गोरखपुर में रिकॉर्ड न्यूनतम तापमान, धुंध से मिलेगी राहत, पछुआ हवा का इंतजार
गोरखपुर में लगातार तीसरे दिन धुंध छाई रही, जिससे दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। हालांकि, रात का न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस तक ...और पढ़ें

मार्च के पहले 10 दिन में बीते 25 वर्ष में रिकार्ड हुआ सर्वाधिक न्यूनतम तापमान। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। आसमान में धुंध का प्रभाव लगातार तीसरे दिन सोमवार को भी सुबह से रात तक बना रहा। उसके साए के चलते धूप को खुलकर जमीन तक पहुंचने अवसर नहीं मिल सका। ऐसे में दिन का तापमान तो 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं बढ़ सका लेकिन रात के तापमान में अप्रत्याशित रूप से बढ़ोतरी दर्ज की गई।
बीते दिन के मुकाबले करीब तीन डिग्री सेल्सियस चढ़कर यह 21.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विज्ञानी कैलाश पांडेय के अनुसार न्यूनतम तापमान का यह आंकड़ा उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बीते 25 वर्ष के मार्च के पहले 10 दिन में सर्वाधिक है। मौसम विज्ञानी दो दिन में इससे निजात का पूर्वानुमान जता रहे हैं। अध्ययन के आधार पर इसका कारण भी बता रहे हैं।
मौसम विज्ञानी ने बताया कि ऊपरी वायुमंडल में पांच हजार फीट की ऊंचाई पर पुरुवा हवा चल रही है। यह हवा धूल के कड़ों को वाष्प की बूंदों के साथ ऊपरी वायुमंडल में लंबित कर दे रही है। इस कार्य में उसे बिहार से लेकर बंगाल की खाड़ी तक बने निम्नवायुदाब क्षेत्र का साथ मिल रहा है।
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उसकी सह पर ही सतह की धूल ऊपरी वायुमंडल में पहुंच रही है। धुंध का रूप लेकर धूप का रास्ता रोक दे रही है। मौसम विज्ञानी के अनुसार इससे मुक्ति ऊपरी वायुमंडल में चलने वाली पछुआ हवा दिलाएगी, जिसके दो दिन तक चलने की संभावना है।
पछुआ हवा चलते ही धुंध छटेगी और धूप अपनी पूरी चमक के साथ जमीन पर पहुंचने लगेगी। ऐसे में अधिकतम तापमान तेजी से चढ़ेगा और तीन से चार दिन में 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचेगा। इसके विपरीत न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट आएगी। यह एक बार फिर 20 डिग्री सेल्सियस के नीचे आ जाएगी।
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