Shardiya Navratri 2025 Date: इस दिन से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र, अभी नोट करें डेट और शुभ मुहूर्त
धार्मिक मान्यता के अनुसार शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri 2025) के दौरान धरती पर मां दुर्गा का आगमन होता है। इस दौरान प्रथम दिन शुभ मुहूर्त में भक्त घटस्थापना कर पूजा माता रानी की पूजा-अर्चना करते हैं जिससे उन्हें शुभ फल की प्राप्ति होती है और घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri 2025) की शुरुआत होती है। इस अवधि को मां दुर्गा के 09 रूपों की पूजा-अर्चना करने के लिए शुभ माना जाता है। भक्त विधिपूर्वक मां दुर्गा की उपासना कर व्रत करते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, शारदीय नवरात्र व्रत करने से साधक को सभी भय से छुटकारा मिलता है और माता रानी की कृपा प्राप्ति होती है। ऐसे में चलिए इस आर्टिकल में जानते हैं कि कब से शुरू हो रहे हैं शारदीय नवरात्र (Shardiya navratri 2025) और घटस्थापना शुभ मुहूर्त के बारे में।
शारदीय नवरात्र 2025 डेट और टाइम (Sharadiya Navratri 2025 Start Date end Date)
आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत- 22 सितंबर को रात 01 बजकर 23 मिनट पर
आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का समापन- 23 सितंबर को रात 02 बजकर 55 मिनट पर
शारदीय नवरात्र 2025 घटस्थापना मुहूर्त (Shardiya Navratri 2025 Ghatsthapana Muhurat)
22 सितंबर को घटस्थापना करने का शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 09 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 06 मिनट तक है। इस दौरान किसी भी समय घटस्थापना कर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करें। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 49 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक है।
घटस्थापना की सामग्री लिस्ट(Ghatasthapana Samagri)
- मिट्टी का बर्तन
- कलश
- अखंड ज्योति के लिए बड़ा दीया, रुई की बाती
- जटा वाला नारियल
- आम या अशोक के पत्ते
- गंगाजल
- लाल कपड़ा
- किसी पवित्र स्थान की मिट्टी (मंदिर आदि)
- अक्षत, हल्दी
- फूल, फूल माला
- इलायची, लौंग, कपूर
- लाल सूत्र, सिक्का
- सुपारी, मौली, रोल
ऐसे करें मां दुर्गा को प्रसन्न
अगर आप शारदीय नवरात्र में माता रानी की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो रोजाना पूजा-अर्चना कर मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित करेंधार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से माता रानी प्रसन्न होकर साधक को धन-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। साथ ही वैवाहिक जीवन में खुशियों का आगमन होता है।
विवाह की बाधा होगी दूर
अगर आप कुंडली में मांगलिक दोष का सामना कर रहे हैं, तो नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां शैलपुत्री की उपासना करने से विवाह में आ रही बाधा दूर होती है।
यह भी पढ़ें- Karwa Chauth 2025: कार्तिक के महीने में कब किया जाएगा करवा चौथ का व्रत? अभी नोट करें डेट
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।