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    FIFA World Cup की बॉल में छिपी है ये खास टेक्नोलॉजी, हर सेकंड 500 बार भेजती है डेटा

    Updated: Wed, 17 Jun 2026 12:55 PM (IST)

    फीफा वर्ल्ड कप में इस्तेमाल होने वाली एडिडास की 'स्मार्ट बॉल' 500Hz IMU मोशन सेंसर चिप से लैस है, जो हर सेकंड 500 बार डेटा रिकॉर्ड करती है। ...और पढ़ें

    FIFA World Cup की बॉल में छिपी है ये खास टेक्नोलॉजी, हर सेकंड 500 बार भेजती है डेटा

    FIFA World Cup की बॉल में छिपी है ये खास टेक्नोलॉजी, हर सेकंड 500 बार भेजती है डेटा


    HighLights

    1. एडिडास की स्मार्ट बॉल में 500Hz मोशन सेंसर चिप लगी है।

    2. VAR को ऑफसाइड और हैंडबॉल निर्णय लेने में मिलती है मदद।

    3. मैच से पहले सभी स्मार्ट बॉल्स को किया जाता है चार्ज।

    टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। इन दिनों फुटबॉल के सबसे बड़ा टूर्नामेंट FIFA World Cup चल रहा है और क्या आप जानते हैं कि इसमें इस्तेमाल होने वाली बॉल कोई नॉर्मल बॉल नहीं है, बल्कि ये एडवांस टेक्नोलॉजी से लैस एक ‘स्मार्ट बॉल’ है।

    आपको जानकर हैरानी होगी कि Adidas की इस हाई-टेक बॉल में 500Hz की इनर्शियल मेजरमेंट यूनिट (IMU) मोशन सेंसर चिप लगी हुई है, जो हर सेकंड 500 बार बॉल की स्पीड, स्पिन और डायरेक्शन से जुड़ा डेटा रिकॉर्ड कर सकती है। इसके बाद ये जानकारी सीधे AI और वीडियो असिस्टेंट रेफरी यानी VAR सिस्टम तक पहुंचती है, जिससे कंट्रोवर्शियल डिसिशन लेने में भी आसानी होती है।

    ऑफसाइड और हैंडबॉल डिसिशन में मदद

    कनेक्टेड बॉल टेक्नोलॉजी की मदद से सेंसर बॉल के किक होने के सही टाइम को मिलीसेकंड लेवल पर रिकॉर्ड करता है। इससे VAR टीम को ऑफसाइड लाइन तय करने में काफी आसानी होती है। वहीं अगर बॉल किसी खिलाड़ी के हाथ से टच हो जाती है तो सेंसर उसके इम्पैक्ट और डायरेक्शन में आए बदलाव को भी मिनटों में पहचान लेता है।

    बैलेंस बनाने के लिए खास डिजाइन भी

    इस खास बॉल में सेंसर चिप फिट करने के बाद भी इसके वजन और बैलेंस पर इसका कोई असर नहीं पड़ता। इसके लिए Adidas ने खास इंजीनियरिंग का यूज किया है। जिस तरफ पैनल में सेंसर फिट किया गया है, उसके बैलेंस के लिए बाकी तीन पैनल्स में बराबर वजन वाले काउंटर-वेट लगाए गए हैं।

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    बॉल को करना पड़ता है चार्ज

    हालांकि इस स्मार्ट बॉल में फिट की गई इलेक्ट्रॉनिक चिप को भी पावर की जरूरत पड़ती है। इसलिए मैच स्टार्ट होने से पहले सभी बॉल्स को खास वायरलेस चार्जिंग डॉक पर रखकर चार्ज किया जाता है। सिंगल चार्ज में ये बॉल लगातार 6 घंटे तक लगातार डेटा भेज सकती है।

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