विंबलडन को आज मिलेगी नई महिला चैंपियन, कैरोलिना मुचोवा और लिंडा नोस्कोवा के बीच खेला जाएगा फाइनल
इस वर्ष विंबलडन में नई महिला चैंपियन मिलना तय है। ...और पढ़ें

कैरोलिना मुचोवा
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। इस वर्ष विंबलडन में नई महिला चैंपियन मिलना तय है। शनिवार को होने वाले फाइनल में चेक गणराज्य की नौवीं वरीयता प्राप्त लिंडा नोस्कोवा और उनकी हमवतन 10वीं वरीयता प्राप्त कैरोलिना मुचोवा आमने-सामने होंगी।
ऑल इंग्लैंड क्लब में यह 2009 के बाद पहला मौका होगा जब एक ही देश की दो खिलाड़ी महिला सिंगल्स फाइनल खेलेंगी। इससे पहले 2009 में अमेरिका की सेरेना विलियम्स और वीनस विलियम्स के बीच खिताबी मुकाबला हुआ था।
दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक केवल एक मुकाबला हुआ है, जिसमें 2025 यूएस ओपन के तीसरे दौर में मुचोवा ने तीन सेटों में जीत दर्ज की थी। यह नोस्कोवा के करियर का डब्ल्यूटीए टूर पर आठवां फाइनल होगा। यदि वह खिताब जीतती हैं तो 2011 में पेट्रा क्वितोवा के बाद विंबलडन जीतने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बन जाएंगी।
टूर्नामेंट की शुरुआत में उनकी उम्र 21 वर्ष और 224 दिन थी। यह मुचोवा का दूसरा ग्रैंडस्लैम फाइनल होगा। इससे पहले वह 2023 फ्रेंच ओपन की उपविजेता रही थीं। इस बार फाइनल तक पहुंचने के दौरान उन्होंने पहली बार किसी एक ग्रैंडस्लैम में तीन ग्रैंडस्लैम चैंपियन बारबोरा क्रेजिकोवा, नाओमी ओसाका और कोको गफ को हराया है।
मुचोवा
- 5वीं खिलाड़ी हैं मुचोवा ओपन युग में ग्रैंडस्लैम फाइनल तक पहुंचने के रास्ते में तीन ग्रैंडस्लैम चैंपियनों को हराने वाली।
- उनसे पहले यह उपलब्धि क्रिस एवर्ट, सेरेना विलियम्स, एलेना रिबाकिना और ओंस जैब्युर हासिल कर चुकी हैं।
- 10 डब्ल्यूटीए स्तर के मुकाबले पहली बार लगातार जीते हैं मुचोवा ने अपने करियर में
- 29 वर्ष 312 दिन थी मुचोवा की उम्र टूर्नामेंट की शुरुआत में।
- वह 1998 में नथाली टोजियात के बाद विंबलडन महिला सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली सबसे उम्रदराज फाइनलिस्ट हैं।
नोस्कोवा
- 2020 के बाद वह विंबलडन में अपना पहला ग्रैंडस्लैम फाइनल खेलने वाली चौथी खिलाड़ी हैं।
- उनसे पहले एलेना रिबाकिना, ओन्स जैब्युर और अमांडा अनीसिमोवा यह उपलब्धि हासिल कर चुकी हैं।
- 2025 से अब तक उन्होंने घास के कोर्ट पर 19 डब्ल्यूटीए स्तर के मुकाबले जीते हैं, जो इस अवधि में किसी भी महिला खिलाड़ी से सबसे अधिक हैं।
- 21 वर्षीय नोस्कोवा यदि खिताब जीतती हैं तो वह और इस वर्ष फ्रेंच ओपन जीतने वाली 19 वर्षीय मीरा आंद्रीवा 2003 के बाद पहली बार एक ही सीजन में 21 वर्ष या उससे कम उम्र की खिलाड़ी के रूप में फ्रेंच ओपन और विंबलडन जीतने वाली जोड़ी बन जाएंगी।
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