उत्तर प्रदेश के किसानों को घाटे से उबरने की आस, नेपाल व घरेलू मंडियों में बढ़ी आलू की मांग
फर्रुखाबाद में आलू की मंदी से जूझ रहे किसानों को नेपाल और घरेलू बाज़ारों में मांग बढ़ने से राहत मिली है। आलू के भाव में 100 से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक का उछाल आया है। किसान अब कोल्ड स्टोरेज से आलू निकालने में रुचि दिखा रहे हैं जिससे उन्हें नुकसान कम होने की उम्मीद है। व्यापारियों को भी दीपावली तक भाव स्थिर रहने की उम्मीद है।

जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। आलू की मंदी के चलते किसान कोल्ड स्टोरेज से निकासी नहीं कर रहे थे। पिछले चार दिन से नेपाल व घरेलू मंडियों से मांग बढ़ी है। जिससे आलू भाव में 100 से 300 रुपये क्विंटल तक का उछाल आया है। कुछ किसानों ने खुद ही बाहरी मंडियों के लिए लोडिंग शुरू कराई है। कोल्ड स्टोरेज मालिकों का मानना है कि इससे काफी राहत मिलेगी, निकासी भी बढ़ेगी।
वर्षा शुरू होने के बाद से ही पिछले चार दिन से आलू के भाव में 100 से 300 रुपये क्विंटल तक की उछाल आई है। नेपाल व घरेलू मंडियों से मांग अचानक बढ़ गई है। पुखराज व ख्याती आलू 100 रुपये की उछाल के साथ 800 रुपये क्विंटल के भाव से बिका। 3797 आलू 100 से 150 रुपये उछाल के साथ 900 से 1000 रुपये क्विंटल, चिप्सोना एक हजार से 1100 रुपये क्विंटल व हालैंड 200 से 300 रुपये उछाल के साथ 1200 से 1300 रुपये क्विंंटल तक बिका।
नेपाल के लिए सोमवार को भी ट्रकों से आलू की लोडिंग की गई। इससे कोल्ड स्टोरेज मालिकों को उम्मीद जागी है कि भाव यदि यहीं पर स्थिर हुआ तब भी किसान आलू निकासी में रुचि दिखाएंगे। गत वर्ष अगस्त के पहले सप्ताह में 40 से 45 प्रतिशत आलू की निकासी हो गई थी। इस बार 25 प्रतिशत ही आलू निकल पाया है। किसान आलू निकासी में रुचि नहीं दिखा रहे थे। उन्हें लागत मूल्य तो दूर कोल्ड स्टोरेज का भाड़ा निकालने में भी कठिनाई हो रही थी।
काेल्ड स्टोरेज मालिक मोहन अग्रवाल ने बताया कि अब निकासी बढ़ी है। उम्मीद है कि अब दीपावली तक भाव में गिरावट नहीं आएगी। इस भाव से भी किसानों को कुछ राहत मिलेगी। आलू निर्यातक सुधीर शुक्ला ने बताया कि उन्होंने नेपाल के लिए सोमवार को ही ट्रक से लोडिंग कराई है, वहां से आर्डर मिल रहे हैं। वह भी अपने खेतों में आलू की पैदावार करते हैं। भाव से राहत जरूर मिली है, लेकिन अभी नुकसान है। आलू उगाने में करीब 15 हजार रुपये बीघा खर्च होता है। 750 रुपये पैकेट आलू बिके तभी कुछ रुपये किसान को मिल पाएंगे।
‘गत वर्ष 10 बीघा खेत में आलू की फसल बोयी थी। कुछ आलू बेच दिया था, जिसमें भाव ठीक मिल गया था। कोल्ड स्टोरेज में भंडारित आलू से लागत भी नहीं निकल रही है। मंगलवार को हालैंड 1202 रुपये क्विंटल व ख्याती 802 रुपये क्विंटल के भाव से बेचा है। इधर भाव में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन नुकसान अभी भी है। सरकार को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए।’
- सुशील कुमार राजपूत, निवासी जनैया सठैया।
‘गत वर्ष 20 बीघा खेत में आलू बोया था। भाव में औसतन करीब 150 रुपये क्विंटल का सुधार आया है। वह कानपुर ले जाने के लिए आलू लोड करवा रहे हैं। वहां 1300 रुपये क्विंटल का भाव बताया गया है। हालांकि अभी नुकसान है, लेकिन भाव बढ़ने से घाटे में कुछ कमी जरूर आएगी। उम्मीद है कि अभी भाव में कुछ और सुधार आएगा।’
- अरविंद कुमार दिवाकर, निवासी गैसिंगपुर
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