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    Bareilly Conversion Gang: 'प्लाट का बयाना आ गया है'... मैसेज डिकोड करने में लगी पुलिस, गैंग के 21 खाते फ्रीज

    Updated: Sun, 31 Aug 2025 04:00 PM (IST)

    बरेली में मतांतरण गिरोह के चार सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके 21 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। इन खातों में हुए लेन-देन की गहन जांच की जा रही है और मदरसे से जुड़े सदस्यों पर भी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस उन लोगों से भी पूछताछ करेगी जिन्होंने इन खातों में पैसे भेजे थे ताकि इस पूरे मामले की तह तक पहुंचा जा सके।

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    प्रस्तुतीकरण के लिए सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

    जागरण संवाददाता, बरेली। मतांतरण गैंग के गिरफ्तार हुए चारों सदस्यों के पुलिस ने 21 बैंक खाते फ्रीज करा दिए हैं। उनमें पड़ी रकम की भी विस्तृत जांच की जा रही है। जहां-जहां से ट्रांजेक्शन किए गए हैं एक टीम उन लोगों का भी डाटा खंगाल रही है।

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    पुलिस उनसे भी पूछताछ करेगी। वहीं, कोतवाली के जिस मदरसे से इस गिरोह का कनेक्शन जुड़ा था उसके सदस्यों का भी डाटा पुलिस ने निकाला है। उनकी भी हर गतिविधि पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

    मुस्लिम लड़कियों के माध्यम से हिंदुओं का मतांतरण कराने वाले गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसमें से गिरोह का सरगना भुता निवासी अब्दुल मजीद था। बाकी करेली निवासी आरिफ व सलमान के साथ इज्जतनगर थाना क्षेत्र का फहीम इस गिरोह में सदस्य थे।

    पुलिस ने गैंग के सरगना अब्दुल मजीद समेत सलमान

    आरोपितों ने करेली निवासी बृजपाल का ब्रेनवाश कर उसे अब्दुल्ला बनाया। जीआइसी के शिक्षक प्रभात उपाध्याय को हमीद बनाया था। इज्जतनगर थाना क्षेत्र निवासी एक किशोर को भी आरोपितों ने अपने झांसे में लिया था। पुलिस की जांच में चारों लोगों के 21 खाते सामने आए थे। इसमें से पांच खाते अब्दुल मजीद के थे जिसमें दो हजार से अधिक बार ट्रांजेक्शन में 13 लाख से अधिक रुपयों का लेनदेन हुआ था। इसमें दो खाते मजीद की पत्नी के भी शामिल थे।

    आरिफ और फहीम के खाते किए फ्रीज

    इसी सलमान के पास भी 12 खाते थे जिसमें छह खाते सलमान और छह खाते उसकी पत्नी के नाम पर थे। बाकी आरिफ और फहीम के नाम पर दो-दो खाते मिले हैं। सभी खातों की विस्तृत जांच के लिए पुलिस ने इन्हें फ्रीज करा दिया है। इनकी जांच की जा रही है।

    कोतवाली क्षेत्र के एक मदरसे से जुड़ा है गिरोह का कनेक्शन

    पुलिस का कहना हैं कि जिन लोगों को इन खातों में धनराशि भेजी है उनसे भी पूछताछ की जाएगी कि उन्होंने यह रुपया इन लोगों को क्यों भेजा था। जिससे आगे की कड़ी को जोड़ा जा सके।

    कोडवर्ड को डी-कोड करने में जुटी पुलिस टीमें

    गिरफ्तार कर जेल भेजे गए आरिफ के फोन की जांच के समय पुलिस को उसका नंबर कोतवाली स्थित एक मदरसे के वाट्स-एप ग्रुप में जुड़ा मिला था। उसकी गहनता से जांच हुई तो स्पष्ट हुआ कि इस गिरोह के सदस्यों का कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित एक अन्य मदरसे से भी इस का संबंध हैं। इस गिरोह के सदस्य उस मदरसे में जुड़े हुए थे। इन्होंने मतांतरित हुए बृजपाल को भी उस गिरोह में जोड़ लिया था।

    वाट्सएप ग्रुप से मिले कोडवर्ड

    पुुलिस का कहना है कि एक टीम को मदरसे के सभी सदस्यों की जांच को कहा गया है जिससे यह पता लगाया जा सके कि आखिर कहीं और तो नहीं जो इस गिरोह से जुड़ा हुआ है। पुलिस को वाट्सएप ग्रुप से मिले कोडवर्ड 'प्लाट का बयाना आ गया है' को भी डिकोड करने का प्रयास कर रही है। जिससे इस पूरे प्रकरण से पर्दा हट सके।

    खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई थी। साथ ही कोतवाली क्षेत्र स्थित जिस मदरसे में बृजपाल को सदस्य बनाया गया था उनके सभी सदस्यों की जांच कराई जा रही है। इस पूरे प्रकरण में जो भी लोग शामिल होंगे सभी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।  -  अंशिका वर्मा, एसपी साउथ।