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    कहीं आपका डोरमेट ही तो नहीं उड़ा रहा घर की बरकत? आज ही बदलें मेन डोर का पायदान

    By Suman SainiEdited By: Suman Saini
    Updated: Sat, 23 May 2026 10:44 AM (IST)

    घर में सुख-समृद्धि, खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा का वास बनाए रखने के लिए वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी माना गया है। ...और पढ़ें

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    मुख्य द्वार के डोरमैट से जुड़े वास्तु नियम (Picture Credit: Freepik)

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    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर हम घर के मुख्य द्वार की सजावट पर तो पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन वहां बिछे डोरमैट या पायदान को पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, मुख्य द्वार पर रखा डोरमैट आपकी आर्थिक स्थिति पर सीधा असर डाल सकता है। इसका गलत रंग, गलत मटीरियल या अपवित्रता घर में भारी नकारात्मक ऊर्जा ला सकती है। आइए जानते हैं डोरमैट से जुड़े कुछ बेहद जरूरी वास्तु नियम।

    कैसा होना चाहिए रंग

    वास्तु में दिशाओं का विशेष महत्व है। आपके घर का मुख्य द्वार जिस दिशा में खुलता है, उसी के तत्व के अनुकूल डोरमैट का रंग होना चाहिए, जो इस प्रकार है-

    • उत्तर या पूर्व - हरा या नीला
    • दक्षिण - लाल या मैरून
    • पश्चिम - सफेद या ग्रे
    • दक्षिण-पश्चिम - पीला या सुनहरा।
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    (Picture Credit: Freepik)

    डोरमैट से जुड़े जरूरी नियम

    • पायदान बिछाते समय उसके मटीरियल और साफ-सफाई का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। हमेशा सूती (Cotton), जूट या नारियल की जटा जैसे प्राकृतिक रेशों से बने डोरमैट का ही इस्तेमाल करें। ये सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं।
    • वास्तु में रबर या सिंथेटिक (Synthetic) फाइबर से बने पायदान का इस्तेमाल करना शुभ नहीं माना गया। ये चीजें नकारात्मक ऊर्जा को सोखती हैं, जिससे घर में कंगाली पैर पसारने लगती है।
    • पायदान हमेशा साफ और सूखा होना चाहिए। मुख्य द्वार पर जमा गंदगी राहु और केतु के दोष को बढ़ाती है, जिससे आपके कार्यों में रुकावट पैदा हो सकती है।

    ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी

    इस बात का खास तौर पर ध्यान रखें कि आपके डोरमैट पर कभी भी देवी-देवताओं के चित्र या पवित्र धार्मिक चिह्न जैसे 'ॐ' (Om) या स्वस्तिक नहीं बने होने चाहिए। इन पवित्र प्रतीकों पर पैर रखने से गंभीर वास्तु दोष लगता है और मां लक्ष्मी भी आपसे रुष्ट हो सकती हैं, जिससे धन संबंधी समस्याएं पैदा होने लगती हैं।

    इसके अलावा, घर की चौखट पर कभी भी फटा हुआ या बहुत ज्यादा पुराना डोरमैट न बिछाएं। ऐसा पायदान घर में दरिद्रता, पारिवारिक क्लेश और मानसिक तनाव का कारण बन सकता है।

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    (Picture Credit- AI Generated)

    बरकत बढ़ाने छोटा-सा उपाय

    यदि आप चाहते हैं कि घर में धन-धान्य की कभी कमी न हो और बुरी नजर घर से दूर रहे, तो वास्तु का यह छोटा-सा उपाय आपके बहुत काम आ सकती है। इसके लिए अपने मुख्य द्वार के डोरमैट के नीचे एक छोटी-सी सूती कपड़े की पोटली में थोड़ी-सी फिटकरी (Alum) बांधकर रखें।

    यह उपाय बाहर से आने वाली हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा और नजर दोष को चौखट पर ही बांध देता है। इससे घर के भीतर केवल सकारात्मकता प्रवेश करती है, जिससे परिवार में सुख-शांति का माहौल बना रहता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

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