Wimbledon 2026: चेक गणराज्य की लिंडा नोस्कोवा बनीं नई 'रानी', पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतकर रचा इतिहास
चेक गणराज्य की लिंडा नोस्कोवा नई विंबलडन महिला चैंपियन बन गईं हैं। नोस्कोवा ने हमवतन कैरोलिना मुचोवा को मात देकर अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता ...और पढ़ें

लिंडा नोस्कोवा
HighLights
नोस्कोवा ने फाइनल में हमवतन कैरोलिन मुचोवा को हराया
नोस्कोवा ने फाइनल में मुचोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से हराया
नोस्कोवा ने अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता
रायटर, लंदन। चेक गणराज्य की 21 वर्षीय लिंडा नोस्कोवा ने मानसिक दबाव और जबरदस्त वापसी करने वाली हमवतन करोलिना मुचोवा की चुनौती को पार करते हुए विंबलडन महिला सिंगल्स का खिताब अपने नाम कर लिया।
नौवीं वरीय नोस्कोवा ने शनिवार को खेले गए बेहद रोमांचक फाइनल में 10वीं वरीय मुचोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से हराकर अपने करियर का पहला ग्रैंडस्लैम खिताब जीता।
गजब का हुआ फाइनल मुकाबला
पेशेवर दौर में यह पहली बार था जब विंबलडन महिला सिंगल्स के फाइनल में चेक गणराज्य की दो खिलाड़ी आमने-सामने थीं। नोस्कोवा ने पहले सेट में शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और महज 32 मिनट में 6-2 से सेट अपने नाम कर लिया।
दूसरे सेट में भी वह 5-2 से आगे थीं और उनके पास मैच खत्म करने के पांच मौके थे, लेकिन अनुभव का पूरा इस्तेमाल करते हुए 29 वर्षीय मुचोवा ने एक-एक कर सभी मैच प्वाइंट बचा लिए।
मुचोवा ने 2-5 पर तीन मैच प्वाइंट बचाए, फिर अगले गेम में नोस्कोवा की डबल फॉल्ट का फायदा उठाकर एक और मैच प्वाइंट बचाया। 4-5 पर भी उन्होंने एक और मैच प्वाइंट बचाते हुए लगातार पांच गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक तीसरे सेट तक खींच लिया।
कोर्ट पर लेट गईं नोस्कोवा
हालांकि तीसरे सेट में नोस्कोवा ने खुद को शानदार ढंग से संभाला और फिर से आक्रामक खेल दिखाते हुए 5-2 की बढ़त बना ली। मुचोवा ने एक गेम जरूर वापस लिया, लेकिन दूसरी बार मैच के लिए सर्व करने उतरी नोस्कोवा ने कोई गलती नहीं की। पहले उन्होंने दो और मैच प्वाइंट हासिल किए और फिर एक ऐसा सर्व लगाया, जिसका मुचोवा कोई जवाब नहीं दे सकीं।
जैसे ही विजयी अंक मिला, नोस्कोवा राहत और खुशी से कोर्ट पर ही लेट गईं। इस ऐतिहासिक जीत के साथ वह विंबलडन महिला सिंगल्स खिताब जीतने वाली लगातार चार वर्षों में तीसरी चेक खिलाड़ी बन गईं।
उनसे पहले मार्केटा वोंद्रोसोवा ने 2023 और बारबोरा क्रेजीकोवा ने 2024 में यह प्रतिष्ठित ट्राफी जीती थी। नोस्कोवा की यह जीत चेक टेनिस की मजबूत परंपरा को आगे बढ़ाने वाली एक और यादगार उपलब्धि मानी जा रही है।
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