फर्रुखाबाद में युवकों ने टाला ट्रेन हादसा, बिजली लाइन टूट पटरी पर गिरी तो टीशर्ट और दुपट्टा दिखा रुकवाई उत्सर्ग एक्सप्रेस
फर्रुखाबाद में युवाओं की सूझबूझ से बड़ा ट्रेन हादसा टल गया। रेलवे की बिजली लाइन पर पतंग फंसने से तार टूटकर पटरी पर गिर गया, जिससे करंट फैल गया। खेल रह ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। मौत सामने होते हुए भी कुछ युवकों ने डर नहीं, बल्कि साहस और समझदारी के साथ बड़ा हादसा टाल दिया। रेलवे ट्रैक पर करंट उतरने के बावजूद मैदान में खेल रहे युवाओं ने सूझबूझ दिखाते हुए जान जोखिम में डालकर ट्रेन को रोक दिया। महिला का दुपट्टा और एक युवक की लाल टी-शर्ट से यात्रियों की जान बचा ली। मामला फर्रुखाबाद का है।
डोर के साथ स्टील के तार बंधी पतंग रेलवे की ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) लाइन में फंस गई। इससे ओएचई का तार टूटकर रेलवे लाइन पर जा गिरा। इससे कुछ दूरी पर रेलवे लाइन पर काम कर रहे ट्रैक मैन को झटका लगा। तार लड़ने से पटरी से उठी चिंगारी देख मैदान में खेल रहे युवकों ने उधर आ रही उत्सर्ग ट्रेन को लाल कपड़ा आदि दिखाकर करीब 100 मीटर पहले ही रुकवा लिया। हालांकि ओएचई लाइन की एमसीबी (मैकेनिकल सर्किट ब्रेकर) गिरने से आपूर्ति बंद हो गई, नहीं तो बड़ा हादसा भी हो सकता था। इससे 2.38 घंटे रेलवे ट्रैक बाधित रहा। इससे उत्सर्ग और अनवरगंज एक्सप्रेस ट्रेनें प्रभावित हुईं।

क्रिश्चियन कंपाउंड के पास टूटा रेलवे बिजली लाइन का तार। जागरण
तार टूटकर रेलवे लाइन पर गिरा तो ट्रैकमैन को लगा झटका
रविवार दोपहर करीब 2:36 बजे शहर के मुहल्ला बेंडीपुर मिशन कम्पाउंड के पास रेलवे की ओएचई लाइन में पतंग फंस गई। इससे रेलवे के तारों में स्पार्किंग हुई और तार टूटकर रेलवे लाइन पर गिरा। इससे पटरी में करंट दौड़ा तो कुछ दूरी पर काम कर रहे रेलवे के ट्रैकमैन आशीष कुमार को झटका लगा। इस पर मेठ इंद्रभान सिंह ने रेलवे स्टेशन मास्टर ज्योतिष कुमार को जानकारी दी।

पटरी से उठी चिंगारियां, आसपास के युवा दौड़े
ओएचई के तार लड़ने से पटरी से उठी चिंगारियों को देख आसपास मैदान में खेल रहे युवक भी वहां पहुंच गए। तभी फर्रुखाबाद-छपरा उत्सर्ग एक्सप्रेस आती दिखाई दी तो बढ़पुर निवासी अनिकेत यादव, राघवेंद्र सिंह यादव आदि ने एक महिला का लाल दुपट्टा व लाल शर्ट दिखाकर उसे रुकवाया। लोको पायलट अयोध्या प्रसाद ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। गनीमत रही कि फाल्ट के कारण ओएचई की एमसीबी गिर गई और फतेहगढ़ सेक्शन की आपूर्ति बाधित हो गई।
वापस फर्रुखाबाद स्टेशन भेजी गई ट्रेन
घटनास्थल पर चीफ लोको इंस्पेक्टर मनवीर, सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेल पथ जहीर अहमद खान, यातायात निरीक्षक इजराइल अहमद खान, सीनियर सेक्शन इंजीनियर कार्य नीरज निषाद, रोहिताश मीणा आदि पहुंचे। उसके बाद दोपहर 3:28 बजे ओएचई लाइन के कर्मचारियों ने घटनास्थल पर टूटे तार को काटकर आपूर्ति शुरू कराकर घटनास्थल से 100 पहले खड़ी उत्सर्ग एक्सप्रेस ट्रेन को आठ किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से वापस फर्रुखाबाद स्टेशन भेजा।
डोर के साथ स्टील का पतला तार बंधा था पतंग में
आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश मीणा ने ओएचई में उलझी पतंग कब्जे में ली। उसमें डोर के साथ स्टील का पतला तार बंधा था। शाम 4:10 बजे कन्नौज से रेलवे की ओएचई टावर वैन पहुंची और लाइन दुरुस्त कराई गई। उसके बाद 5:14 बजे फर्रुखाबाद से उत्सर्ग एक्सप्रेस को रवाना किया गया। उधर फर्रुखाबाद में कासगंज-कानपुर अनवरगंज एक्सप्रेस को भी 5:18 मिनट बजे रवाना किया गया।
ट्रेन घटनास्थल पर होती तो बड़ा हादसा हो सकता था
सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेल पथ जहीर अहमद खान ने बताया कि तार लड़ने से पटरी पर जलने के निशान जरूर आए हैं, लेकिन उसे बदलने की जरूरत नहीं है। लाइन में फाल्ट आने पर एमसीबी से सर्किट ब्रेक हो जाता है। लोको पायलट मनवीर ने बताया कि ट्रेन में करंट तो नहीं आया था, लेकिन यदि मौके पर ट्रेन पहुंचती तो तार के उलझने से बड़ा हादसा हो सकता था। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश मीणा ने कहा कि यहां सैकड़ों पतंगे उड़ती हैं। जांच की जा रही है कि स्टील का तार किसने बांधकर पतंग उड़ाई थी।
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