National Sports Day: हौसलों को मिली उड़ान, अंतरराष्ट्रीय चमकने लगे खिलाड़ी
गोरखपुर के खिलाड़ी अब हॉकी-कुश्ती के अलावा अन्य खेलों में भी नाम रोशन कर रहे हैं। प्रीति दुबे 2028 ओलिंपिक की तैयारी कर रही हैं तो शगुन ग्रैंड स्लैम जीतना चाहती हैं। आदित्या यादव ने डेफ ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीता है। वहीं कामिल खान यूपी टी-20 लीग में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रभात कुमार पाठक, जागरण गोरखपुर। कभी हाकी और कुश्ती के गढ़ के रूप में दुनिया भर में मशहूर गोरखपुर अब अन्य खेलों में भी देश-दुनिया में अपनी छाप छोड़ रहा है। महिला हाकी में प्रीति दूबे हो या डेफ ओलिंपिक में बैडमिंटन की टीम स्पर्धा की स्वर्ण पदक विजेता आदित्या यादव। या फिर टेनिस में शगुन कुमारी।
ये सभी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोरखपुर का परचम लहरा रहीं हैं। यही नहीं बाक्सिंग, वालीबाल, हैंडबाल, क्रिकेट व फुटबाल जैसे खेलों में भी यहां के युवा अपनी छाप छोड़ रहे हैं। खेल सुविधाओं और प्रतिस्पर्धा के मामले में यहां हुए व्यापक परिवर्तन का ही प्रमाण है कि कभी हाकी और कुश्ती के लिए पहचाना जाने वाला यह शहर अब विभिन्न खेलों में भी अपनी अलग पहचान रहा है।
2028 लास एंजिलिस ओलिंपिक के लिए पसीना बहा रहीं प्रीति
भारतीय हाकी टीम से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली गोरखपुर की बेटी प्रीति दुबे का अब अगला लक्ष्य अब 2028 में अमेरिका के लास एंजिलिस में होने वाले ओलिंपिक में देश के लिए खेलना है। इसको लेकर काफी मेहनत कर रहीं हैं।
हाकी खिलाड़ी प्रीति दुबे।
मूल रूप से खजनी क्षेत्र के भेउसा गांव निवासी प्रीति दूबे ने कक्षा छह से नौवीं तक की पढ़ाई वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कालेज से की। उसके बाद ग्वालियर एकेडमी चली गईं। महज 17 वर्ष की उम्र में रियो डी जेनेरियो ओलिंपिक 2016 में हाकी स्टिक से बेहतर खेल का प्रदर्शन करने वाली फारवर्ड खिलाड़ी प्रीति को कई वर्षों तक टीम में वापसी के लिए कड़ी मेहनत करना पड़ा और अंतत: इसका फल उन्हें टीम में चयन के रूप में मिला है।
इससे पूर्व 19 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंडर-23 सिक्स नेशन टूर्नामेंट बेल्जियम में बतौर कप्तान अपना अंतिम मैच खेला था। वर्ष 2016 में रियो ओलिंपिक के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज वह भारतीय महिला हाकी टीम की सदस्य हैं।
शगुन कुमारी
ग्रैंड स्लैम जीतना है शगुन का सपना
अपने खेल से देश में गोरखपुर की पहचान दिलाने वाली टेनिस खिलाड़ी शगुन का सपना ग्रैंड स्लैम जीतना सपना है। साथ ही महिला वर्ग में वह शीर्ष रैकिंग हासिल करना चाहती है। शगुन पांच वर्ष की उम्र से ही टेनिस खेल रही है। ग्यारह वर्ष की उम्र में ही पहला राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा जीता था। पहली बार वर्ष 2018 में प्रयागराज में आयोजित राष्ट्रीय रैकिंग टैलेंट सीरीज टेनिस अंडर-12 टूर्नामेंट में प्रतिभाग किया और फाइनल मैच अपने नाम किया।
आज शगुन के पास न सिर्फ 51 से अधिक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का न सिर्फ अनुभव है बल्कि वह इसकी विजेता भी है। इस वर्ष 13 सितंबर से गुडगांव में आइटीएफ (इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन) की तरफ से आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय टेनिस प्रतियोगिता में मेडल जीतने के लिए कड़ी मेहनत कर रहीं हैं। इसमें आस्ट्रेलिया, चाइना व थाइलैंड समेत विभिन्न देशों के खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं।
आदित्या यादव, अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी
डेफ ओलिंपिक से आदित्या को मिली पहचान
बैडमिंटन सनसनी के नाम से मशहूर जिले की 16 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी आदित्या यादव आज देश-विदेश में जिले का नाम रोशन कर रही है। ब्राजील डेफ ओलिंपिक के टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2022 में ही ब्राजील में आयोजित डेफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी भारत को पांच पदक दिलाने में उनकी भूमिका निभाने वाली आदित्या गत 22 जनवरी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 से सम्मानित हो चुकी हैं।
एक बार फिर आदित्या टोक्यो, जापान में 20 से 27 नवंबर तक आयोजित होने वाले डेफ ओलिंपिक-2025 के लिए चयनित हुईं हैं। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि इस बार फिर व देश के लिए गोल्ड मेडल हासिल करेंगी।
कामिल खान
यूपी टी-20 में बल्ले से कमाल दिखा रहे कामिल
उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन यूपी टी-20 लीग का तीसरे चरण गोरखपुर लायंस की टीम में कामिल खान का चयन किया गया है, जो अपने बल्ले से 'कमाल' दिखा रहे हैं। शहर के चिलमापुर रुस्तमपुर के रहने वाले कामिल खान बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने के लिए जाने जाते हैं।
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वह आफ स्पिन गेंदबाजी भी करते हैं। कामिल यूपी से 2017-18 में अंडर-16 टीम के भी सदस्य रहे हैं। वर्ष 2021-22 में अंडर-19 टीम के सदस्य रहे, वर्ष 2023 में यूपी टी-20 लीग में काशी रूद्रा टीम के लिए खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया। गत दिनों गोरखपुर लायंस टीम के लिए नोएडा में हुए ट्रायल के बाद इनका चयन किया गया। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि दोनों ही अपने बेहतर प्रदर्शन के दम पर भविष्य में राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने में सफल होंगे।
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