'खिलाड़ी न होती तो मॉडल बनती', दुनिया की नंबर-1 टेनिस प्लेयर आर्यना सबालेंका ने क्यों कहा ऐसा?
वर्ल्ड नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने अपनी 'दोहरी शख्सियत' का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कोर्ट पर वह आक्रामक होती हैं, जबकि बाहर शांत ...और पढ़ें
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आर्यना साबलेंका ने कराया फोटोशूट

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। टेनिस कोर्ट पर अपने शानदार खेल से विरोधियों को परेशान करने वाली वर्ल्ड नंबर-1 महिला खिलाड़ी बेलारूस की आर्यना सबालेंका ने कहा है कि वह दोहरी शख्सियत वाली इंसान हैं। उन्होंने कहा कि वह कोर्ट के अंदर कुछ और हैं तो कोर्ट से बाहर निकलते ही वह कुछ और हो जाती हैं।
सबालेंका को 'एस्क्वायर' मैगजीन के कवर पर जगह मिली है। इस मैगजीन के लिए उन्होंने बेहद ही ग्लैमरस फोटशूट कराया है जो इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। इस फोटोशूट के दौरान इंटरव्यू देते हुए सबालेंका ने अपनी पर्सनेलिटी पर बात की और बताया कि वह कोर्ट के अंदर और बाहर अलग-अलग जिंदगी जीती हैं।
दैनिक भास्कर ने सबालेंका के हवाले से लिखा है, "मैं कोर्ट पर काफी आक्रामक और भावुक रहती हूं क्योंकि ये मेरे खेल के लिए जरूरी है, लेकिन कोर्ट से बाहर आते ही मैं बिल्कुल अलग इंसान हूं। कोर्ट के बाहर मैं ऐसी इंसान हूं जो शांत है और शांति चाहती है।"
टेनिस खिलाड़ी नहीं तो क्या होतीं?
इस दौरान जब सबालेंका से पूछा गया कि अगर वह टेनिस खिलाड़ी नहीं होतीं तो क्या कर रही होतीं? इस पर बेलारूस की खिलाड़ी ने कहा, अगर टेनिस खिलाड़ी नहीं होती तो शायद बॉक्सिंग करती या फिर मॉडलिंग। शायद प्लस साइज मॉडल। मुझे मेरे अंदर भरी आक्रामकता को निकालने के लिए कुछ ऐसा करना होगा जिसमें बहुत ऊर्जा लगे।"
पिता ने सिखाया मजबूत रहना
सबालेंका ने 2019 में अपने पिता सर्गेई को खो दिया था। वह उस समय सिर्फ 43 साल के थे। मेनिन्जाइटिस के कारण उनका निधन हो गया था। सबालेंका ने बताया कि उनके पिता ने कहा था कि चाहे जैसी भी स्थिति हो बस मजबूत बने रहना। सबालेंका ने कहा, "मेरे पिता ने मुझसे कहा था कि चाहे कुछ भी हो तुम्हें मजबूत बने रहना होगा। जीवन में सकारात्मकता और मजबूती नहीं छोड़नी है। जिस समय मैंने अपने पिता को खोया तो टेनिस ने ही मुझे बचाया था।"
उन्होंने कहा, "दुख से बाहर आने का सबसे अच्छा रास्ता ये है कि आप अपने आप को काम में पूरी तरह से झोंक दें, लेकिन अपने अंदर की भावनाओं को बाहर निकालना और रोना भी जरूरी है।"
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सर्विस करना भूल गई थीं
सबालेंका के लिए टेनिस ही सब कुछ है और इस खेल में वह जमकर मेहनत करती हैं। हालांकि, एक मैच ऐसा भी था जब सबालेंका सर्विस करना भूल गई थीं। ये बात 2022 की है जो आज तक इस खिलाड़ी को परेशान करती है। उन्होंने कहा, "जरा सोचिए, आप पूरे जीवन में एक ही काम बार-बार कर रहे हैं और एक दिन अचानक से आप सर्विस ही नहीं कर पा रहे। वह समय काफी कठिन था और मैं हार माने वाली थी, लेकिन उसी दौर ने मुझे मजबूत किया और अब मुझे अपने आप पर इतना भरोसा है कि अगर मेरी सर्विस खराब हो गई तो भी मैं मैच जीत सकती हूं।"
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