कस्तूरबा गांधी विद्यालय में DM बागपत ने छात्राओं को दी करुणा और संवेदनशीलता की सीख, श्वान के शावकों को दुलारा
Baghpat News बागपत के छपरौली में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का दौरा किया। उन्होंने छात्राओं से बातचीत की। उनसे शिक्षा और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को जानवरों के प्रति दयालु रहने की सीख दी और विद्यालय परिसर में श्वान शावकों को गोद लिया। उन्होंने बालिकाओं को उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

जागरण संवाददाता, बागपत। जिलाधिकारी अस्मिता लाल पशु प्रेमी हैं और उनका यह प्रेम शुक्रवार को छपरौली स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में देखने को मिला। उन्होंने श्वान के शावकों को गोद में लिया और उनके प्रति करुणा एवं संवेदनशीलता का व्यवहार रखने की सीख दी। ये श्वान विद्यालय परिसर के थे।
जिलाधिकारी कस्तूरबा विद्यालय में निरीक्षण करने के लिए पहुंचीं। यहां उन्होंने छात्राओं से संवाद किया। साथ ही जिलाधिकारी ने कहा कि जानवरों के प्रति दया और संवेदनशीलता हमें बेहतर इंसान बनाती है। जब हम किसी जीव-जंतु की जिम्मेदारी उठाते हैं, तो हमारे भीतर अनुशासन, करुणा और जीवन के मूल्य गहराई से विकसित होते हैं। इस पहल ने छात्राओं में न केवल उत्साह जगाया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों के अधिग्रहण का माध्यम भी है।
जिलाधिकारी ने छात्राओं से खुले मन से उनके विचार और सुझाव भी सुने। इस संवाद ने छात्राओं को अपनी बात रखने का आत्मविश्वास दिया। कई बालिकाओं ने शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने तथा अतिरिक्त गतिविधियों की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। जिलाधिकारी ने उनके सुझावों को गंभीरता से सुना और कहा कि हर उपयोगी विचार को आगे बढ़ाया जाएगा। यह दौरा केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि बेटियों के भविष्य के लिए एक सशक्त संदेश था।
उन्होंने बालिकाओं को यह भरोसा दिलाया कि समाज और शासन दोनों उनके साथ हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। यह कार्यक्रम न केवल विद्यालय की छात्राओं के लिए प्रेरणा बना, बल्कि पूरे जिले के लिए यह संदेश लेकर आया कि हर बालिका सशक्त है, हर बालिका आत्मनिर्भर बन सकती है, और प्रशासन उनके सपनों को पंख देने के लिए सदैव तत्पर है। बड़ौत एसडीएम भावना सिंह, नायब तहसीलदार अतुल रघुवंशी, बीएसए गीता चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
छात्राओं की पढ़ाई के बारे में विस्तार से ली जानकारी
जिलाधिकारी अस्मिता लाल स्वयं विद्यालय पहुंचीं तो छात्राओं में गजब का उत्साह नजर आया। उन्होंने छात्राओं के साथ एक भावनात्मक संवाद स्थापित किया। यह भ्रमण बालिकाओं के जीवन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भरने का प्रेरक प्रयास साबित हुआ। आवासीय विद्यालय में कुल 135 बालिकाएं पंजीकृत हैं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं से न केवल उनकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में विस्तार से जानकारी ली, बल्कि उनके सपनों, आकांक्षाओं और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि हर बालिका में असीम संभावनाए हैं, बस जरूरत है सही दिशा, अनुशासन और आत्मविश्वास की। संवाद के दौरान छात्राओं ने अपनी आकांक्षाएं व्यक्त की और जिलाधिकारी से वादा किया कि वह खूब मन लगाकर पढ़ाई करेंगी और अधिकारी, विज्ञानी, शिक्षक, डाक्टर, इंजीनियर, सामाजिक कार्यकर्ता बन देश समाज की सेवा करेंगी।
विद्यालय की छात्राओं के साथ भोजन किया और उनके साथ आत्मीयता से समय बिताया। बालिकाओं को केक-पेस्ट्री ट्रीट दी एवं स्टेशनरी किट और उपयोगी उपहार वितरित किए गए। जिलाधिकारी की इस पहल ने छात्राओं के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी और उन्हें यह एहसास कराया कि प्रशासन उनके साथ है और उनकी प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है।
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