Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Radha Ashtami 2025 Date: अगस्त में इस दिन मनाया जाएगा राधा रानी का जन्मोत्सव, नोट करें शुभ मुहूर्त

    By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
    Updated: Tue, 29 Jul 2025 07:19 PM (IST)

    राधा अष्टमी (Radha Ashtami 2025 ) के दिन दूर्वा अष्टमी भी मनाई जाती है। कहते हैं कि दूर्वा अष्टमी के दिन भगवान कृष्ण की पूजा करने से साधक पर श्रीजी की भी कृपा बरसती है। उनकी कृपा से साधक के सकल मनोरथ सिद्ध हो जाते हैं। साथ ही जीवन में व्याप्त हर परेशानी दूर हो जाती है।

    Hero Image
    Radha Ashtami 2025 Date: राधा अष्टमी का धार्मिक महत्व

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि जगत की देवी राधा रानी को समर्पित है। इस शुभ अवसर पर श्रीजी की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। सनातन शास्त्रों में निहित है कि भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर राधा रानी अवतरित हुई थीं। इसके लिए हर साल भाद्रपद महीने में राधा अष्टमी मनाई जाती है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    धार्मिक मत है कि राधा रानी के महज नाम जप से व्यक्ति विशेष का उद्धार हो जाता है। वह पुण्यकाल भागी बन जाता है। इसके लिए साधक श्रद्धा भाव से राधा अष्टमी के दिन श्रीजी और कृष्ण कन्हैया की पूजा करते हैं। आइए, राधा अष्टमी की सही डेट, शुभ मुहूर्त (Radha Ashtami Shubh Muhurat) और योग जानते हैं।

    राधा अष्टमी 2025 डेट और शुभ मुहूर्त (Radha Ashtami 2025 Date and Shubh Muhurat)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 30 अगस्त को देर रात 10 बजकर 46 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, 31 अगस्त को देर रात 12 बजकर 57 मिनट पर अष्टमी तिथि का समापन होगा। सनातन धर्म में सूर्योदय से तिथि की गणना की जाती है। इसके लिए राधा अष्टमी का त्योहार 31 अगस्त को मनाया जाएगा।

    यह भी पढ़ें- Ganesh Chaturthi 2025: कब है गणेश चतुर्थी? जानिए सही डेट और कैसे करें भगवान गणेश को प्रसन्न

    राधा अष्टमी शुभ योग (Radha Ashtami Shubh Yog)

    भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर अभिजीत मुहूर्त का संयोग है। अभिजीत मुहूर्त का संयोग सुबह 11 बजकर 24 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 15 मिनट तक है। इसके साथ ही दोपहर 11 बजकर 54 मिनट तक भद्रावास का संयोग है। साथ ही अनुराधा नक्षत्र का संयोग बन रहा है। इन योग में भक्ति भाव से राधा रानी संग भगवान कृष्ण की पूजा की जाएगी।

    पंचांग

    सूर्योदय - सुबह 05 बजकर 29 मिनट पर

    सूर्यास्त - शाम 06 बजकर 10 मिनट पर

    चन्द्रोदय- दोपहर 12 बजकर 30 मिनट से

    चन्द्रास्त- देर रात 10 बजकर 57 मिनट तक

    ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 03 बजकर 59 मिनट से 04 बजकर 44 मिनट तक

    विजय मुहूर्त - दोपहर 01 बजकर 56 मिनट से 02 बजकर 47 मिनट तक

    गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 10 मिनट से 06 बजकर 32 मिनट तक

    निशिता मुहूर्त - रात 11 बजकर 27 मिनट से 12 बजकर 12 मिनट तक

    यह भी पढ़ें- August 2025 festival List: कब है रक्षा बंधन और गणेश चतुर्थी? यहां नोट करें अगस्त महीने के व्रत-त्योहार

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।