हापुड़ चाकू हमला: दीपांशु के स्वजन की योगी सरकार से एनकाउंटर की मांग, पलायन की धमकी दी
हापुड़ के सिंभावली में दीपांशु पर चाकू से जानलेवा हमला करने वाले अरमान और फैजान के एनकाउंटर की मांग को लेकर परिवार ने पलायन की धमकी दी है। पुलिस हमलाव ...और पढ़ें

आरोपित की तलाश में दबिश देती पुलिस टीम।
HighLights
दीपांशु पर अरमान और फैजान ने किया जानलेवा चाकू हमला।
पीड़ित परिवार ने हमलावरों के एनकाउंटर की मांग की, पलायन की धमकी।
पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी, आरोपी भूमिगत, सीसीटीवी लगाए।
ठाकुर डीपी आर्य, सिंभावली (हापुड़)। अरमान और फैजान, फिलहाल इन नामों की चर्चा हिंदु युवक दीपांशु पर चाकू से जानलेवा हमला करने के चलते हो रही है। लेकिन इनका परिचय केवल इतना मात्र नहीं है। गाजियाबाद के खोड़ा की घटना के बाद जिस समय प्रदेश में अलर्ट है, उस वक्त पुलिस चौकी के पास दीपांशु पर जानलेवा हमला करना, इनकी आपराधिक फितरत को बयां करने के लिए काफी है। इनके ग्रुप में दो दर्जन से ज्यादा युवक हैं। केवल बक्सर- सिंभावली में ही नहीं, आसपास के क्षेत्र में इनकी दबंगई है। यह शातिर अपराधी भी हैं।
तभी तो घटना के तत्काल बाद वह सहारनपुर क्षेत्र की ओर दौड़ गए, जहां से जल्द पकड़े जाना आसान नहीं है। यही कारण है कि अस्पताल में जिंदगी-मौत के बीच झूल रहे दीपांशु के स्वजन सरकार से इनके एनकाउंटर की मांग कर रहे हैं। एनकाउंटर नहीं होने की स्थिति में वह क्षेत्र से पलायन का एलान कर चुके हैं। क्योंकि वह जानते हैं कि आरोपित उनको यहां पर अब रहने नहीं देंगे। दीपांशु के भाई गुरजीत शर्मा ने बताया कि हमारी एक ही मांग है कि हमलावर युवकों काे एनकांउटर में मारा जाए, वरना वह हमको रहने नहीं देंगे। इससे कम पर कोई समझौता नहीं है।
थाना क्षेत्र के बक्सर गांव में पांच जून की रात को मुस्लिम युवकों ने रास्ते में घेरकर दीपांशु शर्मा पर चाकू से जानलेवा हमला किया था। इस हमले में उसके चेहरे और सिर पर चाकू से कई वार किए गए। हमलावर मरा समझकर छोड़कर भाग गए थे।
इस मामले में पुलिस रातभर हमलावरों की तलाश में छापामारी करती रही, लेकिन कोई हाथ नहीं लग सका। दरअसल हमला करने के बाद वह सहारनपुर की ओर दौड़ गए। उसके बाद से मोबाइल स्विच आफ आ रहे हैं। पुलिस की कई टीम उनकी तलाश में जुटी हैं। डीआइजी ने आसपास के जिलों की एसओजी को भी सक्रिय कर दिया है। वहीं एसएचओ सिंभावली सुरेश कुमार पूरे मामले की मानीटरिंग कर रहे हैं।
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घर पर लगवा रखे हैं सीसीटीवी
आरोपितों के साथ ही उनके परिवारों के पुरुष सदस्य भी भूमिगत हो गए हैं। कस्बे में रहने वाले उनके रिश्तेदार भी रातोंरात कहीं पर चले गए हैं। घर पर केवल महिलाएं हैं। वह पुलिस का सहयोग करने तक को तैयार नहीं हैं। पुलिस के सवालों का उत्तर ही नहीं दे रही हैं। अपने मोबाइल भी स्विच आफ करके रख दिए हैं, जिससे पुलिस को कोई लिंक ही नहीं मिल सके।
केवल इतना ही नहीं, अपने-अपने घरों को सीसीटीवी की कवरेज में किया हुआ है। जबकि गांवों में अक्सर ऐसा नहीं होता है। आरोपितों ने पुलिस कर सख्ती से बचने के लिए एेसा किया है। यही कारण है कि पुलिस को उनके छिपे होने की जानकारी तक नहीं मिल पा रही है।
दीपांशु के नाम से भी हुआ भ्रम
गाजियाबाद के खोड़ा की घटना के बाद प्रदेश की पुलिस अलर्ट मोड पर है। हिंदु-मुस्लिम के विवादों को तत्परता से लिया जा रहा है। बक्सर के झगड़े में पुलिस को बताया गया कि अरमान और फैजान ने अपने साथियों के साथ हमला करके पाशु नाम के युवक को घायल कर दिया है।
प्रारंभिक सूचना पर पुलिस ने यही समझा कि झगड़ा होने वाले दोनों पक्ष मुस्लिम हैं। ऐसे में पुलिसकर्मी पहले घायल को लेकर मेरठ मेडिकल चले गए। मेरठ के परिवार के लोगों के पहुंचने पर जानकारी हुई कि घायल युवक हिंदु है। उसके बाद पुलिस में हड़कंप मचा, लेकिन तक तब हमलावर भागकर दूर निकल गए थे।
हमारी टीम हमलावरों के करीब हैं। वह जल्द गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। हम पीड़ित पक्ष के लगातार संपर्क में हैं। कहीं पर भय या खौफ जैसी स्थिति नहीं है। हमलावर व उनका कोई साथी आंख उठाकर भी नहीं देख पाएगा। हमलावरों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। मामले को बेवजह राजनीतिक तूल नहीं दिया जाए।
सुरेश कुमार- एसएचओ- सिंभावली।