UP News: कन्नौज में मतांतरण गिरोह का भंडाफोड़, आंध्र प्रदेश के धर्म प्रचारक सहित पुलिस ने चार किए गिरफ्तार
कन्नौज के इस्माइलपुर में पुलिस ने जबरन मतांतरण के आरोप में 4 लोगों को गिरफ्तार किया जिनमें आन्ध्र प्रदेश का गोवड़ा प्रसाद भी शामिल है। प्रसाद प्रार्थना सभाओं में ईसा मसीह को श्रेष्ठ साबित करने के लिए अनोखे तरीके अपनाता था। वह लोगों को बीमारी ठीक करने और गरीबी दूर करने का प्रलोभन देता था। एटीएस भी मामले की जांच कर रही है।

सोहम प्रकाश, कन्नौज। स्थान-ग्राम ईस्माइलपुर में मलिखान शाक्य का घर। समय-26 अगस्त की शाम करीब 6 बजे। प्रार्थना सभा चल रही है। इसी बीच गुरसहायगंज कोतवाली पुलिस छापा मारकर 18 महिला-पुरुषों को हिरासत में लेती है।
14 को पूछताछ के बाद छोड़ा गया और शेष दो पुरुष-दो महिलाओं को जबरन मतांतरण के आरोप में अगले दिन जेल भेजा गया। इनमें मुख्य आरोपित आंध्र प्रदेश का गोवड़ा प्रसाद दिल्ली के एक चर्च से भी जुड़ा है। उसका नेटवर्क उत्तर भारत के कई जनपदों में फैला है।
पानी में डूबोते हैं देवताओं की प्रतिमा
वह ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार करने के लिए प्रार्थना सभाओं में उपदेश के साथ-साथ ब्रेनवाश करने को अनूठे तरीके अपनाता रहा है। वह प्रार्थनासभा में ईसा मसीह की लकड़ी की मूर्ति को पानी में डुबोता तो वह तैरती रहती जबकि किसी देवी-देवता की मिट्टी की मूर्ति को पानी में डुबोकर उसके गलने पर यह साबित करने की कोशिश करता कि ईसा मसीह ही सच्चे प्रभु हैं। एसपी विनोद कुमार ने बताया कि मतांतरण में विदेशी फंडिंग के पहलू पर भी जांच की जा रही है।
खुद को धर्मगुरु बताने वाले गोवड़ा प्रसाद ने कन्नौज की बागडोर यहीं के सौरिख थाने के ग्राम मिश्रपुर के धर्मेंद्र को सौंप रखी थी। प्रार्थना सभा कब-कहां होगी, यह वही तय करता था।
वह आयोजक से करीब सात-आठ हजार रुपये लेता था। प्रार्थनासभा में अशिक्षित, गरीब व निचले तबके के लोगों को बीमारी सही होने, गरीबी दूर करने, कुंवारों की शादी करने, मिशनरी की तरफ से आर्थिक मदद का प्रलोभन दिया जाता। मिशनरी से जुड़ने पर होने वाले लाभ गिनाए जाते।
मौके पर 14 लोगों को पकड़ा गया
लोगों को श्रद्धा स्वरूप 10-20 रुपये भेंट किए जाते। ईस्माइलपुर में जब छापेमारी की गई तो चढ़ौती राशि के साथ ही हिंदी और तमिल में प्रकाशित बाइबिल मिलीं। मौके पर गोवड़ा प्रसाद और गोरखपुर के गोपालपुर गोला निवासी मंजू जाटव समेत 14 लोगों को पकड़ा गया।
अब एटीएस भी जांच-पड़ताल कर रही है। आंध्र प्रदेश के जनपद गोदावरी पूर्वी राजमेंटरी टरपू कंबल पेटा निवासी गोवड़ा प्रसाद का ईसाई धर्म अपनाने से पहले यादव था। पुलिस ने जब उसे पकड़ा तो उसने खुद को फरीदाबाद का निवासी बताया और फिर वहां का आधार कार्ड भी दिया। लेकिन असल में वह आंध्र प्रदेश का निकला।
ईस्माइलपुर में मतांतरण से परदा उठने से करीब छह वर्ष पहले ठठिया थाने के ग्राम ककरघटा में अंग्रेजी दंपती के आने की भनक लगने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया था।
इस गांव में गैर प्रांत में काम करने गए युवक ने लौटने के बाद अपनी जमीन पर ग्रामीणों के सहयोग से चर्च बनवाया था। रविवार को आसपास के गांवों के लोग प्रार्थना सभा में जुटते थे। चर्च का निर्माण कराने वाले युवक के बैंक खातों आदि की पड़ताल की गई और कुछ दिनों बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
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