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    कानपुर में बुजुर्ग महिला को छह दिन रखा डिजिटल अरेस्ट, ठगे 21 लाख

    Updated: Wed, 18 Mar 2026 11:43 PM (IST)

    कानपुर के किदवई नगर में एक बुजुर्ग महिला साइबर ठगी का शिकार हो गईं। ठग ने खुद को मुंबई पुलिस आयुक्त बताकर उन्हें छह दिन तक 'डिजिटल अरेस्ट' रखा। ...और पढ़ें

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    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    जागरण संवाददाता, कानपुर। किदवई नगर में एक वृद्धा साइबर ठगी की शिकार हो गई। ठग ने खुद को मुंबई का पुलिस आयुक्त बताकर छह दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। आतंकी घटनाओं में शामिल होने की बात कह डराया और जेल भेजने के साथ घर को सील करने की धमकी देकर 21 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर करवा लिए।

    किसी तरह से हिम्मत जुटाकर वृद्धा ने एक परिचित को आपबीती बताई तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद पुलिस से शिकायत की।

    किदवईनगर एच ब्लाक में रहने वाली स्नेहलता ने बताया कि वह किराए के मकान में अकेले रहती हैं। बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने कृष्णा नगर और दिल्ली के विकास सदन स्थित मकान बेचा है, जिसकी रकम उनके खाते में जमा है।

    दस मार्च की सुबह एक काल आई। कालर ने उन्हें आतंकी घटनाओं में उनका नाम आने की बात कहकर धमकाया। कुछ देर में पुलिस घर भेजने की बात कहकर वीडियो काल उठाने का दबाव बनाया। वीडियो काल उठाते ही सामने एक पुलिस अधिकारी अपने कार्यालय में बैठा दिखा।

    उसने खुद को मुंबई पुलिस आयुक्त बताया। इसके बाद अभद्रता करना शुरू कर दिया तो वह डर गईं। इसके बाद जेल भेजने की धमकी दी। कहा कि अगर खुद को बचाव करना है तो रुपये देने होंगे। दहशत में वह उनके झांसे में आ गई। इसके बाद 13 मार्च को स्टेट बैंक आफ इंडिया खाते से 20 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

    16 मार्च को भी आरटीजीएस व अन्य माध्यमों से 50 हजार, 49 हजार और 1 हजार रुपये और ट्रांसफर करवाए। रुपये ट्रांसफर करवाने के बाद आरोपितों ने उन्हें काल नहीं की।

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    स्नेहलता ने बताया कि उनका एक मकान शहर में और है, जिसको बेचने की बात चल रही है। इसी सिलसिले में उन्हें बाहर जाना था। आरोपित ने उन्हें घर के बाहर जाने या किसी के घर आने से रोक दिया था, लेकिन जब उन्हें 80 लाख रुपये में मकान का सौदा होने की जानकारी हुई तो उन्हें घर से जाने दिया।

    ठगों ने 80 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर होने की जानकारी मांगी, लेकिन वह टाल गईं। डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साइबर सेल की मदद से रुपये वापस कराने का प्रयास किया जाएगा।