सीएम योगी आदित्यनाथ ने सराहा संत रविदास का योगदान, बोले संत का ही अभियान आगे बढ़ा रहे प्रधानमंत्री मोदी
मुख्यमंत्री ने मध्यकाल के कठिन समय का जिक्र करते हुए कहा कि जब विदेशी आक्रांताओं के अत्याचार और सनातन धर्म पर खतरे के बादल मंडरा रहे थे तब काशी में संत रविदास ने सामाजिक एकता के लिए समाज को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने आडंबर और रूढ़िवादिता के खिलाफ आवाज उठाई और कर्म को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

जागरण संवाददाता, अयोध्या : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को रामनगरी में रविदास मंदिर में प्रदेश सरकार की ओर से एक करोड़ 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित कराए गए सत्संग भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने संत रविदास के योगदान पर प्रकाश डाला और सभी को आत्मसात करने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास ने भारत को आक्रांताओं से मुक्ति दिलाने, सनातन मूल्यों और आदर्शों की प्रतिष्ठा, समाज को आत्मनिर्भर, स्वाभिमान संपन्न और जागरूक बनाने का जो अभियान छेड़ा था वह आज भी प्रेरक है। जिस वाराणसी के संत रविदास थे आज उसी क्षेत्र के सांसद व देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उस अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।
योगी ने शनिवार को सभा में रविदास की मानवताधर्मी भावना से अवगत कराने के लिए उनकी इस पंक्ति को उद्धृत किया, 'ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न, छोट बड़ा सब संग बसे, रैदास रहे प्रसन्न'। साथ ही याद दिलाया कि संत रविदास ने कर्मप्रधान चिंतन एवं संदेश के माध्यम से सामाजिक चेतना को जागृत किया और सामाजिक विसंगतियों के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई।
मुख्यमंत्री ने मध्यकाल के कठिन समय का जिक्र करते हुए कहा कि जब विदेशी आक्रांताओं के अत्याचार और सनातन धर्म पर खतरे के बादल मंडरा रहे थे, तब काशी में संत रविदास ने सामाजिक एकता के लिए समाज को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने आडंबर और रूढ़िवादिता के खिलाफ आवाज उठाई और कर्म को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
उनकी कहावत 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' आज भी प्रासंगिक है। प्रधानमंत्री के विकसित भारत का संकल्प, सद्गुरु संत रविदास की प्रेरणा से ही आगे बढ़ रहा है। रविदास का यही दर्शन प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प का आधार है।
‘नेशन फर्स्ट की भावना ही करेगी समृद्ध भारत का निर्माण’
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार सभी वर्गों को जोड़कर आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जब हमारा संकल्प देश के प्रति कर्तव्यों से जुड़ेगा, तो सभी समस्याओं का समाधान संभव है। हमें नेशन फर्स्ट की भावना के साथ देश को प्राथमिकता देनी होगी, तभी हम संत रविदास और भगवान राम के आदर्शों पर चलकर समृद्ध भारत का निर्माण कर सकेंगे।
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