Surya Grahan 2025: इस दिन लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, इन बातों का रखें खास ख्याल
साल 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2025) आंशिक रूप से लगने जा रहा है। सूर्य ग्रहण के दौरान कई तरह के नियमों का ध्यान रखा जाता है ताकि बुरे परिणामों से बचा जा सके। चलिए जानते हैं कि सूर्य ग्रहण की अवधि में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। साल का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च 2025 को यानी शनि अमावस्या के दिन लगा था। वहीं साल का दूसरा सूर्य ग्रहण (Second Solar Eclipse 2025) सितंबर के महीने में लगने जा रहा है। सूर्य ग्रहण की अवधि में कुछ नियमों का भी ध्यान रखना जरूरी माना गया है। चलिए जानते हैं कि वह नियम कौन-से हैं।
कब लगेगा सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse Date and Time)
साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 21 सितंबर 2025 को लगने जा रहा है। यह सूर्य ग्रहण आंशिक होने वाला है। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, इसलिए सूतक भी यहां मान्य नहीं होगा। लेकिन फिर भी एहतियात के तौर पर कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए।
तुलसी से करें ये काम
माना जाता है कि ग्रहण की अवधि में सूतक काल लगने पर वातावरण में नकारात्मक शक्तियों का संचार बढ़ जाता है और इसके प्रभाव से चीजें अशुद्ध हो जाती हैं। ऐसे में आप ग्रहण काल में खाने की सामग्री में तुलसी के पत्ते डाल सकते हैं। इससे चीजें अशुभ प्रभाव से बची रहती हैं। इसके साथ ही सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद तुलसी के पत्ते का सेवन करें।
जरूर करें ये काम
सूर्य ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ आदि करना शुभ नहीं माना जाता। लेकिन आप इस अवधि में भगवान विष्णु और भगवान शिव के मंत्रों का जप कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसी के साथ गायत्री मंत्र के जप से भी आपको फायदा मिल सकता है।
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गर्भवती महिलाएं रखें इन बातों का ध्यान
सूर्य ग्रहण की अवधि के दौरान गर्भवती महिलाओं को भोजन करने, पूजा-पाठ करने और दिन में सोने जैसे कार्यों से बचना चाहिए। इसी के साथ रसोई से संबंधित कोई काम भी न करें और न ही किसी तरह की नुकीली चीज जैसे सुई, चाकू आदि का उपयोग करें। यह सभी कार्य आपके लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।
न करें ये काम
सूर्य ग्रहण को नग्न आंखों से देखना बिल्कुल शुभ नहीं माना जाता। इसी के साथ ग्रहण काल में भोजन करने की भी मनाही होती है। साथ ही सूर्य ग्रहण में बाल और नाखून काटने से बचना चाहिए और न ही कहीं बाहर की यात्रा करनी चाहिए।
सूर्य ग्रहण के दौरान तुलसी में जल अर्पित करना या तुलसी के पत्ते तोड़ना भी शुभ नहीं माना जाता। ऐसे में आप सूर्य ग्रहण से पहले तुलसी के पत्ते तोड़कर रख सकते हैं। सूतक काल के नियम बच्चो, वृद्ध और बीमार लोगों पर लागू नहीं होते।
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