फतेहपुर में मकबरा या ठाकुर जी मंदिर; हिंदू संगठन के आह्वान पर घुसी भीड़, पथराव, जानें पूरा मामला
Fatehpur Tomb Or Thakur Ji Temple Dispute फतेहपुर के आबूनगर रेड़इया मोहल्ले में मंदिर–मकबरा विवाद सोमवार को बढ़ गया। हिंदू महासभा ने लोगों के साथ मकबरे में प्रवेश कर आरती–पूजन किए। मजारों को तोड़ा गया। पथराव हुआ। तनाव की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया है। मामला मकबरा और ठाकुर जी मंदिर को लेकर है।

गोविंद दुबे, जागरण, कानपुर। Fatehpur Tomb Or Thakur Ji Temple Dispute: फतेहपुर के शहर के आबूनगर रेड़इया मोहल्ले में ईदगाह के बगल में मकबरा बना है। हिंदू संगठनों का दावा है कि वह ठाकुर जी का मंदिर है। सात अगस्त को प्रशासन के सामने किए गए आह्वान के बाद सोमवार हिंदू संगठन के लोग मकबरे में घुस गए। तोड़फोड़ करते हुए पूजा पाठ शुरू कर दी। दूसरी तरफ मुस्लिम पथ के लोग भी आ गए। तनाव को देखते हुए पुलिस ने हिंदू संगठनों के लोगों को खदेड़ा। उधर, कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव भी शुरू कर दिया। क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी है।
सोमवार करीब 11 बजे आबूनगर स्थित मकबरे की जमीन पर ठाकुरजी का मंदिर होने का दावा करते हुए हिंदू संगठन और भाजपा नेता पहुंच गए। भाजपा जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल के आह्वान पर सोमवार सुबह दो हजार से ज्यादा लोग वहां पूजा करने पहुंचे। समिति के आह्वान के बाद सुरक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से लगाए बैरिकेड्स को लोगों ने उखाड़ फेंका। मकबरे में तोड़फोड़ की गई।
मकबरे के अंदर पूजन शुरू कर दिया गया। हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। काफी संख्या में लोग मकबरे परिसर में पहुंच गए। हिंदू महासभा के प्रांत उपाध्यक्ष मनोज त्रिवेदी ने 300 भक्तों की टुकड़ी लेकर मकबरा के अंदर प्रवेश कर आरती पूजन करते रहे। लोगों ने मकबरा के अंदर बनी दो मजारों को नुकसान पहुंचाया। इधर पुलिस कर्मियों ने भीड़ को बाहर की ओर खदेड़ा।
तनाव को देखते हुए कुछ ही देर में दोनों पक्षों के करीब तीन हजार लोग मौके पर पहुंच गए। पुलिस के 300 जवानों को मौके पर तैनात किया गया। उन्होंने दोनों पक्षों को मकबरे से दूर करते हुए गलियों में खदेड़ा। मुस्लिम पक्ष की ओर से पुलिस पर पथराव किए गए। अभी भी गली में काफी संख्या में दोनों पक्षों के लोग मौजूद हैं। पुलिस अधिकारी लोगों से अपील कर रहे हैं कि सभी लोग घरों में जाएं।
डीएम से की थी सुरक्षा की मांग
सात अगस्त को आबूनगर रेडइया में मकबरे को लेकर विवाद शुरू हो गया था। मठ-मंदिर संरक्षण संघर्ष कमेटी ने मकबरे को ठाकुर जी द्वार होने का दावा किया था। उनका कहना था कि वीरान पड़े ठाकुर द्वारा को हरे रंग से पुताने और बाहर मजार बनाया जा रहा है। पदाधिकारी डीएम से मिलकर सुरक्षा की मांग की और कहा कि ठाकुर द्वारे में इस बार भव्यता के साथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। इसे सनातन आस्था का केंद्र बताते हुए कहा कि अति प्राचीन होने के कारण सौंदर्यीकरण की जरूरत भी बताई। बताया कि श्रद्धालु यहां प्रमुख त्योहारों जैसे दीपावली, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी में दीप जलाने व पूजा अर्चना करने जाते हैं। आरोप लगाया कि अराजकतत्वों द्वारा मंदिर मार्ग को अवरूद्ध कर दिया गया है। कमेटी ने कहा था कि 11 अगस्त इस परिसर की साफ-सफाई व सौंदर्यीकरण प्रारंभ किया जाएगा।
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रेडइया का भवन पुराना मंदिर, होगी पूजा
भाजपा जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल ने कहा कि उन्होंने भी डीएम रविंद्र सिंह से मुलाकात की है और रेडइया आबूनगर के अति प्राचीन मंदिर के बारे में जानकारी दी है। इस मंदिर में करीब 12 बीघे भूमि भी है, इसकी जांच हो। मंदिर के साथ जमीन भी सुरक्षित करे। अगर किसी ने कब्जा कर रखा है तो उसका कब्जा भी खाली कराया जाए।
इंटरनेट मीडिया पर किया था आह्वान
रविवार को विश्व हिंदू परिषदीय प्रांत उपाध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष आशीष मिश्र, प्रसून तिवारी, धनंजय द्विवेदी, समेत बड़ी संख्या में लोगों ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से प्राचीन मंदिर में साफ-सफाई के लिए आम जनों से अपील कर सोमवार को सुबह 10 बजे डाक बंगला स्थिति कर्पूरी ठाकुर चौराहे में लोगों का आने की अपील की।
राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल ने मकबरा बताकर रखी मांग
रविवार को इंटरनेट मीडिया में एक पत्र प्रचलित किया गया है, जिसे नौ अगस्त को डीएम को भेजा गया है। इस पत्र में राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के महासचिव तलहा आमिर ने बताया है कि जिस विवादित स्थल को ठाकुरजी विराजमान मंदिर बताया जा रहा है, असल में वह नवाब अब्दुल समद मकबरा है। यह खसरा संख्या 753 आबूनगर रेडइया में दर्ज है। इसे राष्ट्रीय संपत्ति मकबरा मंगी के तौर पर अखिलेखों में दर्ज किया गया है। मंदिर-मठ कमेटी इसे जबरन मंदिर बता रही है और माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है। गलत व गैर कानूनी ढंग से इमारत को हथियाने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
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एसडीएम व तहसीलदार ने विवादित स्थल को देखा
रविवार को एसडीएम अनामिका श्रीवास्तव व तहसीलदार अमरेश सिंह ने दोपहर बाद रेडइया स्थित विवादित स्थल का दौरा किया। यहां पर बैरिकेड्स लगवा दिए गए हैं और इमारत को कवर कर दिया गया। हालांकि जैसे ही अफसर स्थल देखने पहुंचे तो बड़ी संख्या में लोग भी पहुंचे और यह जानने का प्रयास किया कि यहां क्या होने जा रहा है। एसडीएम सदर ने कहा कि वह उच्चाधिकारियों के निर्देश पर निरीक्षण कर रही है। शांति व्यवस्था कायम रखने की तैयारी की जा रही है।
ड्रोन से निगरानी, 10 थानों के प्रभारी तैनात
विवाद बढ़ता देख कर पुलिस ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। सोमवार के लिए जहां कर्पूरी ठाकुर चौराहे में बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने के अनुमान के तहत ड्रोन कैमरे से निगरानी तय की गयी है, तो वही दस थानों के थानाध्यक्ष, 150 सिपाही, 40 महिला पुलिस कार्मिक, और दो सेक्शन पीएसी भी लगाई गयी है।
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