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    लापरवाही में चली गई जान... बिजली कट होने पर नहीं चलाया जनरेटर, डायलिसिस के दौरान मरीज की मौत

    Updated: Sun, 15 Jun 2025 07:56 AM (IST)

    बिजनौर के मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस के दौरान बिजली जाने से जनरेटर न चलने पर एक युवक की मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। डीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए और संबंधित एजेंसी पर एफआईआर दर्ज कराने के साथ ब्लैक लिस्ट करने और कॉलेज प्रिंसिपल पर कार्रवाई की संस्तुति की है। डीएम ने अस्पताल का निरीक्षण भी किया।

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    मेडिकल अस्पताल में निरीक्षण के दौरान डीएम जसजीत कौर के सवालों का जवाब देते मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. मनाेज सेन।सूचना विभाग

    जागरण संवाददाता, बिजनौर। मेडिकल कालेज अस्पताल में शुक्रवार की डायलिसिस के दौरान एक मरीज की जान इसलिए चली गई क्योंकि बिजली कट होने पर जनरेटर को नहीं चलाया गया। जिस समय घटना हुई उसकी समय मेडिकल कॉलेज अस्पताल का सीडीओ निरीक्षण कर रहे थे। मरीज की मौत के बाद डायलिसिस सेंटर पर काफी देर स्वजन ने हंगामा किया।

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    इस दौरान डीएम भी मौके पर पहुंची और संबंधित को खूब फटकार भी लगाई। शनिवार को डीएम ने फिर अस्पताल का निरीक्षण किया और संबंधित एजेंसी पर एफआइआर व ब्लैक लिस्टेड करने के साथ कॉलेज प्रधानाचार्य पर भी कार्रवाई किए जाने की संस्तुति की है।

    मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध जिला अस्पताल में पीपी मोड पर डायलिसिस की जाती है। नहटौर थाना क्षेत्र के गांव फुलसंदा निवासी 26 वर्षीय सरफराज पुत्र निसार गुर्दे की बीमारी से ग्रस्त था। उसकी डायलिसिस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रही थी। शुक्रवार सुबह सरफराज की मां सलमा उसे लेकर अस्पताल में आई थी। डायलिसिस के दौरान करीब चार बजे युवक की हालत बिगड़ गई।

    घटना के समय सीडीओ कर रहे थे मेडिकल कॉलेज अस्पताल का निरीक्षण

    स्वजन से डायलिसिस कर रहे स्टाफ ने इंजेक्शन मंगवाया। मरीज की मां अस्पताल के बाहर से इंजेक्शन लेकर आई। कुछ देर बाद स्टाफ ने इंजेक्शन लगाया। उधर, इस दौरान बिजली चली गई और डायलिसिस प्रक्रिया बीच में रुक गई। काफी देर बाद भी जनरेटर को नहीं चलाया जा सका और इस बीच युवक की मौत हो गई। मौत की खबर पर गांव से स्वजन मौके पर पहुंच गए। स्वजन ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना पर सीएमओ डा. कौशलेंद्र सिंह और सीएमएस डा. मनोज सैन मौके पर पहुंचे।

    स्वजन का आरोप था कि डायलिसिस के दौरान कोई चिकित्सक वहां मौजूद नहीं था। स्टाफ ही डायलिसिस कर रहा था। जिस समय घटना हुई तब सीडीओ पूर्ण बोरा अस्पताल का निरीक्षण कर रहे थे। हंगामे की सूचना पर वह भी मौके पर पहुंचे और डीजल मंगाकर किसी प्रकार जनरेटर चलवाया गया। इस बीच डीएम जसजीत कौर भी अस्पताल पहुंची और उन्होंने घटना की जांच के आदेश दिए। सीडीओ प्रकरण की जांच कर रहे हैं।

    एजेंसी पर एफआईआर, प्रधानाचार्य पर कार्रवाई की संस्तुति

    मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डायलिसिस सेंटर में लापरवाही के चलते हुई युवक की मौत पर डीएम जसजीत कौर ने संबंधित एजेंसी संजीवनीके खिलाफ एफआइआर और ब्लैक लिस्टेड करने के साथ मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए शासन से संस्तुति कर दी है। डीएम शनिवार को भी मेडिकल कॉलेज में व्यवस्थाओ की जांच के लिए पहुंची और विभिन्न वार्डों में घूम कर निरीक्षण किया।