OpenAI ने लॉन्च किए दो नए GPT-Live वॉयस मॉडल्स, बिना रुके इंसानों की तरह कर सकेंगे बात
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनी OpenAI ने अपनी नेक्स्ट-जनरेशन वॉयस टेक्नोलॉजी GPT-Live को लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसके दो मॉडल GPT-Li ...और पढ़ें

OpenAI ने लॉन्च किए दो नए GPT-Live वॉयस मॉडल्स।
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। वॉयस असिस्टेंस अब सालों से मौजूद हैं, चाहे वह ChatGPT हो या Apple की Siri। लेकिन लंबे समय से ऐसे असिस्टेंस के साथ बातचीत काफी रोबोटिक महसूस होती थी। अक्सर AI असिस्टेंट एक ही सुर में बोलते थे या इंफॉर्मेशन प्रोसेस करते समय रुक जाते थे, जिससे इंसानों की तरह होने वाली बातचीत का नेचुरल फ्लो टूट जाता था। लेकिन अब, OpenAI का कहना है कि उसके लेटेस्ट जनरेशन के वॉयस मॉडल्स, GPT-Live, इन दिक्क्तों को ठीक करते हैं, जिससे ChatGPT बिल्कुल इंसानों की तरह सुनाई देता है।
AI स्टार्टअप ने दो GPT-Live मॉडल्स - GPT-Live-1 और GPT-Live-1 mini लॉन्च किए हैं जो ChatGPT के पुराने एडवांस वॉयस मोड को रिप्लेस करेंगे। कंपनी के मुताबिक, ये मॉडल्स आपके बोलने के दौरान आने वाली रुकावटों को कम करने में बेहतर हैं, साथ ही जब आप बोल रहे होते हैं तो ये बैकग्राउंड में बहुत सारा काम कर लेते हैं।
यानी, अब आपको ट्रांसलेशन या रिसर्च जैसी चीजों को प्रोसेस करने के लिए ChatGPT के रुकने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, AI आपसे बात करना जारी रखेगा, जिससे बातचीत ज्यादा नेचुरल लगेगी।
OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन के मुताबिक, GPT-Live का इस्तेमाल आखिरकार उन्हें AI से टाइपिंग करने के बजाय बोलकर बात करने पर शिफ्ट कर सकता है। उन्होंने X पर लिखा, 'GPT-live (नेक्स्ट-जनरेशन वॉयस) आज ChatGPT में लॉन्च हो गया है। ये जादुई और 'रियल' महसूस होता है। मैंने हमेशा AI से बात करने के बजाय टाइपिंग को प्रायोरिटी दी है, अब मुझे लगता है कि ये बदलने वाला है।'
Introducing GPT-Live, a new generation of voice models for natural human-AI interaction.
— OpenAI (@OpenAI) July 8, 2026
Rolling out in ChatGPT starting today.
You’ll want to turn the sound on for this one. pic.twitter.com/WzoQFvA5ir
कैसे काम करता है GPT-Live?
GPT-Live के सेंटर में एक फुल-डुप्लेक्स आर्किटेक्चर है। OpenAI इसे AI के एक ही समय में सुनने और बोलने के तरीके के तौर पर डिस्क्राइब करता है। पुराने वॉयस सिस्टम के उलट, जो बारी-बारी से काम करते थे और रिस्पॉन्स देने से पहले आपके बोलने के रुकने का इंतजार करते थे, GPT-Live आपके बात करने के दौरान लगातार इंफॉर्मेशन को प्रोसेस करता है।
OpenAI ने कहा कि ये मॉडल को हर सेकंड कई बार ये तय करने की सुविधा देता है कि उसे बोलना है, सुनते रहना है, रुकना है, बीच में टोकना है या किसी टूल का इस्तेमाल करना है।
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प्रैक्टिकली, जब आप बोल रहे होते हैं तो ये 'mhmm', 'yeah' या 'got it' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर सकता है, जैसा कि आम तौर पर एक इंसान करता है।
GPT-Live वॉयस इंटरेक्शन को गहरी रिसर्च या कोडिंग के काम से अलग रखता है। जब किसी क्वेरी को सर्च, रीजनिंग या ज्यादा कॉम्प्लेक्स एजेंटिक कैपेबिलिटीज की जरूरत होती है, तो ये मॉडल बैकग्राउंड में उस टास्क को दूसरे सिस्टम को सौंप सकता है, जो लॉन्च के समय GPT-5.5 है और फिर रेडी होने पर रिजल्ट को वापस बातचीत में ले आता है।
रिलीज से पहले एक डेमोंस्ट्रेशन में, GPT-Live ने प्रजेंटर के बोलने के दौरान ही हिंदी में साथ-साथ ट्रांसलेशन किया और फिर पूरा होने पर हिंदी ट्रांसलेशन के साथ बातचीत में शामिल हो गया। अपडेटेड वॉयस मोड मौसम, स्टॉक और स्पोर्ट्स जैसे सब्जेक्ट्स के लिए विजुअल कार्ड भी दिखा सकता है, जबकि सर्च, मेमोरी, इमेजेस और फाइल अपलोड को सपोर्ट करना जारी रखता है।
कितना बेहतर है GPT-Live?
OpenAI के मुताबिक, नए मॉडल्स ने ह्यूमन इवैल्युएशन और टेक्निकल बेंचमार्क दोनों में पुराने एडवांस वॉयस मोड को पीछे छोड़ दिया है। 5 से 10 मिनट तक चलने वाली बातचीत में, एडवांस वॉयस मोड की तुलना में GPT-Live-1 and GPT-Live-1 mini को काफी ज्यादा पसंद किया गया, जिनकी प्रिफर्ड रिस्पॉन्स रेट क्रमशः 75.7 प्रतिशत और 69.2 प्रतिशत रही।
द वर्ज के मुताबिक, OpenAI के रिसर्च लीड कुंदन कुमार ने GPT-Live-1 को AI स्टार्टअप का अब तक का 'सबसे स्मार्ट वॉयस मॉडल' कहा है।
हर हफ्ते 150 मिलियन (15 करोड़) से ज्यादा लोग रोजाना की मदद, लैंग्वेज प्रैक्टिस, बेडटाइम स्टोरीज और सामान्य बातचीत के लिए ChatGPT के वॉयस और डिक्टेशन फीचर्स का इस्तेमाल करते हैं।
सिक्योरिटी के मामले में, OpenAI ने सेल्फ-हार्म, साइकोसिस और मेनिया, इमोशनल डिपेंडेंसी, वायलेंस और सेक्सुअल कंटेंट जैसे सेक्टर्स पर फोकस करते हुए ऑडियो-नेटिव और सिंथेटिक इवैल्युएशंस के साथ GPT-Live के लिए सेफ्टी टेस्टिंग का दायरा बढ़ाया है। कंपनी ने कहा कि मॉडल में ऐसे सेफगार्ड्स शामिल हैं जो रिस्पॉन्स को सुरक्षित आउटपुट की तरफ मोड़ सकते हैं, सेफ्टी मेसेज दिखा सकते हैं या हाई-रिस्क वाले मामलों में वॉयस कन्वर्सेशन को खत्म कर सकते हैं।
OpenAI ने टीनएज यूजर्स के लिए भी प्रोटेक्शन जोड़े हैं, जिसमें उम्र के हिसाब से व्यवहार और पैरेंटल कंट्रोल्स शामिल हैं। इसके अलावा GPT-Live को बातचीत के लिए डिजाइन किया गया है न कि किसी की आवाज की नकल करने के लिए। ये पहले से डिफाइंड आवाजों का इस्तेमाल करता है जिसमें किसी वास्तविक व्यक्ति की आवाज की नकल करने के खिलाफ सुरक्षा कवच दिए गए हैं। ध्यान रहे कि OpenAI को कथित तौर पर यूजर्स को नुकसान पहुंचाने के लिए ChatGPT के खिलाफ मुकदमों का भी सामना करना पड़ रहा है।
ChatGPT पर GPT-Live का इस्तेमाल किया जा सकता है?
OpenAI ने पुष्टि की है कि GPT-Live को iOS, एंड्रॉयड और वेब पर सभी यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा रहा है। ChatGPT Go, Plus और Pro यूजर्स के लिए GPT-Live-1 डिफॉल्ट मॉडल है। दूसरी ओर, फ्री यूजर्स के लिए GPT-Live-1 mini डिफॉल्ट मॉडल है।
GPT-Live जल्द ही API में भी उपलब्ध होगा, जिससे डेवलपर्स और एंटरप्राइजेस एक्सेस नोटिफिकेशन्स के लिए साइन अप कर सकेंगे। कंपनी ने आगे जोड़ा कि मॉडल को ChatGPT की कुछ सबसे पॉपुलर लैंग्वेज के लिए ऑप्टिमाइज किया गया है, हालांकि कुछ भाषाओं में अभी भी नॉन-नेटिव एक्सेंट या फ्लुएंसी में कमी दिख सकती है।
लॉन्च के समय, GPT-Live चैटजीपीटी के अंदर वीडियो के साथ वॉयस या स्क्रीन शेयरिंग को सपोर्ट नहीं करता है और वे फीचर्स पुराने वॉयस मोड के जरिए ही उपलब्ध रहेंगे।
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