गाजियाबाद में गली में भरे पानी में फिसला पैर, 3 साल की बच्ची की डूबकर मौत; गुस्साए लोगों ने एनएच-9 पर लगाया जाम
गाजियाबाद के विजयनगर में भारी बारिश और जलभराव के कारण एक तीन वर्षीय बच्ची की अपने घर में घुस आए पानी में डूबने से मौत हो गई। स्थानीय लोग खराब ड्रेनेज ...और पढ़ें

गाजियाबाद के विजयनगर के सर्वोदय नगर में तीन वर्षीय बच्ची की घर में घुस आए पानी में डूबकर मौत हो गई।
HighLights
विजयनगर में तीन वर्षीय बच्ची की डूबने से मौत।
भारी बारिश और घर में जलभराव बना मौत का कारण।
खराब ड्रेनेज सिस्टम पर स्थानीय लोगों में गुस्सा।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। विजयनगर थाना क्षेत्र के सर्वोदय नगर में बृहस्पतिवार दोपहर जलभराव के कारण तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। बच्ची का शव घर के बाहर ही पानी में तैरता हुआ मिला। घटना के बाद स्वजन और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सीवर और नाले की सफाई न होने का आरोप लगाते हुए एनएच-9 पर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया।
गली में बच्ची का पैर फिसल गया
मूलरूप से फर्रुखाबाद के सिरौली निवासी सर्वोदय नगर की गली नंबर-16 स्थित मकान में किराये पर रहने वाले सुमित कुमार सब्जी का ठेला लगाते हैं। परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटी चार वर्षीय आरवी और तीन वर्षीय पल्लवी उर्फ मानवी के साथ रहते हैं। मानवी उर्फ पल्लवी बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे घर के बाहर निकली। लगातार बारिश के कारण गली में पानी भरा हुआ था। इसी दौरान बच्ची का पैर फिसल गया और वह पानी में डूब गई लेकिन इस तरफ किसी का ध्यान नहीं गया।

बच्ची पानी में उतराती दिखी
करीब ढाई बजे बच्ची पानी में उतराती दिखी। इस पर आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल बच्ची को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। स्वजन का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से सीवर और नाले जाम हैं, जिससे बारिश के दौरान गलियों में गहरा जलभराव हो जाता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
एनएच-9 पर जाम लगा दिया
बच्ची की मौत से गुस्साए स्थानीय लोगों ने एनएच-9 पर जाम लगा दिया। उनका कहना था कि जब तक नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं आएंगे और कार्रवाई का भरोसा नहीं देंगे, तब तक बच्ची का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।सूचना पर पुलिस, प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्वजन से बातचीत कर उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। प्रशासन की ओर से बच्ची के पिता को संविदा पर नौकरी देने का प्रस्ताव भी दिया गया। देर शाम तक अधिकारियों और स्वजन के बीच वार्ता चल रही थी।