क्या भारत में 18 से कम उम्र वालों के लिए बदलेगा WhatsApp? फीचर का स्क्रीनशॉट आया सामने
WhatsApp कथित तौर पर भारत में कुछ यूजर्स से उनकी डेट ऑफ बर्थ मांगने लगा है, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि एप में एज वेरिफिकेशन का नियम आ सकता है। ...और पढ़ें
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WhatsApp में एज वेरिफिकेशन का प्रॉम्प्ट नजर आया है।
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। WhatsApp ने भारत में कुछ यूजर्स से उनका डेट ऑफ बर्थ मांगना शुरू कर दिया है। ये जानकारी एक टिप्स्टर के हवाले से मिली है। इससे ये कयास लगाए जाने लगे हैं कि मैसेजिंग प्लेटफॉर्म देश में भविष्य में लागू होने वाले एज-वेरिफिकेशन नियमों की तैयारी कर रहा होगा। ये दावा टिप्स्टर अभिषेक यादव की ओर से आया है, जिन्होंने X पर एक स्क्रीनशॉट शेयर किया। इस स्क्रीनशॉट में WhatsApp के अंदर एक प्रॉम्प्ट दिख रहा है, जिसमें यूजर्स से अपनी डेट ऑफ बर्थ डालने को कहा जा रहा है। स्क्रीनशॉट के मुताबिक, एप का कहना है कि ऐसा 'भारत सरकार के आने वाले नियमों' के कारण किया जा रहा है। इस पोस्ट के बाद से इंटरनेट पर ये बात शुरू हो गई है कि क्या भारत मैसेजिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कम उम्र के यूजर्स के लिए कड़े नियम लाने की योजना बना रहा है।
हालांकि, इसमें गौर करने वाली बात ये है कि न तो WhatsApp और न ही भारत सरकार ने किसी नए एज-वेरिफिकेशन नियम की आधिकारिक घोषणा की है। इसलिए जब तक कोई ऑफिशियल कन्फर्मेशन नहीं आ जाता, तब तक इन दावों को पूरी तरह सच नहीं माना जा सकता।
WhatsApp यूजर्स से उम्र क्यों मांग रहा है?
भले ही भारत में इस ताजा मामले के पीछे की असली वजह अभी साफ नहीं है, लेकिन WhatsApp का यूजर्स से उम्र पूछना कोई बिल्कुल नई बात नहीं है। अपने ऑफिशियल सपोर्ट पेज पर कंपनी समझाती है कि जब यूजर्स रजिस्टर करते हैं या कुछ खास फीचर्स का इस्तेमाल करते हैं, तो वह उनकी उम्र दर्ज करने या कन्फर्म करने के लिए कह सकती है। कुछ मामलों में ये यूजर की उम्र वेरिफाई करने के लिए अतिरिक्त जानकारी भी मांग सकती है।
INDIA MAY FOLLOW OTHER COUNTRIES ON SOCIAL MEDIA AGE RULES
— Abhishek Yadav (@yabhishekhd) August 1, 2026
WhatsApp has started asking some users in India to add their date of birth. The app says this is because of upcoming Indian government rules.
Countries like Australia have already set a minimum age for social media, and… pic.twitter.com/hRx7EgAYG4
WhatsApp के मुताबिक, उम्र की जानकारी जुटाने से उसे दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में कानूनी नियमों का पालन करने में मदद मिलती है। कंपनी का कहना है कि इस डेटा से वह यूजर्स को उनकी उम्र के हिसाब से सही एक्सपीरियंस दे पाती है, जिसमें WhatsApp पर मिलने वाले कुछ खास Meta AI फीचर्स और स्टेटस और चैनल्स में दिखने वाले विज्ञापन (जहां लागू हो) शामिल हैं।
कंपनी आगे जोड़ती है कि उम्र की जानकारी का इस्तेमाल उसकी टर्म्स ऑफ सर्विस को लागू करने, अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने, कस्टमर सपोर्ट देने, लीगल रिक्वेस्ट का जवाब देने, सेफ्टी और सिक्योरिटी बढ़ाने और यूजर्स की प्राइवेसी सेटिंग्स को बेहतर ढंग से मैनेज करने के लिए किया जा सकता है।
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WhatsApp इस बात पर भी जोर देता है कि यूजर्स द्वारा दी गई उम्र प्लेटफॉर्म पर मौजूद दूसरे लोगों को नहीं दिखती है। जैसे ही कोई यूजर 18 साल का होता है, या अपने देश में बालिग होने की कानूनी उम्र तक पहुंचता है, उसके अकाउंट को किसी भी दूसरे एडल्ट अकाउंट की तरह ही ट्रीट किया जाता है और उसे सभी फीचर्स का एक्सेस मिल जाता है।
क्या भारत में आ सकते हैं एज-वेरिफिकेशन के नियम?
इन ताजा रिपोर्ट्स ने स्वाभाविक रूप से ये सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या भारत भी उन दूसरे देशों की राह पर चल सकता है जिन्होंने कम उम्र के इंटरनेट यूजर्स के लिए कड़े नियम लागू किए हैं।
उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया ने एक ऐसा कानून पास किया है जो 16 साल से कम उम्र के बच्चों को Facebook, Instagram, TikTok, Snapchat, X, Reddit और YouTube जैसे कई बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करने से रोकता है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने कहा कि इस कदम का मकसद बच्चों को हानिकारक कंटेंट, साइबर बुलिंग और ऑनलाइन ग्रूमिंग से बचाना है। दिलचस्प बात ये है कि WhatsApp को ऑस्ट्रेलिया के 16 साल से कम उम्र के सोशल मीडिया बैन से छूट मिली हुई है और ये अपने स्टैंडर्ड ग्लोबल एज गाइडलान्स के तहत काम कर रहा है।
UK ने भी कुछ ऑनलाइन सर्विसेज के लिए सख्त एज-वेरिफिकेशन उपाय लागू किए हैं, जिससे बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करने की वैश्विक मुहिम को बढ़ावा मिला है।
अगर भारत भविष्य में ऐसे ही नियम लाता है, तो Telegram, Signal, Instagram और Snapchat जैसे प्लेटफॉर्म्स को भी यूजर्स की उम्र वेरिफाई करने की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, फिलहाल WhatsApp या भारत सरकार की तरफ से ऐसी किसी प्लान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जब तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हो जाती, तब तक इस रिपोर्ट को एक अनकन्फर्म अपडेट की तरह ही देखा जाना चाहिए।