथा इसके शुभ फल नहीं मिलते हैं।

    अगर आप भी इस मंत्र का सावन में जाप करते हैं तो आइए आपको बताते हैं कि इसके जाप के समय किन गलतियों से बचना चाहिए। किसी भी पूजा के लिए केवल मंत्र श्रद्धा का उच्चारण ठीक नहीं माना जाता है बल्कि नियमों का पालन भी जरूरी होता है।

    महामृत्युंजय मंत्र का गलत उच्चारण न करें

    महामृत्युंजय मंत्र को एक अत्यंत प्रभावशाली मंत्र माना जाता है और इससे मृत्यु का भय दूर होता है। सावन महीने में इसका जाप करना और ज्यादा फलदायी हो जाता है, लेकिन आपको भूलकर भी इस मंत्र का गलत उच्चारण नहीं करना चाहिए। यदि आपको यह मंत्र ठीक से याद न हो, तो आप किसी पुस्तक में पढ़कर इसका जाप करें या फिर किसी जानकार से इसका सही उच्चारण सीखकर ही इस मंत्र को पढ़ें।

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    बिना स्नान किए मंत्र का जाप न करें

    कई बार हम असमय भी महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने लगते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि आपको यह मंत्र हमेशा साफ मंत्र और शुद्ध शरीर के साथ ही करना चाहिए। आपको कभी भी यह मंत्र स्नान किए बिना ही नहीं पढ़ना चाहिए। हमेशा जल्दी उठकर स्नान आदि से मुक्त होकर साफ और स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद ही इस मंत्र का जाप करना शुभ होता है।

    मंत्र जाप के दौरान मन न भटकाएं

    कई बार लोग महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते समय ध्यान केंद्रित नहीं करते हैं और उनका मन भटकने की वजह से मंत्र का उच्चारण गलत हो जाता है या फिर यह मंत्र खंडित हो जाता है। ध्यान रखें कि आप जब भी इस मंत्र का जाप करें मन को केंद्रित करना जरूरी है। नहीं तो इसके जाप का पून फल नहीं मिलता है। एकाग्र मन से किया गया जाप हमेशा फलदायी माना जाता है।

    किसी भी स्थान पर खड़े होकर मंत्र का जाप न करें

    अगर आप किसी भी समय और किसी भी स्थान पर खड़े होकर महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हैं, तो आज ही अपनी इस आदत को बदल लें। यह भगवान शिव के सबसे पवित्र मंत्रों में से एक है और इसका जाप भी आपको हमेशा साफ स्थान पर एक आसन बिछाकर श्रद्धा से बैठकर ही करना चाहिए। अगर आप सोचते हैं कि इस मंत्र को कहीं भी या कोई अन्य काम करते हुए जप सकते हैं, तो ऐसा करना बिल्कुल गलत माना जाता है।

    अगर आप भी सावन में महामृत्यंजय मंत्र का जाप करते हैं तो आपको यहां बताई हुई किसी भी गलती से बचना चाहिए, जिससे आपको मंत्र जाप का पूर्ण फल मिले और शिव जी की कृपा दृष्टि भी बनी रहे।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।