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    Surya Grahan 2025: साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा या नहीं? यहां जानें सबकुछ

    Updated: Wed, 25 Jun 2025 10:36 AM (IST)

    सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2025) को एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना माना गया है। इसे हिंदू धर्म में शुभ नहीं माना जाता है। इस अवधि के दौरान शुभ काम करने की मनाही है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वर्जित कामों को करने से व्यक्ति के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में आइए जानते हैं कब है साल का आखिरी सूर्य ग्रहण।

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    सूर्य ग्रहण के दौरान इन बातों का रखें ध्यान 

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अमावस्या तिथि पर ही सूर्य ग्रहण लगता है। इस दौरान पृथ्वी पर मायावी ग्रह राहु का प्रभाव अधिक बढ़ जाता है। इसलिए सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2025) में शुभ काम न करने की सलाह दी जाती है। साथ ही भोजन भी नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इन कामों को करने से व्यक्ति को जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण (Last Solar Eclipse of 2025) 21 सितंबर 2025 को लगने जा रहा है। लेकिन क्या आपको पता है कि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा या नहीं। इसका सूतक काल का समय क्या है। अगर नहीं पता, तो ऐसे में आइए बताते हैं इसके बारे में विस्तार से।

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    सूर्य ग्रहण 2025 डेट और टाइम (Solar Eclipse 2025 Date and Time)


    साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण की शुरुआत 21 सितंबर के रात 11 बजे से होगी। वहीं, इसका समापन 22 सितंबर को सुबह 03 बजकर 24 मिनट पर होगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह भारत में नहीं नजर आएगा, जिसकी वजह से इसका सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं होगा।

     

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    किन देशों में होगा सूर्य ग्रहण का साया

     

    21 सितंबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, फिजी, अमेरिका, अटलांटिक महासागर और न्यूजीलैंड में दिखाई देगा।

     

    Surya Grahan 2025 (5)

    (Pic Credit- Freepik)

     

    सूर्य ग्रहण के दौरान इन बातों का रखें ध्यान


    सूर्य ग्रहण में पूजा-अर्चना नहीं करनी चाहिए। साथ ही सूतक काल शुरू होने से पहले मंदिर के कपाट को बंद कर देना चाहिए और खाने की चीजों में तुलसी के पत्ते ड़ाल दें। ऐसा माना जाता है कि इससे खान की चीजों पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पडता है। इसके अलावा देवी-देवताओं की प्रतिमा को छूना नहीं चाहिए। सूर्य ग्रहण के दौरान कैंची, चाकू और सुई का इस्तेमाल भूलकर भी नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाएं घर से बहार न निकलें।

    ग्रहण खत्म होने के बाद जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इसके बाद घर और मंदिर की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव कर शुद्ध करें। देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करें। भगवान विष्णु और भगवान शिव के मंत्रों का जप जरूर करें। गरीब लोगों या मंदिर में अन्न-धन समेत आदि चीजों न का दान करें। इससे जीवन में शुभ परिणाम मिलेंगे।

     

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।