अवैध मतांतरण के लिए लेते थे लव मैरिज की आड़, आरोपितों के मोबाइल डाटा और Whatsapp चैट की जांच में सामने आ रहे नए तथ्य
आगरा में अवैध मतांतरण गिरोह के प्रमुख अब्दुल रहमान और आयशा के मोबाइल डाटा की जांच में पुलिस को नए खुलासे मिले हैं। गिरोह के सदस्य मतांतरण को छिपाने के लिए लव मैरिज का सहारा लेते थे ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके। व्हाट्सएप चैट में मतांतरित लोगों के दस्तावेज बदलने और रिवर्ट ग्रुप के खुलासे के डर से लव मैरिज की रणनीति बनाने के सबूत मिले हैं।

जागरण संवाददाता, आगरा। अवैध मतांतरण गिरोह के प्रमुख अब्दुल रहमान और आयशा समेत अन्य को जेल भेजने के बाद पुलिस उनके मोबाइल डाटा व वाट्सएप चैट का विश्लेषण कर रही है। विवेचना में नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं।
गिरोह के सदस्य मतांतरण के लिए लव मैरिज की आड़ भी लेते थे। इससे जांच एजेंसियों के रडार पर आने से बचा जा सके। साइबर थाने की टीम को आरोपितों के मोबाइल की वाट्सएप चैट की जांच में ऐसे कई साक्ष्य मिले हैं। इसमें आयशा और जुनैद कुरैशी आदि की वाट्सएप चैट भी शामिल है। इसमें सुनियोजित तरीके से मतांतरित लोगों के दस्तावेज बदलने की बात भी है। मतांतरण को छिपाने के लिए लव मैरिज की रणनीति बनाते थे।
दरअसल, रिवर्ट ग्रुप काफी चर्चित हो गया था। इसे गिरोह के सदस्यों के अलावा अन्य लोग भी जान गए थे। गिरोह के लोगों को डर था कि रिवर्ट नाम से वह जांच एजेंसियों के रडार पर आ सकते हैं। मतांतरण को लेकर कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए गिरोह के प्रमुख सदस्य आयशा, जुनैद कुरैशी, अब्दुल रहमान आदि लव मैरिज की आड़ को अपनी रणनीति का हिस्सा बना रहे थे।
आगरा से इस वर्ष 24 मार्च को गायब दो बेटियों को पुलिस ने 18 जुलाई को कोलकाता के मुस्लिम बाहुल्य तपसिया क्षेत्र से बरामद किया था। बेटियों का अवैध मतांतरण कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार किया। गिरोह का प्रमुख चेहरा दिल्ली के मुस्तफाबाद का रहने वाला अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल सिंह है।
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