Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    जिसे हादसा मान रहे थे स्वजन वो निकला... प्रेम संबंध बना युवक की हत्या का कारण, तीन आरोपित गिरफ्तार

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 03:23 PM (IST)

    बदायूं के लधुपुरा में मनोहर की हत्या का खुलासा हुआ। प्रेम संबंध के चलते दीपक ने अपने मामा और दोस्त के साथ मिलकर डीसीएम से कुचलकर मनोहर को मार डाला। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मनोहर 9 मार्च को उस्मानपुर पुल के पास मृत पाया गया था जिसके बाद परिवार ने हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस जांच में कॉल डिटेल से राज खुला।

    Hero Image
    जरीफनगर थाने में खड़े मनोहर के हत्यारोपित। स्रोत पुलिस

    जागरण संवाददाता, बदायूं। लधुपुरा के मनोहर की कोई सड़क हादसे में मृत्यु नहीं हुई थी। उसे डीसीएम से कुचलकर मारा गया था। शुरुआती दौर में स्वजन भी यकीन नहीं कर पा रहे थे कि उसकी हत्या की गई है लेकिन उन्होंने केवल शक के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    जब पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की तो वह हत्या का मामला निकलकर सामने आया। उसमें शामिल दीपक की बहन से मनोहर के संबंध थे। इसलिए उसे रास्ते से हटाने के लिए हत्या कर दी गई थी। इसमें पुलिस में दीपक और उसके मामा व दोस्त को गिरफ्तार किया है। तीनों ने मिलकर हत्या को अंजाम दिया था। शुक्रवार दोपहर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

    नौ मार्च की रात उस्मानपुर पुल के नजदीक हत्या करके सड़क पर डाला था शव

    जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव लधुपुरा निवासी 24 वर्षीय मनोहर पुत्र ओमकार डीसीएम चालक था। वह नौ मार्च की शाम को अपने घर से निकल गया था। देर रात स्वजन को पता चला कि उसका शव उस्मानपुर पुल के नजदीक सड़क पर पड़ा हुआ है। इससे स्वजन वहां पहुंच गए थे।

    शव की हालत देखकर उन्हें लग रहा था कि शायद कोई वाहन उसे टक्कर मारकर चला गया है लेकिन वह देर रात वहां क्यों गया था और किसके साथ गया था। यह सवाल बना हुआ था। इसकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने दूसरे दिन उसके शव का पोस्टमार्टम करा दिया था।

    पिता ने हत्या की आशंका पर दर्ज कराई थी प्राथमिकी

    उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक्सीडेंटल चोटें बताई गई थीं। इससे पुलिस भी हादसा मान रही थी लेकिन जब उसका अंतिम संस्कार करने के बाद उसके स्वजन अपने घर पर बैठकर आपस में चर्चा कर रहे थे कि वह आखिर वहां क्यों और किसके साथ गया था। तब मनोहर की बहन ने बताया कि वह उस्मानपुर निवासी दीपक के साथ गया था। शाम को दीपक बाइक लेकर उसके घर आया था और मनोहर को बैठाकर ले गया था लेकिन शव मिलने के दौरान दीपक वहां नहीं था। इससे स्वजन ने उसकी हत्या की आशंका जताई।

    पिता ने दी थी प्राथमिकी

    उसके पिता ओमकार ने उस्मानपुर निवासी दीपक पुत्र बबलू, सर्वेश पुत्र साहब सिंह, कासगंज जिले के गंजडुडवारा क्षेत्र के गांव विकासनगर निवासी रामप्रताप चौहान, धोवरखेड़ा जरीफनगर निवासी विशाल पुत्र सत्यप्रकाश और उसके सगे भाई मोहित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी।

    पुलिस ने की पूछताछ

    पुलिस ने इन लोगों को बुलाकर जब पूछताछ की तो उन्होंने हत्या करने से इनकार किया। बोले- उनका कोई विवाद नहीं था और न ही कोई रंजिश थी। वह तो एक-दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त थे। इससे पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई तो नहीं कर पाई लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिए। पुलिस ने दीपक और उसके परिवार वालों खासकर बहन के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकलवाई। उससे पता चला कि मनोहर और उसकी बहन की अक्सर बात हुआ करती थी। दोनों के बीच संबंध थे।

    पुलिस ने किया गिरफ्तार तो कबूला जुर्म

    इसी आधार पर पुलिस ने दीपक, उसके सगे मामा विशाल और उसके दोस्त दिनेश को गिरफ्तार कर लिया। जब उनसे सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। दीपक ने बताया कि मनोहर के उसकी बहन से संबंध थे। वह उसे कई बार समझा चुका था लेकिन मनोहर नहीं माना। इससे उन्होंने मनोहर की हत्या की योजना बनाई और नौ मार्च की रात उसे उस्मानपुर पुल के पास लाकर हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक इस हत्याकांड को तीनों ही आरोपितों ने अंजाम दिया था। इसमें दो नामजद आरोपित शामिल नहीं थे।

    ऐसे हुई थी मुलाकात

    लधुपुरा निवासी मनोहर डीसीएम चालक था। हत्यारोपित दीपक भी अपने माता विशाल की डीसीएम चलाता था। उनकी अक्सर एक-दूसरे से मुलाकात हो जाती थी, जिससे उनका एक-दूसरे के घर पर आना जाना भी हो गया था। मनोहर भी अक्सर दीपक के घर जाता था। उस दौरान दीपक की बहन की शादी नहीं हुई थी लेकिन बाद में उसने शादी भी कर दी थी। इसके बावजूद दीपक की बहन और मनोहर की बातचीत बंद नहीं हुई। दीपक की बहन का अपनी ससुराल से भी रिश्ता टूट गया था। इससे वह लगातार बात कर रहे थे। इसी बात को लेकर दीपक विरोध करता था।

    दीपक को न देखती बहन तो मान लिया जाता हादसा

    अगर इस मामले में मनोहर की बहन दीपक को न देखती तो उसकी मृत्यु को हादसा मान लिया जाता। बताया जा रहा है कि दीपक ने उसके गांव आने से पहले मनोहर को कॉल भी की थी। यही पुलिस को सबसे बड़ा आधार मिला और बाद में उसकी लोकेशन भी लधुपुरा गांव में मिली। इसके अलावा मनोहर की बहन ने भी उसे देख लिया था। इससे दीपक पर शक गहरा गया था और फिर इसका राजफाश हो गया।

    यह जरीफनगर थाना क्षेत्र का मामला है। स्वजन भी जिसे हादसा समझ रहे थे। वह हत्या का मामला निकला। इसकी पुलिस ने बारीकी से छानबीन की। इससे पता चला कि मनोहर की मृत्यु कोई हादसा नहीं बल्कि उसकी हत्या हुई थी। इसमें तीन लोग पकड़े गए हैं। उन्हें जेल भेज दिया गया है। - डॉक्टर हृदेश कठेरिया, एसपी देहात