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    UP News: सात जन्मों का साथ... औरेया में पत्नी की मौत के सदमे में पति ने तोड़ा दम, साथ में हुआ अंतिम संस्कार

    Updated: Thu, 28 Aug 2025 11:38 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के क्योंटरा गांव में एक हृदयविदारक घटना घटी। पत्नी के निधन के बाद सदमे में पति की भी मौत हो गई। 70 वर्षीय कृष्ण दत्त पांडेय अपनी 65 वर्षीय पत्नी दुर्गा पांडेय के अंतिम संस्कार की तैयारी देख रहे थे तभी उनकी मृत्यु हो गई। पति-पत्नी की एक साथ अर्थी निकलने पर पूरे गांव में शोक छा गया।

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    औरेया में पत्नी की मौत के सदमे में पति ने तोड़ा दम

    जागरण संवाददाता, औरैया। गांव क्योंटरा में पत्नी के अंतिम संस्कार की तैयारियां देख गुरुवार सुबह पति की सदमे से मौत हो गई। जिसके कुछ देर बाद पति की भी अर्थी सजाई गई।

    गांव की गलियों से जब पति-पत्नी की एक साथ दो अर्थी निकलीं, तो सभी लोग भावुक हो गए। हर ओर उनके अटूट प्रेम की चर्चा हो रही थी। एक साथ यमुना तट पर दोनों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया।

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    गांव क्योंटरा निवासी 70 वर्षीय कृष्ण दत्त पांडेय पुरोहित थे। शादी-विवाह सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान कराते थे। उनकी 65 वर्षीय पत्नी दुर्गा पांडेय घर-गृहस्थी का काम संभालती थी। दोनों में इतना प्रेम था कि जब पति काम से घर आते थे, तब उनके खाने के बाद भी भोजन करती थीं।

    बेटों की शादी न होने के चलते वह अभी भी रसोई संभालती थीं। कुछ समय पहले पत्नी की पित्त की थैली में गांठ हो गई थी, जिसका करीब चार महीने पहले कानपुर में ऑपरेशन कराया था। इसके बाद से वह बीमार चल रही थी। बुधवार शाम करीब चार बजे पत्नी की अचानक मौत हो गई। जिसकी सूचना पर परिवार के अन्य लोग व रिश्तेदार भी गांव आ गए।

    महिला के शव पर उनके स्वजन व रिश्तेदार सभी रो रहे थे, लेकिन वह गुमसुम रहे। सुबह जब पत्नी के अंतिम संस्कार की तैयारियां होने लगीं, सामान आने लगा, तब भी वह चुपचाप खड़े रहे। जैसे ही उनकी अर्थी तैयार हुई, अचानक वह गिर पड़े और सदमे से उनकी मौत हो गई।

    पति-पत्नी दोनों की मौत होने के बाद माहौल और गमगीन हो गया। अब ग्रामीण पति के भी अंतिम संस्कार की तैयारियों में लग गए। रोते-रोते उनके पुत्र विमल पांडेय ने ग्रामीणों के सहयोग से उनकी भी अर्थी सजाई। फिर क्या, गांव की गलियों से एक साथ वृद्ध दंपति की अर्थी निकलीं। लोग अर्थी देख अपने आंसू नहीं रोक सके। पूरे गांव में उनके प्रेम की चर्चा होती रही। यमुना तट पर दंपती का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।

    मां-बाप को नहीं देख पाया बड़ा बेटा

    कृष्ण दत्त पांडेय का बड़ा बेटा मुंबई में रहता है। वह ट्रांसपोर्ट का काम करता है। मां की मौत की सूचना पर बेटा वहां से ट्रेन से घर के लिए चल दिया था। लेकिन घर आने से पहले ही रास्ते में उसे पिता की मौत की भी खबर मिल गई।

    वह गुरुवार देर रात तक गांव आ सका। जिसके चलते उसे मां-बाप के अंतिम दर्शन भी नहीं हो पाए। देर से आए बेटे का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। बता दें दंपति के दो बेटे व एक बेटी हैं। बेटी की शादी हो चुकी है।