DND एप पर TRAI सख्त, 1600 नंबर सीरीज से आने वाली फोन कॉल को नहीं कर सकते ब्लॉक
दूरसंचार नियामक ट्राई ने आईटी एक्ट के तहत अधिकृत एजेंसी का दर्जा मांगा है, जिससे वह ट्रू कॉलर जैसे कॉल मैनेजमेंट ऐप के खिलाफ कार्रवाई कर सके। ...और पढ़ें


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पीटीआई, नई दिल्ली। दूरसंचार नियामक ट्राई ने आईटी एक्ट के तहत सरकार से अधिकृत एजेंसी का दर्जा देने की मांग की है। अगर ट्राई को यह दर्जा मिल जाता है तो वह ट्रू कॉलर जैसे कॉल मैनेजमेंट एप के खिलाफ कार्रवाई कर सकेगा। ट्राई ने शुक्रवार को कहा था कि कोई भी एप 1600 नंबर सीरीज से आने वाली फोन कॉल को ब्लॉक नहीं कर सकता है। ये नंबर सीरीज नियामकीय संस्थाओं और सरकार द्वारा नागरिकों से संपर्क के लिए इस्तेमाल की जाती है।
क्या है विवाद?
ट्राई का यह बयान कॉल मैनेजमेंट एप ट्रूकॉलर साथ चल रही खींचतान के बीच आया है। यह विवाद खास नंबर सीरीज से आने वाली कॉल की पहचान को लेकर है। सोमवार को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि नियामकीय अधिकार क्षेत्र का मुद्दा तकनीकी है।

एक अधिकारी ने कहा, आईटी एक्ट के तहत कुछ एजेंसियों जैसे इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशनल सेंटर जैसी एजेंसियों को कार्रवाई करने के लिए अधिकृत करने के नियम हैं। यह काम संबंधित विभाग करता है। इसलिए बड़ा सवाल यह है कि ट्राई को कार्रवाई का अधिकार देने के लिए कौन सा विभाग अधिकृत है।
दूरसंचार विभाग का मानना है कि यह अधिकार इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के पास है। जबकि सूचना-प्रौद्योगिकी मंत्रालय का मानना है कि वह इसकी जांच करेगा और फैसला करेगा। अधिकारी ने यह भी कहा कि कि सूचना-प्रौद्योगिकी मंत्रालय सीधे तौर पर ट्रूकॉलर के मुद्दे पर विचार नहीं कर रहा है।