गाजियाबाद में पासपोर्ट बनवाने वाले पांच लोग निकले पाकिस्तान के मूल निवासी, एक गिरफ्तार; सरगना की तलाश
गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र में 22 फर्जी पासपोर्ट मामले में दलाल विवेक गांधी और पोस्टमैन अरुण कुमार से पूछताछ के बाद रजमीत सिंह उर्फ हजमीत सिंह ग ...और पढ़ें
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दिल्ली के करोल बाग से पासपोर्ट बनवाने वाले एक आरोपित रजमीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

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जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। भोजपुर थाना क्षेत्र में फर्जी पतों पर जारी हुए 22 पासपोर्ट के मामले में रिमांड पर लिए गए दलाल विवेक गांधी और पोस्टमैन अरुण कुमार से पूछताछ के दौरान पुलिस की अपराध शाखा ने दिल्ली के करोल बाग से पासपोर्ट बनवाने वाले एक आरोपित रजमीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। रजमीत का असली नाम हजमीत सिंह है।
हजमीत ने अपने साथ अपनी पत्नी और तीन बच्चों का गलत नाम और पते से पासपोर्ट बनवाया। यह परिवार पाकिस्तानी मूल का है। वर्ष 2012 में परिवार पाकिस्तान से आया था। वर्ष 2025 में परिवार को भारत की नागरिकता मिली। पूछताछ में पता चला कि गिरोह का मुख्य सरगना डीडीए कालोनी, ख्याला दिल्ली निवासी मुस्ताक अहमद है। मुस्ताक लंदन में रह रहे कुलवीर के जरिये हजमीत के संपर्क में आया था।
पुलिस ने जेल में बंद विवेक गांधी और पोस्टमैन अरुण कुमार को रिमांड पर लिया। दोनों से पूछताछ के करने के बाद हजमीत की जानकारी मिली। जिसके बाद पुलिस ने 35 वर्षीय हजमीत को गिरफ्तार किया। पुलिस को पूछताछ में हजमीत ने बताया कि वह पिछले 15 वर्ष से दिल्ली में किराये के अलग-अलग पतों पर रह रहा था। बार-बार पता बदलने के कारण उसका पासपोर्ट नहीं बन रहा था। वह दुबई जाकर नौकरी करना चाहता था।
पासपोर्ट बनवाने के लिए उसने लंदन में रहने वाले अपने रिश्तेदार कुलवीर से संपर्क किया। कुलवीर ने डीडीए कालोनी, ख्याला दिल्ली निवासी मुस्ताक अहमद से संपर्क करने को कहा। मुस्ताक अहमद ने प्रति पासपोर्ट एक लाख 20 हजार रुपये की मांग की। हजमीत ने अपनी पत्नी अमनप्रीत कौर, तीन व सात वर्षीय दो बेटी, 10 वर्षीय बेटे का पासपोर्ट बनवाने के लिए कुल छह लाख रुपये कैश दिए थे।
इसके बाद मुस्ताक ने उसके और उसके परिवार सहित पांच सदस्यों के लिए गाजियाबाद के भोजपुर क्षेत्र के फर्जी पतों पर आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेज तैयार कराए। नवंबर 2025 में अलग-अलग तारीखों पर उन्हें पासपोर्ट सेवा केंद्र, महरौली दिल्ली ले जाया गया। जहां पहले से साठगांठ के चलते पांचों पासपोर्ट जारी कर दिए गए। फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद सभी के पासपोर्ट निरस्त कर दिए गए।
पुलिस के मुताबिक इस पूरे गिरोह का मुख्य सरगना मुस्ताक अहमद है। जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। वर्तमान में हजमीत उर्फ रजमीत, बी-19 एसएफ फतेहनगर, तिलकनगर दिल्ली का रह रहा था। उसके पास से आधार कार्ड, पैन कार्ड और एक एप्पल कंपनी का मोबाइल बरामद हुआ है। हजमीत की पत्नी का नाम अमनजीत कौर है। जबकि पत्नी का पासपोर्ट सिमरनजीत कौर के नाम से बनवाया था। पुलिस हजमीत को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
आज 11 बजे तक होगी पूछताछ
अदालत ने विवेक गांधी और पोस्टमैन अरुण कुमार की 25 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की है। बुधवार को पुलिस ने दोनों आरोपितों से पूछताछ की। आज यानी बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे तक पुलिस पूछताछ करेगी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर पासपोर्ट बनवाने वाले 17 अन्य लोग कौन हैं? आशंका है कि अन्य लोग भी पाकिस्तानी मूल के हो सकते हैं। मुख्य सरगना के गिरफ्तार होने बाद ही तस्वीर साफ होगी।
यह था मामला : पासपोर्ट फर्जीवाड़े सामने आने के बाद अमनप्रीत कौर, जसप्रीत कौर, रितु शर्मा, मेघना राणा, रामकुमारी, दलजीत सिंह, मोहिंद्र गौर, यशोदा राय, बसंती राय, जीत कौर, शमशेर सिंह, कमलजीत कौर, इंद्र सिंह, बलविंदर सिंह, मनजीत सिंह, रजमीत सिंह, तरनजीत कौर, सिमरजीत कौर, जगमीत कौर, गुरनुर कौर, जसकरण सिंह, जपमैहर कौर, अरूण कुमार पोस्टमैन, विवेक गांधी, प्रकाश सुब्बा और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एक फरवरी को भोजपुर थाने में केस दर्ज किया गया था।
पुलिस ने इनमें से पोस्टमैन अरूण कुमार, विवेक गांधी, प्रकाश सुब्बा, दो आवेदक अमनदीप सिंह और उनकी मां सातवंत कौर को गिरफ्तार किया था। जबकि भोजपुर थाने के मुंशी दीपक कुमार को आरोपितों से सांठगांठ के आरोप में निलंबित किया था। इनके अतिरिक्त भोजपुर थाना ध्यक्ष सचिन कुमार, फरीदनगर चौकी प्रभारी रूस्तम सिंह, चुडियाला चौकी प्रभारी मनोज कुमार समेत भोजपुर थाने में तैनात दारोगा रामकुमार, प्रशांत संसरवाल, महेंद्र सिंह, विकास सैनी, अंकित कुमार और आदित्य गौतम को लाइन हाजिर किया था।
दो सिपाहियों मुरादनगर थाने में तैनात सिपाही संदीप और मोदीनगर थाने में तैनात विनीत को भी लाइन हाजिर किया जा चुका है। जिन आरोपितों के पासपोर्ट बनाए गए थे उन्हें रद कर दिया गया है।
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