मालेगांव विस्फोट.... सुधाकर द्विवेदी की बहू ने बयां किया दर्द, बोली- कौन देगा 17 सालों के दुर्दिनों का हिसाब
मालेगांव विस्फोट मामले में अदालत से बरी सुधाकर द्विवेदी उर्फ दयानंद पांडेय का परिवार कानपुर में रहता है। एटीएस ने सुधाकर द्विवेदी को 12 नवंबर 2008 को कानपुर से ही गिरफ्तार किया था। वहीं सुधाकर का परिवार रावतपुर गांव का रहने वाला है। पिता उदयभान द्विवेदी पुलिस से रिटायर्ड दारोगा हैं। परिवार में पत्नी है और एक दिव्यांग बेटा है।

जागरण संवाददाता, कानपुर। मालेगांव विस्फोट मामले में अदालत से बरी सुधाकर द्विवेदी उर्फ दयानंद पांडेय का परिवार कानपुर में रहता है। एटीएस ने सुधाकर द्विवेदी को 12 नवंबर 2008 को कानपुर से ही गिरफ्तार किया था।
सुधाकर का परिवार रावतपुर गांव का रहने वाला है। पिता उदयभान द्विवेदी पुलिस से रिटायर्ड दारोगा हैं। परिवार में पत्नी है और एक दिव्यांग बेटा है। बेटा इंजीनियरिंग करने के बाद हैदराबाद की एक कंपनी में नौकरी करता है, लेकिन वर्तमान समय में वह अमेरिका में है। पिता भी यहीं रहते हैं। हालांकि पत्नी से अभी बात नहीं हो पाई है। वह गोरखपुर में अपने मायके में है।
परिवार इस फैसले को लेकर कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। घर में मिलीं सुधाकर के भाई की पत्नी ने केवल इतना कहा कि भले ही उनके जेठ निर्दोष साबित हुए हैं, मगर उनके 17 सालों के दुर्दिनों का हिसाब किताब कौन देगा। मूलरूप से यह परिवार मिर्जापुर का रहने वाला है।
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