Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    सावन में रुद्राभिषेक की सबसे शुभ तिथियां कौन सी हैं? यहां देखें पूरा कैलेंडर

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 08:00 PM (IST)

    सावन में रुद्राभिषेक के लिए शुभ तिथियां जैसे सावन सोमवार, शिवरात्रि और प्रदोष व्रत का उल्लेख किया गया है। यह अनुष्ठान भगवान शिव को समर्पित है और कुछ व ...और पढ़ें

    सावन 2026 रुद्राभिषेक: शुभ तिथियां, महत्व और वर्जित दिन (Picture Credit: AI Generated)

    सावन 2026 रुद्राभिषेक: शुभ तिथियां, महत्व और वर्जित दिन (Picture Credit: AI Generated)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन का महीना शिव पूजन के लिए समर्पित होता है और इस दौरान लोग घर या मंदिर में रुद्राभिषेक करते हैं। ऐसा माना जाता है कि अगर रुद्राभिषेक शुभ मुहूर्त या शुभ तिथि में लिया जाता है तो इसका महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है।

    इस संपूर्ण अनुष्ठान में शिवलिंग का जल, दूध या गन्ने के रस के अभिषेक किया जाता है और इस पुण्य आयोजन का शुभ फल लोगों के कम-मस्तिष्क के साथ घर के वातावरण में भी दिखाई देने लगता है।

    रुद्राभिषेक में 'रुद्र' शब्द भगवान शिव के उग्र लेकिन बेहद दयालु रूप को दिखाता है जबकि 'अभिषेक' का अर्थ है स्नान कराना या लेप लगाना। मान्यता है कि सावन के महीने में किया गया अभिषेक सबसे ज्यादा फलदायी होता है। अगर आप भी इस महीने में रुद्राभिषेक का आयोजन करना चाहते हैं तो यहां इसकी शुभ तिथियों के बारे में जरूर जानें।

    सावन में किन तिथियों में रुद्राभिषेक करना फलदायी होता है

    इस पवित्र अनुष्ठान को आयोजित करने के लिए सावन का कोई भी सोमवार, जिसे चंद्रमा का दिन भी कहा जाता है बहुत शुभ माना जाता है। इसके साथ ही आप सावन की शिवरात्रि और प्रदोष व्रत के दिन भी रुद्राभिषेक कर सकते हैं।

    सावन 2026 में रुद्राभिषेक की शुभ तिथियां कौन सी हैं?

    एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषियों के अनुसार, सावन के महीने में रुद्राभिषेक का महत्व सबसे ज्यादा बढ़ जाता है। शास्त्रों की मानें तो रुद्राभिषेक के लिए शिववास यानी शिवजी का निवास देखना आवश्यक होता है कि शिवजी उस दिन कहां विराजमान हैं।

    खबरें और भी

    सावन के सोमवार

    इस साल सावन की शुरुआत 30 जुलाई से हो रही है और पहला सोमवार 3 तारीख को पड़ेगा और 10, 17 और 24 अगस्त को अन्य सोमवार पड़ेंगे और ये सावन की सबसे शुभ तिथियां हैं जिसमें रुद्राभिषेक सर्वोत्तम होगा। चूंकि ये दिन पूरी तरह से भगवान शिव की भक्ति के लिए समर्पित होता है , इसलिए आप पूरे सावन के किसी भी सोमवार को इस अनुष्ठान का आयोजन कर सकते हैं।

    सावन की शिवरात्रि

    श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को सावन की शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। इस साल यह तिथि 11 अगस्त, मंगलवार के दिन मनाई जाएगी। इस दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाने का विधान सदियों से चला आ रहा है। इस तिथि को शिव और पार्वती के पुनर्मिलन दिवस के रूप में मनाया जाता है। यदि आप इस दिन रुद्राभिषेक करेंगे तो इसके विशेष शुभ फल हो सकते हैं।

    प्रदोष व्रत

    शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष दोनों की त्रयोदशी तिथि बहुत महत्वपूर्ण होती है। सावन में प्रदोष व्रत 10 और 25 अगस्त को पड़ेगा। यदि आप इन दोनों में से किसी भी दिन रुद्राभिषेक का आयोजन करेंगे तो इसके विशेष फल मिलते हैं।

    नागपंचमी

    श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी के रूप में मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 13 अगस्त को पड़ेगा। यदि आप इस दिन रुद्रभिशेक करेंगे तो इसके बहुत अच्छे फल मिलेंगे।

    सावन की किन तिथियों में नहीं करना चाहिए रुद्राभिषेक

    सावन में कुछ ऐसी तिथियां हैं जिसके लिए मान्यता है कि इस दौरान शिव जी का निवास श्मशान में होता है। जिनमें किसी भी पक्ष की तृतीया, सप्तमी, दशमी हैं। आपको इन तिथियों में भूलकर भी रुद्राभिषेक नहीं करना चाहिए। मुख्य रूप से गृहस्थों को इन दिनों में रुद्राभिषेक नहीं करना चाहिए।

    सावन के सोमवार और शिवरात्रि पर रुद्राभिषेक के लिए किसी भी तरह का विचार करने की आवश्यकता नहीं होती है और यह दिन स्वयं सिद्ध माने जाते हैं, इसलिए इन दिनों में आप रुद्राभिषेक की योजना बना सकते हैं।

    यह भी पढ़ें- सावन के पहले दिन मुख्य द्वार पर करें वास्तु के 4 ये उपाय, घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि

    यह भी पढ़ें- सावन 2026: ये 5 पवित्र व्रत रखने से दूर होंगे दुख-दर्द, मिलेगी सुख-समृद्धि

    लेखक: श्री चंद्रेश शर्मा, astropatri.com, फीडबैक के लिए लिखें: hello@astropatri.com