चंदौली चिकित्सा महाविद्यालय में इमरजेंसी सेवा और पांच ओटी शुरू, मरीजों को मिली सहूलियत
चंदौली के चिकित्सा महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन में इमरजेंसी सेवा शुरू हो गई है। प्राचार्य डा. अमित सिंह ने हवन-पूजा के बाद इसका शुभारंभ किया। विभिन्न विभागों के आपरेशन थिएटर भी अब क्रियाशील हैं। ओपीडी में प्रतिदिन 2000 मरीजों को देखते हुए सभी विभागों को जिला अस्पताल से यहां स्थानांतरित किया जा रहा है।

जागरण संवाददाता, चंदौली। चिकित्सा महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन में आपातकालीन (इमरजेंसी) सेवा आरंभ हो गई। इसके अलावा विभिन्न विभागों के आपरेशन थिएटर भी क्रियाशील कर दिए गए। हवन-पूजा के बाद प्राचार्य डा. अमित सिंह ने शुभारंभ कराया।
इस बाबत बताया कि महाविद्यालय के अस्पताल से मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए वह कृतसंकल्पित हैं। मरीजों व तीमारदारों की सुविधा के लिए कई तरह के प्रयास किए जा रहें हैं।
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उन्होंने बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन 2,000 तक नए व पुराने मरीज तीमारदार के साथ आ रहें हैं। इसको देखते हुए सभी विभागों को जिला अस्पताल से यहां स्थानांतरित किया जा रहा, ताकि मरीजों और स्वजन को किसी तरह की परेशानी न होने पाए। मेडिसिन विभाग, बाल रोग विभाग, त्वचा रोग, जनरल सर्जरी, अस्थि रोग, कान नाक गला, नेत्र रोग विभाग की ओपीडी महाविद्यालय के भवन में शिफ्ट करा कर ट्रायल के तौर पर संचालित कराई जा रही थी।
शुभारंभ के बाद इसे सुचारू रूप से चालू कर दिया गया। दावा किया कि जल्द ही दंत चिकित्सा और मानसिक विभाग की भी ओपीडी चिकित्सा महाविद्यालय के भवन में संचालित होने लगेगी। गायनी विभाग को एमसीएच विंग में शिफ्ट कराने की योजना है। उप प्राचार्य डा. नैंसी पारुल ने कहा कि मरीजों की सेवा ही उनका दायित्व है। बताया कि आपातकालीन सेवा विभाग के मरीज महाविद्यालय के भवन में ही भर्ती किए जाएंगे।
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सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की होगी सर्जरी
हादसे में घायल होकर यहां पहुंचने वालों को सर्जरी का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए एक ओटी आरक्षित की गई है। दो ओटी सर्जरी विभाग की है। एक में दूरबीन और दूसरे में सामान्य सर्जरी की व्यवस्था है। ईएनटी व दंत चिकित्सा की संयुक्त और अस्थि रोग की अलग ओटी है। 330 बेड का नवनिर्मित भवन महाविद्यालय प्रशासन को हस्तानांतरित कर दिया गया है। डा. केतकी, डा. विवेकानंद, डा. निधि, डा. धर्मेंद्र दुबे, डा. संदीप, डा. शोभित जैन आदि उपस्थित थे।
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दूरबीन विधि से पित्ताशय की हुई सर्जरी
शुभारंभ अवसर पर सर्जरी विभाग ने एचओडी डा. आलोक त्रिपाठी के नेतृत्व में सुमन व मालती के पित्ताशय ( गाल ब्लैडर) का दूरबीन विधि से सफल आपरेशन किया। इन मरीजों की हालत सामान्य है। टीम में डा. विनीत पांडेय, डा. रोहित सिंह, डा. मयंक, डा. दीक्षा व डा. शिवेंद्र के अलावा कर्मचारी
शामिल थे।
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