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    'आतंकी तहव्वुर राणा को लाइव हो फांसी की सजा', मुंबई हमले में आतंकियों को ढेर करने वाले पूर्व मरीन कमांडो की मांग

    Updated: Sat, 12 Apr 2025 09:33 AM (IST)

    मुंबई हमले के साजिशकर्ता आतंकी तहव्वुर राणा को भारत लाया गया है जहां उसे NIA ने गिरफ्तार किया है। हमले में आतंकियों को मारने वाले पूर्व मरीन कमांडो प्रवीण तेवतिया ने राणा को फांसी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी सजा देनी चाहिए जो एक मिसाल बने। उनका कहना है कि देश के लिए जान की बाजी लगाने वालों को कोई नहीं पहचानता।

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    मुंबई में हुए आतंकी हमले में पूर्व मरीन कमांडो प्रवीण तेवतिया भी शामिल थे।

    संवाद सहयोगी, जागरण गुलावठी/बुलंदशहर। 26/11 को मुंबई में हुए आतंकी हमले की साजिश में अहम भूमिका निभाने वाले आतंकी तहव्वुर हुसैन राणा को प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। जहां एनआईए की टीम ने उसे गिरफ्तार किया है। इस आतंकी हमले में आतंकियों को ढेर करने वाले पूर्व मरीन कमांडो प्रवीण तेवतिया ने आतंकी तहव्वुर हुसैन को लाइव फांसी की सजा दिए जाने की सरकार से मांग की है। उनका कहना है कि अन्य देशों की तरह सजा मिलनी चाहिए जो एक मिसाल बनें।

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    गुलावठी क्षेत्र के भटौना गांव निवासी पूर्व मरीन कमांडो शौर्य चक्र से सम्मानित प्रवीण तेवतिया ने मुंबई में हुए आतंकी हमले के दौरान कई गोलियां लगने के बाद भी आतंकियों का डटकर मुकाबला किया। आतंकी तहव्वुर हुसैन राणा को मिल रही तवज्जो पर प्रवीण ने गुस्से का इजहार किया।

    प्रवीण का कहना है कि अपराधी को सब जानते है लेकिन जान की बाजी लगाने वाले को कोई नहीं पहचानता। प्रवीण का कहना है कि एक आतंकी पहले भी लाया गया था, जो कि चार साल तक सलाखों के पीछे रहा। उस पर करोड़ों रुपये भी खर्च किए गए। चार साल तक उसे बिरयानी भी खिलाई गई।

    प्रवीण का छलका दर्द

    प्रवीण का कहना है कि उन्होंने आतंकी हमले के दौरान देश के लिए अपना जीवन बर्बाद कर दिया। अंग−भंग कर लिए। आज वह डिसेबल आयरनमैन बनकर खड़े है। उनका कहना है कि पूरा देश उस आतंकवादी का नाम जानता है, उस मास्टरमाइंड का नाम भी जानते है जो हमले के पीछे था, लेकिन अफसोस इस बात का है कि देश के गद्दारों के लिए जान की बाजी लगाने वाले मरीन कमांडो को कोई नहीं जानता और न ही पहचानता।

    प्रवीण कहते हैं कि उन्होंने अपने परिवार को एक तरफ रखकर इस देश का सीना गर्व से चौड़ा किया, उन्हें यह जानकर तकलीफ होती है कि आतंकी को इतनी सुरक्षा व सहूलियतें दी जा रही है। उनका मानना है कि एक सैनिक की जाब देश में थैंकलेस है। उन्हें लगता है कि फिर वर्षों पूर्व की भांति एक और आतंकी उसी तरह रखा जाएगा।

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    फेफड़ों में भी लगी थी गोली

    मुंबई के ताज होटल में हुए आतंकी हमले के हीरो रहे पूर्व मरीन कमांडो प्रवीण तेवतिया को कई गोलियां लगी थी। फेफडों में भी गोलियां लगी थी, जिसकी वजह से नेवी ने बाद में उन्हें डिसेबल मानते हुए रिटायरमेंट दे दिया था। देश के तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने प्रवीण तेवतिया को शौर्य चक्र से सम्मानित भी किया था। लेकिन उसके बाद भी प्रवीण ने 25 से अधिक हाफ मैराथन, 15 से अधिक फुल मैराथन और चार बार आयरमैन का खिताब अपने नाम किया हुआ है।

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