शादी में हो रही है देरी? तो समझ लें कुंडली में हो सकता है मंगल दोष, इस 1 काम से मिलेगी राहत
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में मंगल दोष होने से विवाह में देरी या वैवाहिक जीवन में चुनौतियां आ सकती हैं। ...और पढ़ें

कैसे दूर करें मंगल दोष? (AI Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में मंगल दोष का विशेष महत्त्व है। ऐसा माना जाता है कि जातक की कुंडली में मंगल दोष होने से वैवाहिक जीवन में कुछ चुनौतियों या फिर विवाह में देरी का सामना करना पड़ सकता है।
इस दोष से मुक्ति पाने के लिए ज्योतिष शास्त्र में विशेष उपाय बताए गए हैं, जिनको करने से कुंडली में मौजूद मंगल दोष दूर होता है और विवाह के योग बनते हैं। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं मंगल दोष के उपाय (Mangal Dosh Ke Upay) के बारे में।
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(AI Generated Image)
इस तरह दूर करें मंगल दोष
- मंगल दोष से मुक्ति पाने के लिए हनुमान जी की पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है। रोजाना या फिर मंगलवार के दिन सुबह स्नान करने के बाद हनुमान जी की साधना करें। इस दौरान हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें। प्रभु को बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। ऐसी मान्यता है कि इस उपाय को करने से हनुमान जी की कृपा साधक पर बरसती है और कुंडली में मंगल दोष दूर होता है। साथ ही विवाह के योग बनते हैं।
- अगर आपके विवाह में कोई बाधा आ रही है, तो इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए लाल मसूर की दाल, गुड़, लाल कपड़े या लाल फल का दान करें। साथ ही विधिपूर्वक हनुमान जी की पूजा-अर्चना करें। धार्मिक मान्यता है कि इस उपाय को करने से मंगल दोष से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
- इसके अलावा मंगल दोष को दूर करने के लिए मंगलवार का व्रत करना भी लाभकारी माना जाता है। इस व्रत के दौरान नमक का सेवन करने की मनाही है। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से जीवन में आ रहे सभी संकट दूर होते हैं और सुख-शांति की प्राप्ति होती है।
मंगल दोष के संकेत
- बात-बात पर जल्दी गुस्सा आना।
- विवाह में देरी होना।
- वैवाहिक जीवन में तनाव आना।
- काम में जल्दबाजी दिखाना।
- हेल्थ से जुड़ी समस्याएं।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
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