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    अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाने वाले रेलकर्मियों को मिलेगा पुरानी पेंशन का लाभ, पूर्वोत्तर रेलवे ने जारी की गाइडलाइन

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 08:31 PM (IST)

    रेलवे ने अनुकंपा के आधार पर नियुक्त उन कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ देने का फैसला किया है, जिनके आश्रित की मृत्यु 1 जनवरी 2004 से ...और पढ़ें

    अनुकंपा पर नौकरी पाने वालों को भी मिलेगा पुरानी पेंशन का लाभ।

    अनुकंपा पर नौकरी पाने वालों को भी मिलेगा पुरानी पेंशन का लाभ।

    HighLights

    1. अनुकंपा नियुक्ति पर पुरानी पेंशन योजना का लाभ।

    2. आवेदन की तिथि को माना जाएगा निर्णायक।

    3. पूर्वोत्तर रेलवे ने जारी किए आवश्यक निर्देश।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। ऐसे रेलकर्मियों जिनकी एक जनवरी 2004 से पहले मृत्यु हो गई थी, उनके आश्रितों को यदि अनुकंपा के आधार पर नौकरी एक जनवरी 2004 के बाद भी मिली है, तब भी वे पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के लाभ से वंचित नहीं रहेंगे। वे भी ओपीएस के हकदार होंगे।

    शर्त केवल यह है कि अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन 31 दिसंबर, 2003 अथवा उससे पहले जमा हुआ हो। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) के 22 जून, 2026 के आदेश के आधार पर रेलवे बोर्ड ने 24 जून, 2026 को इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए हैं।

    पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने भी इस आदेश के क्रम में लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल के साथ मुख्यालय गोरखपुर तथा सभी कारखाना प्रबंधन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।

    इससे तकनीकी कटआफ तिथि के कारण वर्षों से लंबित पड़े मामलों का निस्तारण हो सकेगा और ऐसे अनुकंपा पर नियुक्त कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिल सकेगा, जो अब तक इसका इंतजार कर रहे थे।

    दरअसल, अनुकंपा के मामलों में अक्सर नियुक्ति पत्र मिलने में देरी होती है। इसे ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय ने तय किया है कि वास्तविक नियुक्ति की जगह अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन करने की तिथि को ही मुख्य तिथि (क्रूशियल डेट) माना जाएगा।

    अभी तक पुरानी पेंशन का लाभ उन लोगों को ही मिलता है, जिनकी भर्ती प्रक्रिया एक जनवरी, 2004 पहले शुरू हो गई थी अथवा नियुक्ति मिल गई थी। अब उन सभी लंबित मामलों का निपटारा तेजी से हो सकेगा, जहां आश्रितों की पुरानी पेंशन रुकी हुई थी। रेलवे प्रशासन की नई गाइड लाइन से रेलकर्मियों में हर्ष है। कर्मचारी संगठनों ने रेल मंत्रालय की इस पहल का स्वागत किया है।

    खबरें और भी

    एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) के महामंत्री बसंत लाल चतुर्वेदी बताते हैं कि आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा ने रेलवे बोर्ड के साथ आयोजित स्थायी वार्ता तंत्र (पीएनएम) और नेशलन काउंसिल आफ ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (एनसीजेसीए) की बैठक में इस प्रकरण को प्रमुखता से उठाया था।

    रेलवे बोर्ड ने कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने से जुड़े सभी लंबित मामलों पर कड़ा रुख अपनाया है। बोर्ड ने सभी जोन को निर्देशित किया है कि 22 दिसंबर, 2003 से पहले विज्ञापित पदों पर भर्ती हुए कर्मचारियों के सभी लंबित मामलों का अंतिम विवरण 10 जुलाई, 2026 तक अनिवार्य रूप से भेज दें।

    चेतावनी दी है कि कार्मिक एवं पेंशन विभाग के निर्देशों के अनुसार 15 जुलाई, 2026 के बाद इस प्रकार के किसी भी नए अथवा छूटे हुए मामले पर विचार नहीं किया जाएगा। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या चूक पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

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