Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    इन 11 चीजों को करने से होती है धन हानि, इनमें से 3-4 काम तो लगभग रोज ही भूल से कर लेते हैं हम

    Updated: Sat, 11 Jul 2026 06:03 PM (IST)

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुछ दैनिक आदतें धन हानि और नकारात्मक ऊर्जा का कारण बनती हैं। चलिए इनके बारे में जानते हैं। ...और पढ़ें

    खराब आदतें बदलें, जीवन में सुख बना रहेगा।  (Picture Credit- AI Generated)

    खराब आदतें बदलें, जीवन में सुख बना रहेगा। (Picture Credit- AI Generated)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हम अपने दैनिक जीवन में रोज कुछ ऐसा काम कर ही देते हैं, जो ज्‍योतिष शास्‍त्र के हिसाब से गलत माना गया है। यह काम आप जानकर नहीं करते बल्कि यह हमारी आदत में शामिल होता है। लेकिन इससे घर और जीवन में नकारात्‍मक ऊर्जा आती है। कई बार तो कुछ काम बिना इस बात की परवाह किए कर देते हैं, जिनके बाद में हमें दुष्परिणाम भुगतने पड़ते हैं। आज हम आपको ऐसी ही 11 आदतों के बारे में बताएंगे, जिनका सीधा संबंध धन हानि से है।

    पानी की बर्बादी

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जल का संबंध चंद्रमा और शुक्र ग्रह से माना जाता है। बेवजह पानी बहाना या उसकी बर्बादी करना शुभ नहीं माना जाता। ऐसा करने से घर में आर्थिक असंतुलन और मानसिक तनाव बढ़ने की मान्यता है।

    झाड़ू को गलत तरीके से रखना

    झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इसे खुले स्थान पर, उल्टा या पैरों के नीचे रखना अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे शुक्र ग्रह प्रभावित होता है और धन संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं।

    जूठे बर्तन सिंक में छोड़ना

    रातभर जूठे बर्तन सिंक में पड़े रहने को भी शुभ नहीं माना जाता। इससे जातक की कुंडली में चंद्रमा और शनि से जुड़े दोष बढ़ सकते हैं, जिससे घर की सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रुक सकता है।

    खबरें और भी

    टूटे हुए बर्तन घर में रखना

    टूटे या चटके हुए बर्तन घर में रखना वास्तु के अनुसार नकारात्मकता का संकेत माना जाता है। इससे राहु का प्रभाव बढ़ सकता है। जिससे भ्रम की स्थिति और आर्थिक मामलों में बाधाएं आने लगती हैं।

    घर में बंद घड़ी रखना

    बंद या खराब घड़ी को घर में लगाने से अपके जीवन में भी ठहराव आ सकता है। यदि कोई व्‍यक्ति हाथों में बंद घड़ी पहनता है, इससे उसके जीवन की प्रगति रुक सकती है और अच्‍छे धन कमाने के अवसर हाथ से छूट सकते हैं। इसे राहु और शनि के प्रभाव से भी जोड़कर देखा जाता है।

    मुख्य द्वार पर अंधेरा रखना

    घर का मुख्य द्वार सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश का स्थान माना जाता है। यदि यहां हमेशा अंधेरा रहता है तो इसे शुभ नहीं माना जाता है। इससे सूर्य और गुरु के शुभ प्रभाव कमजोर पड़ सकते हैं। साथ ही, घर में क्‍लेश और तनाव बढ़ सकता है।

    ashubh kaam

    (Picture Credit- AI Generated)

    छत पर कबाड़ जमा करना

    घर की छत पर बेकार सामान इकट्ठा करने से वास्तु दोष लगता है। इससे राहु का प्रभाव बढ़ता है और परिवार की उन्नति में रुकावट आ सकती है।

    तुलसी के पौधे का अनादर करना

    तुलसी को अत्यंत पवित्र माना गया है। उसकी उपेक्षा करना, पौधे को सूखने देना या उसके आसपास गंदगी रखना अशुभ माना जाता। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इससे गुरु और शुक्र के शुभ फल प्रभावित हो सकते हैं। घर में बेहिसाब गरीबी और कर्ज से दबी जिंदगी हो जाती है।

    बिस्तर पर बैठकर भोजन करना

    बिस्तर पर बैठकर भोजन करने की आदत भी बहुत खराब है। इससे राहु का प्रभाव बढ़ सकता है और घर में आलस्य, अव्यवस्था तथा आर्थिक अस्थिरता आ सकती है।

    पैसों का गलत इस्तेमाल करना

    बहुत पैसा है, तो उसे दान करें या अच्‍छे काम करें।धन का दुरुपयोग, फिजूलखर्ची या बिना सोचे-समझे खर्च करना आपको आर्थिक संकट में डाल सकता है। ज्योतिषीय गणनाओं में इसे शुक्र और बृहस्पति के कमजोर होने से जोड़कर देखा जाता है।

    भोजन की बर्बादी करना

    अन्न को देवी अन्नपूर्णा का स्वरूप माना गया है। इसलिए भोजन की बर्बादी करना धार्मिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है। इससे गुरु ग्रह के शुभ प्रभाव में कमी आती है। घर में अन्‍न-धन की कमी हो जाती है।

    अतः ऊपर बताई गई सभी 11 बातों में से आप कोई भी करते हैं, तो आज ही अपनी आदत को बदल लें, ताकि जीवन में सुख-शांति बनी रहे।

    यह भी पढ़ें- बाएं हाथ से कभी नहीं करने चाहिए ये 3 काम, माना जाता है अशुभ

    यह भी पढ़ें- घर के मंदिर में 2 शंख रखना शुभ या अशुभ? क्या हैं वास्तु के नियम\

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।