इटावा में पत्नी की दहेज हत्या के दोषी पूर्व प्रधान के बेटे को उम्रकैद, फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाई सजा
इटावा में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दहेज के लिए पत्नी की हत्या के छह साल पुराने मामले में पति विजय वीर को दोषी ठहराया है। उसे आजीवन कारावास और 20 हजार रुपय ...और पढ़ें

HighLights
पति विजय वीर को पत्नी की हत्या का दोषी पाया।
कोर्ट ने आजीवन कारावास और 20 हजार जुर्माना लगाया।
दहेज मांग पूरी न होने पर की थी नेहा की हत्या।
जागरण संवाददाता, इटावा। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट प्रथम रूपेंद्र सिंह टोंगर ने दहेज की मांग को लेकर पत्नी की गला दबाकर की गई हत्या के छह साल पुराने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपित पति को दोषी पाया। दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने उस पर बीस हजार रुपया का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पडेगा। आरोपित पूर्व प्रधान का बेटा है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अजीत प्रताप सिंह तोमर ने बताया कि ग्वालियर के मोहल्ला शिव कालोनी पिंटो पार्क निवासी जानकी प्रसाद ने सहसों थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया कि उसने अपनी पुत्री नेहा की शादी 21 मई 2013 को सहसों थाना क्षेत्र के गांव गढ़ैया निवासी विजय वीर पुत्र लज्जा राम के साथ की थी। शादी के बाद विजय वीर अतिरिक्त दहेज के रूप के मांग करने लगा। मांग पूरी न होने पर उसने नेहा का उत्नीड़न शुरू कर दिया।
उसे कई बार समझाने का प्रयास किया। लेकिन उसके व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं आया। मांग पूरी न होने पर उसने नेहा की 13 अगस्त 2020 को गला दबाकर हत्या कर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। छानबीन के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में पेश कर दिए।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट प्रथम में हुई। सरकार की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अजीत प्रताप सिंह तोमर ने पैरवी की। उनके द्वारा पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने विजयवीर को दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने उस पर 20 हजार रुपया का जुर्माना भी लगाया।
जुआ के लिए गहने न देने पर हत्या की थी
विजय वीर को उसकी पत्नी नेहा ने धनतेरस के दिन जुआ खेलने के लिए गहने नहीं दिए थे। इसको लेकर उसने गला दबाकर उसे मार डाला था। पुत्रवधु की मौत की पीड़ा से पूर्व प्रधान ससुर लज्जाराम सविता ने अपने प्राण त्याग दिए थे। हालांकि नेहा के पिता ने पति के खिलाफ ही दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।