Updated: Sat, 30 Aug 2025 06:44 PM (IST)
गाजीपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए नो हेलमेट नो फ्यूल अभियान शुरू किया गया है। जिलाधिकारी के नेतृत्व में 30 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य लोगों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करना है। एआरटीओ ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है और पेट्रोल पंप संचालकों से बिना हेलमेट वाले चालकों को ईंधन न देने का आग्रह किया है।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। सड़क सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जनपद में आज से एक माह तक नो हेलमेट, नो फ्यूल विशेष अभियान की शुरुआत हो गई है। यह अभियान 30 सितंबर तक चलेगा, और इसे जिलाधिकारी के नेतृत्व में जिला सड़क सुरक्षा समिति (डीआरएससी) द्वारा समन्वित किया जाएगा।
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एआरटीओ धनवीर यादव ने इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए आम जन से अपील की है कि वह इस अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग करें। उनका कहना था कि यह अभियान नागरिकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करने के लिए है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।
यह अभियान केवल दंड लगाने के उद्देश्य से नहीं है, बल्कि नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना है। एआरटीओ ने बताया कि हेलमेट पहले, ईंधन बाद में का नारा इस अभियान का मुख्य आधार है।
पेट्रोल पंप संचालकों से भी कहा गया है कि वह इस पहल में सहयोग करें और सुनिश्चित करें कि बिना हेलमेट के किसी भी दोपहिया वाहन चालक को ईंधन न दिया जाए। अभियान में पुलिस, राजस्व विभाग, जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारी मुख्य प्रवर्तक होंगे।
मोटर वाहन अधिनियम के तहत, दोपहिया वाहन चालकों और पिलियन के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है, और उल्लंघन पर जुर्माने का भी प्रावधान है। यह अभियान एक सार्वजनिक हित में चलाया जा रहा है।
एआरटीओ ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल दंडित करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि नागरिक सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और खुद को और दूसरों को सुरक्षित रखें। हेलमेट पहनना जीवन का सबसे सरल बीमा है, और इस कदम से हम सड़क सुरक्षा को एक नई दिशा देने में सफल होंगे।
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