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    कौन हैं कृष्ण मोहन? जिन्हें राम मंदिर बैठक में मिली रामजन्मभूमि ट्रस्ट की कमान, आरएसएस से नाता

    Updated: Mon, 06 Jul 2026 08:46 PM (IST)

    राम मंदिर में चोरी प्रकरण के बाद चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे स्वीकार किए गए। ट्रस्ट ने भारतीय वन सेवा से सेवानिवृत्त और आरएसएस से जुड़े कृष् ...और पढ़ें

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    डिजिटल डेस्क, अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का प्रकरण सामने आने के बाद ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें बड़ा फैसला लेते हुए कृष्ण मोहन को श्रीरामजन्मभूमि का अंतरिम महासचिव बनाया गया है। प्रकरण के खुलासे के बाद सवालों के घेरे में आए चंपतराय और डॉ. अनिल मिश्र ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे आज की बैठक में स्वीकृत कर लिया गया।

    कौन हैं कृष्ण मोहन? जिन्हें मिली ट्रस्ट की जिम्मेदारी

    कृष्णमोहन वर्तमान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र संघ चालक हैं। वे भारतीय वन सेवा के पूर्व अधिकारी (महाराष्ट्र कैडर) हैं। यूपी के हरदोई जिले के शाहाबाद के सिकंदरपुर गांव के मूल निवासी हैं। ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल के दिवंगत होने के बाद उन्हें ट्रस्ट में शामिल किया गया।

    कृष्णमोहन नागपुर में सेवा के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े। लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी उपाधिधारी। 2012 में वन विभाग से सेवानिवृत्त हुए। वह परमाणु ऊर्जा विभाग में वैज्ञानिक रहे। फिर आइएफएस अधिकारी के रूप में सेवाएं दीं।

    संघ में कई पदों पर कार्य किया। 2014 में नगर संघ चालक बने। 2017 में जिला संघ चालक और 2020 में प्रांत संघ चालक बने। 2023 में पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संघ चालक बनाए गये। वह अत्यंत सरल स्वभाव के हैं।

    महामंत्री के कार्यों का निष्पादन करने की जिम्मेदारी

    श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, न्यास की बैठक में नए महामंत्री की नियुक्ति होने तक ट्रस्टी श्री कृष्ण मोहन को महामंत्री के कार्यों का निष्पादन करने की जिम्मेदारी दी गई है।

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    साथ ही, न्यास ने एक उपयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी का चयन करने के निमित तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है जो ट्रस्ट को उपयुक्त नामों की अनुशंसा करेगी। समिति में न्यायाधीश (सेवानिवृत) प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत) विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े रहेंगे।

    बता दें कि पांच जून को पहली बार चोरी का प्रकरण सामने आने के बाद 13 जून को एसआईटी का गठन और फिर प्रारंभिक जांच के बाद अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में एक मुकदमा भी दर्ज कराया जा चुका है। पुलिस के साथ ही एसआईटी की भी जांच लगातार जारी है।

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