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    Surya Grahan 2025: कब लग रहा है साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, इस दिन जरूर बरतें कुछ सावधानियां

    Updated: Tue, 29 Apr 2025 03:27 PM (IST)

    सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2025) को हिंदू धर्म में खास महत्व दिया जाता है। साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च 2025 को लगा था। तो चलिए जानते हैं कि साल का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगने जा रहा है और इस दौरान आपको कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए।

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    solar eclipse 2025 (Picture Credit: Freepik) (AI Image)

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सूर्य ग्रहण (second solar eclipse 2025) की अवधि में कुछ नियमों का ध्यान रखना जरूरी माना गया है, ताकि इसके बुरे परिणामों से बचा जा सके। ऐसे में चलिए जानते हैं कि इस दौरान आपको क्या करना चाहिए और किन कामों से दूरी बनानी चाहिए। 

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    कब लगेगा सूर्य ग्रहण (solar eclipse date and time)

    साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 21 सितंबर 2025 को लगने जा रहा है, जो एक आंशिक सूर्य ग्रहण होने वाला है। हालांकि पहले सूर्य ग्रहण की तरह की यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, इसलिए सूतक भी लागू नहीं होगा।

    करें ये काम

    सूर्य ग्रहण के दौरान आप भगवान विष्णु का ध्यान व उनके मंत्रों का जप कर सकते हैं। इसी के साथ सूर्य ग्रहण की अवधि में गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जप करना भी लाभकारी माना जाता है। साथ ही सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद तुलसी के पत्ते का सेवन करना भी शुभ होता है। 

    मिलेंगे शुभ परिणाम

    सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद किसी पवित्र नदी में स्नान जरूर करना चाहिए। लेकिन अगर आपके आसपास कोई नदी नहीं है, तो ऐसे में आप घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं। इससे भी आपको शुभ परिणाम मिल सकते हैं। 

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    इन चीजों का करें दान

    सूर्य ग्रहण की अवधि समाप्त होने के बाद दान करने का भी विशेष महत्व माना गया है। इस अवधि में आप अपनी क्षमतानुसार, गरीबों व जरुरतमंद लोगों के बीच चना, गेहूं, गुड़, चावल, दाल और साबुत उड़द की दाल का दान कर सकते हैं। 

    (Picture Credit: Freepik)

    न करें ये काम

    सूर्य ग्रहण को कभी भी नग्न आंखों से नहीं देखना चाहिए। इस दौरान घर से बाहर न जाएं और बाहर की यात्रा भी न करें। इसी के साथ इस अवधि में खाना पकाना या फिर खाना भी शुभ नहीं माना जाता। इस समय में बाल और नाखून नहीं काटने से भी बचना चाहिए। सूर्य ग्रहण में पूजा-पाठ, सोना, और नुकीली चीजों का इस्तेमाल करना भी वर्जित माना गया है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।