Agra News : टाइगर मच्छर का कहर, मेडिकल छात्र समेत सामने आए डेंगू के 6 मरीज
आगरा में डेंगू और मलेरिया का प्रकोप बढ़ रहा है एसएन मेडिकल कॉलेज की छात्रा सहित कई मरीज़ संक्रमित पाए गए हैं। बारिश के कारण जलभराव से मच्छरों का प्रजनन बढ़ा है जिसकी वजह से संक्रमण फैल रहा है। स्वास्थ्य विभाग मुफ्त जाँच और इलाज की सुविधा प्रदान कर रहा है।

जागरण संवाददाता, आगरा । टाइगर मच्छर (मादा एडीज एजिप्टी) डेंगू और मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से मलेरिया का संक्रमण फैलने लगा है। एसएन मेडिकल कालेज की मेडिकल छात्रा सहित डेंगू के एक सप्ताह में छह मरीज मिले हैं। वहीं, तेज बुखार से पीड़ित पांच मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। मरीजों का इलाज घर पर ही चल रहा है।
बारिश से जलभराव के चलते मच्छर पनपने लगे हैं। मच्छरों के काटने से डेंगू और मलेरिया का संक्रमण फैल रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि मोती कटरा में रह रही 22 वर्ष की एसएन मेडिकल कालेज की एमबीबीएस की छात्रा को तेज बुखार आने पर जांच कराई गई। डेंगू की पुष्टि हुई है।
वहीं, जैतपुर कलां के रहने वाले 63 वर्ष के बुजुर्ग की भी डेंगू की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। पिछले एक सप्ताह में डेंगू के छह और मलेरिया के पांच मरीज मिले हैं। अभी तक डेंगू के 41 और मलेरिया के 11 मरीज मिल चुके हैं। सीएमओ डा. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों के साथ ही एसएन और जिला अस्पताल में डेंगू की जांच और इलाज की निश्शुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
प्लेटलेट काउंट कम होने से ना हों परेशान
डेंंगू के साथ ही वायरल संक्रमण में भी प्लेटलेट काउंट कम हो रहे हैं। एसएन के फिजीशियन डा प्रभात अग्रवाल ने बताया कि प्लेटलेट काउंट 20 हजार से कम पहुंचने पर भी घबराएं नहीं। रक्तस्राव होने पर प्लेटलेट चढ़ाने की जरूरत होती है।
ये हैं लक्षण
वायरल संक्रमण- गले में खराश, सर्दी- जुकाम और बुखार
मलेरिया - एक दिन छोड़कर बुखार आना, बच्चों में ठंड लगकर तेज बुखार आना, हीमोग्लोबिन कम होना
डेंगू- तेज बुखार, शरीर पर लाल चकत्ते पड़ना, आंखों के आस पास दर्द होना
टाइफाइड- पहले हल्का बुखार, चार से पांच दिन बात तेज बुखार, पेट दर्द, शरीर पर चकत्ते, मांसपेशियों में दर्द
घबराएं नहीं, ये करें
- मच्छरों से बचाव करें
- घर के अंदर कूलर, फ्रिज की ट्रे, गमले में पानी ना भरा रहने दें
- दूषित खाद्य पदार्थ और पानी का सेवन ना करें
- तरल पदार्थ का सेवन अधिक करें
- सरकारी अस्पतालों में निश्शुल्क जांच और इलाज की व्यवस्था की गई है
- खटमल सहित छोटे कीड़े पनपने पर बिस्तर का इस्तेमाल ना करें
- बारिश में नंगे पैर ना घूमें
- धूप में गद्दे, तकिया और बेडशीट सुखाएं ।
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