बाराबंकी में बेटे को स्कूल छोड़ने के बाद व्यापारी ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, एक किमी दूर मिला शव
बाराबंकी में एक मिठाई व्यापारी ने बेटे को स्कूल छोड़ने के बाद ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। उनका सिर घटनास्थल पर मिला जबकि धड़ एक किलोमीटर दूर ज ...और पढ़ें

HighLights
मिठाई व्यापारी अनूप गुप्ता ने की आत्महत्या।
बेटे को स्कूल छोड़ने के बाद ट्रेन से कटा।
आत्महत्या के पीछे कारोबारी कारण की आशंका।
जागरण संवाददाता, बाराबंकी। फोन पर बात करते हुए शहर के व्यापारी ट्रेन के आगे जाकर खड़े हो गए। ट्रेन की चपेट में आकर उनका सिर धड़ से अलग होकर वहीं गिर गया, जबकि शरीर वहां से करीब एक किमी दूर ट्रेन में फंसकर पहुंच गया। मौके पर मिली बाइक से हुई पहचान के बाद परिवारजन व व्यापारी मर्चरी में एकत्र हो गए।
कोतवाली नगर के बड़ेल चौराहा पर रहने वाले मिठाई व्यापारी अनूप गुप्ता उर्फ अनूपी की चौराहा पर ही मिठाई की दुकान है। दुकान के ऊपर बने मकान में रहते थे। सोमवार सुबह वह अपने पुत्र को बाइक से रसौली स्थित जयपुरिया स्कूल छोड़ने गए थे।
बच्चे को वहां छोड़ने के बाद वह घर न जाकर नगर की सीमा पर स्थित नागेश्वर नाथ मंदिर के पास रेलवे क्रासिंग पहुंचे। वहां बाइक खड़ी कर वह पैदल मोबाइल फोन पर बात करते हुए रेलवे लाइन किनारे चलने लगे।
इसी बीच बाराबंकी रेलवे स्टेशन की ओर से आ रही फरक्का ट्रेन के सामने वह बात करते हुए आ गए, जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई। यह नजारा देख स्थानीय लोगों ने जहांगीराबाद पुलिस को सूचना दी।
मौके पर मिली बाइक से मृतक की पहचान कर पुलिस ने परिवारजन को सूचना भेजी। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया, लेकिन सिर को तलाशने में समय लग गया। मृतक का मोबाइल नहीं मिल सका है। पोस्टमार्टम गृह पहुंचे मृतक के तीन भाई राजेश, जुगुनू व आशीष गुप्ता ने बताया वह सुबह बच्चे को स्कूल छोड़ने गए थे।
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काफी देर होने पर जब पत्नी ने फोन किया तो अनूप ने बताया था कि वह थोड़ी देर में आ रहा है, लेकिन बाद में फोन भी बंद हो गया। जान देने के पीछे कारोबारी कारण होने की आशंका जताई जा रही है। एसओ जहांगीराबाद राम कुमार मिश्रा ने बताया कि कारणों का पता लगाया जा रहा है।