अफ्शा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर मामले में उमर अंसारी की जमानत याचिका खारिज
गाजीपुर जिले में मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है। उमर पर आरोप है कि उसने अपनी मां अफ्शा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर कर न्यायालय में अपील दाखिल की थी जिसका उद्देश्य देवड़ी बल्लभ दास में स्थित उनकी संपत्ति को हड़पना था।

जागरण, संवाददाता, गाजीपुर। न्यायालय में दायर याचिका में अपनी मां 50 हजार रुपये की इनामी अफ्शा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर के आरोपित मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी की जमानत अर्जी अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शक्ति सिंह की अदालत ने गुरुवार को खारिज कर दी।
शहर कोतवाली के देवड़ी बल्लभ दास में अफ्शा अंसारी की संपत्ति को 2021 में कुर्क किया गया था। संपत्ति का बाजार मूल्य करीब दस करोड़ रुपये है। पुलिस के अनुसार इसी प्रापर्टी को हड़पने के उद्देश्य से उमर अंसारी ने वकील लियाकत अली की मदद से अफ्शा का फर्जी हस्ताक्षर कर न्यायालय में अपील दाखिल की थी। मुहम्मदाबाद पुलिस ने बीते चार अगस्त को लखनऊ से उमर अंसारी गिरफ्तार किया था और आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे जेल भेज दिया गया। मामले में लियाकत अली के खिलाफ मुकदमा दर्ज है।
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अफ्शा अंसारी जो 50 हजार की इनामी है और काफी दिनों से पुलिस इसकी तलाश कर रही है। शहर कोतवाली के देवढ़ीवल्लभगढ़ में अफ्शा अंसारी की करीब दस करोड़ की संपत्ति को वर्ष 2021 में कुर्क की गई थी। एमपी -एमएलए कोर्ट ने भी इस कार्रवाई को सही ठहराया था। इसी प्रापर्टी को हड़पने के उद्देश्य से कोर्ट में 11 जुलाई को अपील दाखिल की गई थी। जिसमें अफ्शा अंसारी का हस्ताक्षर किया गया था। इस हस्ताक्षर का मिलान किया गया तो वह फर्जी मिला।
मुहम्मदाबाद कोतवाली में मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी और उनके वकील लियाकत अली के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। एसपी ने बताया कि अफ्शा अंसारी गाजीपुर समेत अन्य जनपदों में कई मुकदमों में फरार चल रही हैं और उसके खिलाफ 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है। साथ ही उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया गया है। वहीं गाजीपुर पुलिस माह के शुरुआत में ही लखनऊ गुपचुप पहुंची और तीन अगस्त की रात कार्रवाई करते हुए वापस गाजीपुर भी ले आई। माना जा रहा है कि उमर से कई प्रकरणों को लेकर पूछताछ भी की गई है।
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पिता मुख्तार अंसारी के निधन और बड़े भाई अब्बास अंसारी की विधानसभा की सदस्यता समाप्त होने के बाद उमर अंसारी राजनीति में कदम रखने की तैयारी में था। माना जा रहा था कि उपचुनाव में उमर अंसारी की राजनीति में एंट्री हो सकती है। अन्यथा वर्ष 2027 के चुनाव में तो उतरना तय था। मां अफ्शा अंसारी के फेर में उमर को जेल जाना पड़ा है। मां फरार हैं। उस पर 50 हजार का इनाम घोषित है। इससे पहले माफिया मुख्तार अंसारी मुख्तार अंसारी की जेल में रहते हुए मौत हुई थी। भाई अब्बास अंसारी भी जेल जाना पड़ा था। सांसद अफजाल अंसारी भी जेल जा चुके हैं।
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