राप्ती नदी किनारे पति-पत्नी ले रहे थे सेल्फी, इस बात पर हो गई तू-तू मैं-मैं; फिर जो हुआ... लग गई भीड़
Balrampur News | बलरामपुर में राप्ती नदी के कोड़री घाट पुल पर सेल्फी लेने के दौरान पति-पत्नी में विवाद हो गया। गुस्से में पत्नी ने नदी में छलांग लगा दी और उसे बचाने के लिए पति भी कूदा। चरवाहों ने पति को बचा लिया लेकिन पत्नी नदी के तेज बहाव में बह गई। फ्लड पीएसी महिला की तलाश कर रही है।

जागरण संवाददाता, बलरामपुर। राप्ती नदी के कोड़री घाट पुल पर शुक्रवार दोपहर एक बजे सेल्फी लेने के दौरान पति-पत्नी में कहासुनी हो गई। इस पर आवेश में आकर पत्नी 22 वर्षीय शीला देवी ने नदी में छलांग लगा दी।
उसे बचाने के लिए पति विजय पाल निवासी ग्राम महरौली जनपद श्रावस्ती भी नदी में कूद गया। तट पर मौजूद चरवाहों ने नदी में कूदकर विजय पाल को तो बचा लिया, लेकिन शीला देवी नदी के तेज बहाव में बह गई। फ्लड पीएसी नदी में महिला की तलाश कर रही है।
ललिया के मकुनहवा गांव की रहने वाली शीला का विवाह विजय पाल के साथ हुआ। वह कुछ दिन पहले मायके आई थी। दो दिन पहले विजय पाल उसे लेने के लिए मकुनहवा आया था। शुक्रवार को वह उसे लेकर श्रावस्ती लौट रहा था।
इसी बीच राप्ती नदी के कोड़री घाट पुल पर पहुंचने पर पति-पत्नी सेल्फी लेने के लिए रुक गए। दोनों हंसी-मजाक करते हुए सेल्फी ले रहे थे। इसी दौरान दोनों में चलने की बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। इस पर नाराज होकर शीला देवी ने अपना पर्स और चप्पल उतारकर राप्ती नदी में छलांग लगा दी।
बदहवास विजय पाल भी पत्नी को बचाने के लिए नदी में कूद गया। कोड़री घाट पर पशुओं को चरा रहे कुछ ग्रामीणों ने पति-पत्नी के नदी में कूदने पर शोर मचाया। कुछ उत्साही लोगों ने दाेनों को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी।
विजय पाल को नदी से बाहर निकालने में तो ग्रामीण सफल रहे, लेकिन शीला तेज धारा में बहती चली गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने देहात कोतवाली पुलिस को घटना की सूचना दी। आनन-फानन में पीएसी की फ्लड कंपनी कोड़री घाट पहुंच गई।
फ्लड पीएसी ने नदी में सर्च अभियान चलाया, लेकिन शीला का कुछ पता नहीं चल सका है। उधर शीला के भाई सर्वेश ने बताया कि दोनों हंसी-खुशी घर से निकले थे। मालूम नहीं कि ऐसा क्या हुआ कि शीला नदी में कूद गई। अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय ने बताया कि शीला की तलाश की जा रही है।
क्षणिक रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण आता है आत्महत्या का विचार
आत्महत्या का विचार आना एक क्षणिक रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण होता है। ऐसे समय में व्यक्ति को किसी अपने के सानिध्य या सहारे की आवश्यकता है। यदि परिवार का कोई सदस्य अचानक अंतर्मुखी हो जाए, बात करना कम कर दें, अपनी ही दुनिया में रहने लगे, तो उससे बात करके उसकी मनस्थिति को समझने का प्रयास करना चाहिए।
कई बार कोई अपने परिवार का सदस्य, मित्र या कोई जानने वाले आत्मघाती विचार आने पर हमें फोन करता है। अक्सर फोन न रिसीव करना अनहोनी का कारण बन जाता है। इसलिए कैसी भी परिस्थिति हो, अपनों के फोन काल की अनदेखी न करें।
बच्चे या परिवार के सदस्य में कोई बदलाव हो, तो उस पर ध्यान करें। इसका कारण जानने का प्रयास करें। उसकी मनोदशा को समझते हुए उसके साथ होने का अहसास दिलाएं। - डा. स्वदेश भट्ट, अध्यक्ष मनोविज्ञान विभाग, एमएलके महाविद्यालय बलरामपुर
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