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    बड़ा मंगल 2026: शिव और हनुमान जी को एक साथ प्रसन्न करने का दुर्लभ संयोग, जानें क्या अर्पित करें?

    Updated: Mon, 11 May 2026 07:31 PM (IST)

    ज्येष्ठ माह के मंगल का हिंदू धर्म में बहुत ज्यादा महत्व है। इस दिन हनुमान जी के वृद्ध स्वरूप की पूजा होती है। ...और पढ़ें

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    Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल के उपाय। (Ai Generated Image)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्येष्ठ महीने के बड़े मंगल को बेहद शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, हनुमान जी भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार हैं। यही वजह है कि बड़े मंगल के दिन हनुमान जी के साथ-साथ शिवलिंग की पूजा करना बहुत फलदायी माना जाता है। 12 मई 2026 को दूसरा बड़ा मंगल पड़ रहा है। इस दिन शिव जी और वीर बजरंगी की एक साथ पूजा करने से जीवन के सभी संकटों का नाश होता है, तो आइए यहां जानते हैं कि इस दिन शिवलिंग पर क्या चढ़ाना विशेष फलदायी होता है?

    budhwa mangal Shiv puja 2

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    शिव और हनुमान दोनों को प्रिय हैं ये खास चीजें

    • लाल चंदन - महादेव को आमतौर पर सफेद चंदन चढ़ाया जाता है, लेकिन हनुमान जी के रुद्रावतार होने की वजह से बड़े मंगल पर शिवलिंग पर लाल चंदन का लेप करने से शत्रुओं पर विजय मिलती है।
    • शहद - शहद शिव और हनुमान जी दोनों को पसंद है। ऐसे में शिवलिंग पर शहद चढ़ाएं। इससे रोग-दोष से मुक्ति मिलती है और रिश्तों में मधुरता आती है।
    • बिल्व पत्र पर 'राम' नाम - शिव को बिल्व पत्र प्रिय है, लेकिन अगर आप बिल्व पत्र पर चंदन से 'राम' लिखकर शिवलिंग पर अर्पित करते हैं, तो हनुमान जी बहुत प्रसन्न होते हैं, क्योंकि राम नाम ही उनकी आत्मा है।
    • लाल कनेर के फूल - यह फूल महादेव को बहुत प्रिय है और इसका लाल रंग हनुमान जी की ऊर्जा का प्रतीक है। इसे अर्पित करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
    • अक्षत - बिना टूटे हुए चावल के दाने दोनों देवों को प्रिय हैं। यह अखंड सौभाग्य और अटूट सफलता का आशीर्वाद देते हैं।

    पूजा नियम

    दूसरे बड़े मंगल पर सुबह हनुमान चालीसा का पाठ करें और फिर किसी शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल अर्पित करें। अंत में "ॐ नमः शिवाय" और "ॐ हं हनुमते नमः" मंत्रों का एक साथ जाप करें।

    पूजा मंत्र

    • वंदे देव उमापतिं सुरगुरुं वंदे जगत्कारणं, वंदे पन्नगभूषणं मृधरं वंदे पशूनां पतिम्॥
    • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
    • ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

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